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समाचार

'भंसाली की हैसियत है जर्मनी में हिटलर के खिलाफ फिल्म बनाने की?'

जयपुर, जयपुर में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के सेट पर करणी सेना के उत्पात से जहां बॉलीवुड आग-बबूला है, वहीं खुद करणी सेना को अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है. उसका कहना है कि गलती भंसाली की ही है जो फिल्म के जरिए इतिहास से छेड़छाड़ कर रहे हैं.  राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कल्वी ने कहा कि हमारी नाक के नीचे राजपूतों की धरती पर हमारे पूर्वजों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो चीजें इतिहास में हैं ही नहीं वो फिल्म में नहीं दिखाई जानी चाहिए.
'हिटलर के खिलाफ बनाएं फिल्म'
कल्वी ने कहा कि हमने यही बात जोधा-अकबर के समय भी कही थी. उन्होंने सीधे-सीधे चुनौती देते हुए कहा कि क्या भंसाली की हैसियत जर्मनी में जाकर हिटलर के खिलाफ फिल्म बनाने की है. कल्वी ने फिल्म के खिलाफ करणी सेना के गुस्से जो पूरी तरह से जायज ठहराया.
फिल्म के सेट पर की अभद्रता
फिल्म 'पद्मावती' में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ के आरोप में करणी सेना ने फिल्म के सेट पर जमकर उत्पात मचाया. सेना के कार्यकर्ताओं ने निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ अभद्रता भी की. फिल्म की शूटिंग जयपुर के जयगढ़ फोर्ट में चल रही थी.

   

दिल्लीः मोर्टार मिलने से मचा हड़कंप, NSG की टीम मौके पर पहुंची

नई दिल्ली,  दिल्ली के वसंत कुंज इलाके स्थित मछलीवाला पार्क में एक लावारिस मोर्टर शेल मिलने से हड़कंप मच गया. मोर्टार शेल की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई है.
मोर्टार मिलने की सूचना पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है. मोर्टार मिलने की सूचना पर पुलिस ने पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी है.
दिल्ली पुलिस के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, मोर्टार शेल लावारिस हालत में एक कूड़ेदान में पड़ा था. बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुला लिया गया है.
    A mortar shell was found lying in a village of Kishan Garh in Vasant Kunj area of Delhi; area cordoned off; NSG requested to send a team
    — ANI (@ANI_news) January 28, 2017

    #SpotVisuals Mortar shell found in a village situated in Vasant Kunj area of Delhi; Police and NSG team on the spot pic.twitter.com/QMcY0lwEWB
    — ANI (@ANI_news) January 28, 2017

फिलहाल एनएसजी और बम निरोधक दस्ते की टीम मामले की जांच में जुटी है. वहीं पुलिस आसपास के लोगों से इस बारे में पड़ताल कर रही है.

   

मुजफ्फरनगर जिला जेल कैदियों ने मचाया उत्पात, 33 के खिलाफ केस दर्ज

मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की जिला जेल में कैदियों ने शुक्रवार को जमकर उत्पात मचाया. कैदियों ने जेल का फर्नीचर तोड़ डाला और जेलकर्मियों को धमकी देने के साथ-साथ हिंसा भी की. इस संबंध में पुलिस ने आठ ज्ञात और 25 अज्ञात कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि घटना शुक्रवार को उस वक्त हुई जब जेल के वार्डन ने विवेक नाम के एक कैदी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया था. इसके बाद विवेक ने उत्पात मचाना शुरु कर दिया.
विवेक के नेतृत्व में दूसरे कैदी जेल के मुख्य द्वार के पास जमा हो गए और जेल का फर्नीचर तोड़ दिया. पुलिस और जेल कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया.
जेल अधीक्षक के अनुसार जेल अधिकारियों ने हिंसा और जेल कर्मचारियों को धमकाने के लिए 30 से अधिक कैदियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. इस मामले में 8 कैदियों को नामजद किया गया है. अन्य अज्ञात में दर्ज हैं.
इसी बीच जेल अधिकारियों ने शुक्रवार की घटना में संलिप्त पाए गए कैदियों को दूसरी जेल में भेजने का आदेश दिया है. एक जेल अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद जेल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

   

भारत-भूटान-नेपाल में 6 बार नजर आए थे UFOs, अमेरिकी एजेंसी की रिपोर्ट में दावा

वॉशिंगटन. अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की अप्रैल 1968 की एक रिपोर्ट के 9 लाख 30 हजार दस्तावेजों को हाल ही में ऑनलाइन किया गया है। इनमें बताया गया है कि लद्दाख, सिक्किम, भूटान और नेपाल में उन दिनों छह बार यूएफओ (अनआईडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स) दिखाई दिए थे। पूरे इलाके में रोशनी हो गई थी...
- अमेरिकी सिक्युरिटी एस्टेब्लिशमेंट यूएफओ के मसलों को बीते कुछ सालों से खारिज करता रहा है।
- इससे उलट सीआईए और अमेरिकन एयरफोर्स ने 1950 और 1960 के दशकों में यूएफओ के बारे में कई संजीदा रिपोर्ट्स दी थीं।
- इसके बाद इस रहस्य का पता लगाने के लिए सीआईए के साइंटिफिक इंटेलिजेंस ऑफिस ने साइंटिफिक एडवायजरी पैनल बनाया था।
- हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, सीआईए ((सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 1968 में साउथ लद्दाख, नॉर्थ-ईस्ट नेपाल, नॉर्थ सिक्किम और वेस्टर्न भूटान के ऊपर छह बार चमकदार आब्जेक्ट्स देखे गए थे।"
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें कुछ ऑब्जेक्ट्स में इतनी ज्यादा लाइट थी कि पूरे इलाके में रोशनी हो गई थी।
नेपाल में कहां नजर आई?
- 25 मार्च 1968 को रात में नेपाल के कास्की में चमकदार ऑब्जेक्ट दिखाई दिया। इसमें लाइट जलती और बुझती थी।
- रिपोर्ट में कहा गया, "एक बड़ी सी मैटेलिक तश्तरीनुमा चीज पोखारा से 4 मील नॉर्थ-ईस्ट में बाल्तीचौर में नजर आई। इसका बेस करीब 6 फीट और हाइट 4 फीट थी।"
लद्दाख में 2 बार दिखा यूएफओ
- रिपोर्ट में बताया गया है, "4 मार्च 1968 को दोपहर में 1 बजे लद्दाख के चांग्ला, फुक्चे और कोयुल में एक चमकदार ऑब्जेक्ट नजर आया। यह ईस्ट से वेस्ट की तरफ जा रहा था।"
- "एक व्हाइट रोशनी साथ ही दो धमाकों की आवाज सुनाई दीं। व्हाइट धुएं के साथ रेड रोशनी नजर आई।"
- रिपोर्ट में बताया गया है कि लद्दाख में ही 25 मार्च 1968 को दूसरी बार यूएफओ दिखाई दिया।
- 25 मार्च को जो ऑब्जेक्ट नजर आया वह देमचॉक की ओर जा रहा था। इसमें रॉकेट की तरह व्हाइट-यलो रोशनी नजर आ रही थी।
- यह आब्जेक्ट 20000 से 25000 फीट की ऊंचाई पर था।
सिक्कम-नेपाल में तूफान जैसी आवाज सुनाई दी
- 19 फरवरी 1968 को नॉर्थ-ईस्ट नेपाल और नॉर्थ सिक्कम में रात 9 बजे रफ्तार के साथ जाता हुआ एक चमकदार ऑब्जेक्ट नजर आया।
- यह सिक्किम के लाचुंग, लाचेन, थांगु, मुगुथांग और छोलामु में दिखाई दिया।
- यह इतना चमकदार था कि इलाके में रात में भी रोशनी हो गई थी। छोलामू में जब यह नजर आया तो तूफान जैसी आवाज सुनाई दी थी।
भूटान में बगैर आवाज वाला यूएफओ दिखा
- इनके अलावा 21 फरवरी 1968 को रात 9.30 बजे भूटान की राजधानी थिंपू में ब्लू कलर की रोशनी वाला ऑब्जेक्ट दिखाई दिया।
- यह बगैर आवाज किए तेजी से जा रहा था। इसमें लाइट इतनी ज्यादा थी कि पूरे इलाके में रोशनी हो गई थी।
- हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इन रोशनीदार आब्जेक्ट्स के बारे में सीआईए किस नतीजे पर पहुंची थी।
- इसमें यह भी नहीं बताया गया कि नेपाल के कास्की में नजर आए ऑब्जेक्ट में धमाका हुआ तो इसके बाद उसका क्या हुआ।

   

गठबंधन के ऐलान से पहले ही प्रियंका और डिंपल के रंग में रंगे कांग्रेस-सपा के पोस्टर

नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश में अभी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन कार्यकर्ता इस गठबंधन को अभी से भुनाने में लग गए हैं. इतना ही नहीं जगह-जगह उत्तर प्रदेश में पोस्टर पर प्रियंका गांधी और डिंपल यादव की एक साथ तस्वीरें देखी जा सकती हैं.
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक नया पोस्टर सामने आया जिसमें प्रियंका गांधी और डिंपल यादव के साथ लोकल उम्मीदवार की पोस्टर पर तस्वीर है. उसमें लिखा गया है कि यूपी में अब बज गया महिला सशक्तिकरण का डंका मोर्चे पर डिंपल भाभी, बहन प्रियंका.
दरअसल समाजवादी पार्टी सरकार पर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध को नहीं खत्म करने का आरोप विरोधी दल लगाते रहे हैं. इसलिए कहीं ना कहीं महिला वोटरों को रिझाने के लिए डिंपल यादव और प्रियंका गांधी के नाम और तस्वीरों का सहारा कार्यकर्ता ले रहे हैं.
समाजवादी पार्टी डिंपल यादव से और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और नेता प्रियंका गांधी से कई बार गुहार लगा चुके हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टियों के लिए प्रचार करना चाहिए. पहले से ही कई प्रयास किए जा रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में किसी चुनावी रैली में प्रियंका गांधी और डिंपल यादव राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ नजर आएं.
समाजवादी पार्टी के कई नेता कह चुके हैं कि डिंपल केवल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी ही नहीं लेकिन समाजवादी पार्टी की सांसद भी हैं. जिसके नाते उन्हें चुनाव में गठबंधन के लिए प्रचार करना चाहिए. जहां तक बात प्रियंका गांधी की है, वहां कई बार उत्तर प्रदेश के कांग्रेसी नेता कह चुके हैं कि प्रियंका गांधी को अब रायबरेली और अमेठी के बाहर भी पार्टी के लिए प्रचार करना चाहिए.

   
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