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ये कैसी चूक? 50 पैसेंजर्स को छोड़कर जाने लगी फ्लाइट, रनवे पर हंगामे के बाद रोकी गई

मुंबई.कोच्चि से मुंबई जाने वाले पैसेंजर्स को अजीबोगरीब स्थिति का सामने करना पड़ा। उनकी स्पाइसजेट की फ्लाइट उन्हें छोड़कर रनवे पर मूव करने लगी। इस पर पैसेंजर्स ने रनवे पर हंगामा खड़ा कर दिया। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स ने इसे सिक्युरिटी में बड़ी चूक करार दिया और जांच की मांग की है। मामले में एयरलाइंस की तरफ से अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। कोच्चि एयरपोर्ट पर क्या हुआ था...

- स्पाइसजेट में ट्रैवल करने वाले कार्तिक रमानी ने बताया कि उनकी फ्लाइट को शाम 8.55 बजे मुंबई पहुंचना था। लेकिन एयर ट्रैफिक ज्यादा होने से लेट हो गई।

- शनिवार शाम 7.50 बजे पैसेंजर्स को बस में बैठाकर टर्मिनल से फ्लाइट तक पहुंचाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई।

- रमानी आखिरी बस में थे, जिसमें उनके साथ करीब 40-50 पैसेंजर सवार थे। बारिश के चलते बस बीच में ही अटक गई और 30 मिनट खड़ी रही।
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खिड़की से देखा तो कोच्चि एयरपोर्ट पर उस वक्त दो एयरक्राफ्ट खड़े थे। एक बड़ा बोइंग 737 और दूसरा छोटा Q400, जिसे चेन्नई जाना था।
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रमानी के मुताबिक, 'हम सभी बस के चलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान उनका एयरक्राफ्ट मूव करने लगा। भरोसा था कि फ्लाइट हमें छोड़कर नहीं जाएगी।'

-पैसेंजर्स ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में इस पूरे वाकये का जिक्र किया है।

कमांडर ने फ्लाइट ऑपरेट से किया मना

- इसके बाद बस वहां खड़े छोटे एयरक्राफ्ट के पास पहुंची। पैसेंजर्स ने क्रू को बोर्डिंग पास दिखाए, लेकिन क्रू ने कहा, उनकी फ्लाइट तो पहले ही चली गई।

- इसी बीच बोइंग 737 भी मूव करने लगा, सभी पैसेंजर गुस्से में चिल्लाने लगे। बोइंग रनवे पर था और वहां मौजूद क्रू घबराकर किसी को कॉल करने लगा।
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इसके बाद बोइंग को 20 मिनट तक रनवे पर रोका गया। इस गड़बड़ी से फ्लाइट कमांडर काफी गुस्से में था। उसने कहा कि वह फ्लाइट ऑपरेट नहीं करेगा।
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क्रू पर काफी चिल्लाने के बाद वह ऑपरेट करने के लिए राजी हुआ। ये बहुत अजीब था कि फ्लाइट की 25 फीसदी सीटें खाली थीं, जबकि बुकिंग फुल थी।
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स्पाइसजेट की इस भूल और लेटलतीफी के चलते आखिरकार रात 10 बजे फ्लाइट मुंबई के लिए टेकऑफ कर पाई।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

- आईसीएओ के रिटायर्ड सिक्युरिटी ऑडिटर पी. मनमोहन ने बताया कि साल 1985 में कुछ आतंकी एयर इंडिया की फ्लाइट में घुस आए थे। ऐसी ही घटना में उन्होंने अपना सामान तो फ्लाइट में रख दिया, लेकिन अंदर नहीं चढ़े थे। जिसका खामियाजा बमबारी के तौर पर सामने आया था।

- इस घटना के बाद पैसेंजर्स और उसने सामान को एक साथ चेकइन कराया जाने लगा। नियम ये है कि अगर किसी का सामान फ्लाइट में है और शख्स अंदर मौजूद नहीं है तो ऐसी स्थिति में सामान बाहर निकाल दिया जाता है।

   

गर्मी से देश बेहाल: जैसलमेर बॉर्डर पर टेम्परेचर 54, कई शहरों में पारा 45 पार

नई दिल्ली.देश भर में भारी गर्मी पड़ रही है। मंगलवार को राजस्थान के जैसलमेर में भारत-पाक बॉर्डर पर सबसे ज्यादा 54 डिग्री टेम्परेचर दर्ज किया गया। वहीं, देश के नॉर्थ और नॉर्थ-वेस्ट हिस्सों में टेम्परेचर 45 डिग्री के आसपास रहा। इंडियन मीटियरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) के मुताबिक इस हफ्ते टेम्परेचर 47 डिग्री के आसपास बना रह सकता है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में मानसून के दस्तक देने के कारण लोगों को राहत मिल सकती है। कौन-से शहर रहे सबसे गर्म...

- वेदर डिपार्टमेंट ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली के लिए अलर्ट जारी किया है।

- इसमें वॉर्निंग दी गई है कि इन राज्यों में हीट वेव की इन्टेंसिटी बढ़कर 'हीट वेव टू सीवर हीट वेव' तक पहुंच सकती है। इस वजह से टेम्परेचर 47 डिग्री के आसपास रह सकता है।

- बंगाल की खाड़ी, निकोबार और अंडमान के समुद्र के आसपास के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटों में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के बढ़ने की संभावना है। अगर बारिश होती है तो साउथ इंडिया में कुछ राहत मिल सकती है।

कहां पहुंचा 54 डिग्री


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जैसलमेर में इंडिया-पाक बॉर्डर पर तनोट शाहगढ़ बल्ज इलाके में बीएसएफ की चौकियों पर पारा 54 डिग्री दर्ज किया गया।
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वहीं, जैसलमेर शहर में भी पारा 47.4 डिग्री रहा।
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यहां पर बीएसएफ की 194वीं वाहिनी की सीमा चौकी है।

मंगलवार को देश के कौन-से शहर रहे सबसे गर्म?

1# राजस्थान
जैसलमेर बॉर्डर :54

जैसलमेर शहर :47.7
बाड़मेर : 47.5
रामगंज मंडी :46

2# हरियाणा
हिसार :45.4

3# महाराष्ट्र
अकोला : 46.3
वर्धा :46
नागपुर :45.9

4# मध्य प्रदेश
होशंगाबाद :45.7

खजुराहो: 47

इन 13 शहरों में बुधवार को कितना रह सकता है पारा?

- लखनऊ: 47

- दिल्ली: 43

- भोपाल: 43

- इंदौर: 42.2

- ग्वालियर: 45.5

- जबलपुर: 43.1

- जयपुर: 44.0

- अजमेर: 43.3

- कोटा: 46.3

- जोधपुर: 46

- पानीपत: 43

- रांची:41

- देहरादून :40

# केरल में बारिश को मानसून समझें

- केरल के मध्य और दक्षिणी जिलों के कई हिस्सों में पिछले दिनों भारी बारिश हुई है।

- हालांकि, मौसम केंद्र का कहना है कि यह बारिश मानसून के कारण नहीं, बल्कि बंगाल की खाड़ी में कम दवाब के कारण हुई है।

# दिल्ली में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम

- दिल्ली में अगले पांच दिन तक कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है और लोगों को पहले की तरह लू और कड़ी धूप का सामना करना पड़ेगा।

- मंगलवार को यहा टेम्परेचर 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

# यूपी - ज्यादातर इलाकों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर

- उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया।

- बुंदेलखंड समेत कुछ इलाकों में यह 47 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया।

- प्रदेश के अलग अलग इलाकों में कम से कम सात लोगों की मृत्यु हो गयी है।

- चित्रकूट और बांदा समेत कुछ इलाकों में बड़ी तादाद में पक्षियों और वन्यजीवों के मरने की खबर है।

# एमपी- टेम्परेचर43 से 44 के बीच

-भोपाल में मैक्सिमम टेम्परेचर 43 से 44 के बीच चल रहा है।

- उज्जैन में पारा 43.5 डिग्री के आसपास रहा। बता दें कि यहां सिंहस्थ कुंभ चल रहा है।
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मैट डिपार्टमेंट ने अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर, चंबल, छतरपुर, शाजापुर और दमोह में लू का अलर्ट जारी किया है।

- वहीं छतरपुर, पन्ना, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों में धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।

# उत्तराखंड- स्कूलों में छुट्टी

-उत्तराखंड में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 18 मई से छुट्टी देने को कहा गया है।

- राज्य के ज्यादातर इलाकों में टेम्परेचर बढ़ने की बात की जा रही है।

   

PAK को मुंहतोड़ जवाब? भारत ने किया पृथ्वी-2 मिसाइल का एक और कामयाब टेस्ट

भुवनेश्वर.भारत ने अपनी बैलेस्टिक मिसाइल पृथ्वी-2 का एक और कामयाब टेस्ट किया है। मंगलवार को ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट फायरिंग रेंज से इसे छोड़ा गया। स्वदेशी टेक्नोलॉजी से बनी ये मिसाइल न्यूक्लियर हथियारों के साथ 350 किलोमीटर तक दुश्मन पर अटैक कर सकती है। बता दें कि भारत के लगातार मिसाइल टेस्ट से बौखलाया पाकिस्तान इस इश्यू को इंटरनेशनल लेवल पर ले जाने की बात कह चुका है। पृथ्वी के इस टेस्ट को भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब माना जा रहा है। इंटरसेप्टर मिसाइल टेस्ट पर पाक ने क्या कहा था...

-पाक पीएम के फॉरेन अफेयर्स एडवाइजर सरताज अजीज ने सोमवार को कहा था कि लगातार मिसाइल टेस्ट से रीजन में पावर बैलेंस बिगड़ जाएगा।

- रेडियो पाकिस्तान की खबर के मुताबिक, अजीज ने भारत के सुपरसोनिक मिसाइल टेस्ट पर चिंता जताई थी।

- उन्होंने कहा, "पाकिस्तान भी अपने डिफेंस के लिए एडवांस्ड मिसाइल टेक्नोलॉजी अपग्रेड करता रहेगा।"
- "
अमेरिका भारत को चीन के सामने खड़ा करने के लिए लगातार उसकी मदद कर रहा है। इस मामले में अमेरिका दोहरी चाल चलता है।"
- "
हम इस मुद्दे को इंटरनेशनल लेवल पर जोर-शाेर से उठाएंगे।"

- बता दें कि पिछले रविवार को ही भारत ने सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का कामयाब टेस्ट किया था।

ये हैं मिसाइल की खासियतें

- भारत ने पिछली फरवरी में भी पृथ्वी-2 का कामयाब टेस्ट किया था।

-डीआरडीओ ने स्वदेशी तकनीक से यह यह मिसाइल बनाई है।

- पृथ्वी-2 बैलिस्टिक मिसाइल 500 से 1000 किलो वजनी न्यूक्लियर हथियार से दुश्मन के ठिकानों पर हमला करेगी।

- यह जमीन से जमीन पर 350 किलोमीटर तक मार कर सकती है।

- एडवांस टेक्नोलॉजी वाली पृथ्वी-2 मिसाइल में 2 इंजन लगाए गए हैं।

- अग्नि मिसाइलों के बाद यह भारत की प्रमुख बैलिस्टिक मिसाइल है।

भारत के पास पहले से कितनी तरह की मिसाइलें?

- अग्नि-1, अग्नि-2, अग्नि-3, पृथ्वी और ब्रह्मोस मिसाइल भारत के पास पहले से हैं।

- इनमें अग्नि बैलिस्टिक मिसाइल है, जबकि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।

- AAD (एडवांस एयर डिफेंस) सिस्टम वाली इंटरसेप्टर मिसाइल 2000 KM तक हवा में मार करती है। इसके टेस्ट चल रहे हैं।

 

 

   

कल्पेश याग्निक का कॉलम : एक तर्क जिससे फेल्यिर्स, टॉपर्स के बराबर खड़े हैं

संसार का सबसे बड़ा कदम कौन-सा है?

-घर से बाहर रखा कदम। - अज्ञात
प्रिय मां,
मैं फिर फेल हो गया।

दो दिन हो गए। दो रातें बीत गईं। मैं हिम्मत खो बैठा। हिम्मत जुटा नहीं पाया। कैसे लिखूं? क्या बताऊं तुम्हें? पापा क्या कहेंगे? या कि, तुम पापा को क्या कहोगी?
सच कहूं? एक बार, बल्कि दो बार, तो इच्छा हुई चौथी मंजिल से कूद जाऊं। फंदे पर लटक जाऊं। फिर वो अंग्रेजी वाले सर याद गए। यू आर बोर्न टू डू समथिंग। बिफाेर यू डाई। बहुत जोर-जोर से यही कहते रहते हैं। फिर शाम को आयुष्मान आया। पिछली बार बताया था कि वह भी मेरे साथ फेल हो गया था। ऐसा ही इस बार भी हुआ। लेकिन उसने अपने घर फोन कर दिया।
मैं तो म्यूज़िक की दुनिया में जाना चाहता हूं। क्लासरूम की घुटन में मेरी क्रिएटिविटी ख़त्म हो रही है। पढ़ ही नहीं सकता। उसके पापा ने भयंकर डांटा। कहा - क्या होटलों में गाने गाओगे? इसलिए इतना ख़र्च किया था? इतना पढ़ाया-लिखाया तुम्हें? उसने तो कह दिया कि जहां भी गिटार बजाने मिलेगा - वही उसका मंदिर होगा। होटल क्या, गली-कूचे में भी तैयार हूं! बीथोवन ने पहला गाना पेरिस की सड़क पर ही तो गाया था!
मां, आयुष्मान को मैंने बहुत डांटा। कि तुम बदतमीज़ हो। किन्तु उसकी आवाज़ में भरोसा था। सच कहूं, तो जान देने का अपना इरादा मुझे उसके भरोसे के आगे बहुत गंदा लगा। मैं डरपोक बनकर उभरा। मैंने तत्काल जीने की इच्छा अपने भीतर जगते हुए पाई।
फिर हुसैन का फोन गया। उसका यूनिवर्सिटी टीम में सिलेक्शन नहीं हुआ। मैंने चिल्लाकर कहा - जब तुम क्रिकेट खेलना नहीं जानते, तो बार-बार कैम्प में जाकर इज्ज़त क्यों गिराते हो? मां, रिजेक्ट हुआ हुसैन ठहाका लगा रहा था। बोला, इमरान खान कहेंगे लोग मुझे। जॉन्टी रोड्स का बताया था , हर बार रिजेक्ट करते थे। सिलेक्टर्स होते कौन हैं? मैं खेलूंगा। खेलता रहूंगा। रोक सको, तो रोक लो। छोड़ो, रूम पर रहा हूं। हम नाकामयाब लोग बैठेंगे इकट्ठे। और जोर से हंसा।


पापा सुनेंगे तो यही कहेंगे कि ऐसे नकारा लड़कों के बीच रहने से ही तो मैं फेल होता हूं। टेल मी योर कम्पनी, एंड आय विल टेल दी व्हॉट दाऊ आर्ट। इंग्लिश प्रोफेसर कहते हैं।
पिछली बार वो ज्वेलर आए थे, याद है उन्होंने भी मेरे दोस्तों के बारे में बड़ा बुरा कहा था। बुरे ही हैं वे सब। किन्तु एक पागलपन तो है, मां, उनमें। मुझे उनके इस पागलपन से हमेशा नुकसान ही हुआ है। इस बार भी मैं नुकसान में रहा। अपनी इच्छा कहां पूरी कर पाया? बल्कि खुदकुशी की इच्छा कितनी शर्मनाक इच्छा है, यह सोच शर्म से गड़ गया।
हमने इकट्ठे रूम पर ही ख़ूब शिकवा-शिकायतें कीं। निशीकांत टॉपर रहा। इस बार चरणजीत को हरा दिया। सारे प्रोफेसर दोनों को बहुत चाहते हैं। बल्कि दोनों, बस प्रोफेसर्स के आसपास ही चक्कर लगाते दिखते हैं। स्कूल में हम कहते थे कि सबसे ज़्यादा नंबर लाने वाला तो वास्तव में क्लास टीचर के घर सब्ज़ी पहुंचाता है! बाद में दु: हुआ जानकर कि क्लास टीचर अकेली रहती थीं। कोई सब्ज़ी खाती ही नहीं थी। उन्हें गंभीर बीमारी थी। हम जाने क्या-क्या, बिना सोचे-समझे-जाने बोल देते हैं। मेरे तब केबुरेदोस्तों ने ही मुझे उनके घर जाकर माफ़ी मांगने का रास्ता दिखाया था। मां, हम लोग ऐसी ही कितनी बातें कर रहे थे। कि पंडित गया। तुझे बताया था, पंडित यानी पढ़ाई। कभी फेल नहीं होता। हां, हमारा साथ भी नहीं छोड़ता। कहता है, हम अलग ही हैं। पता नहीं ऐसा क्यों कहता है। वो आते ही कहने लगा -देखो, देश में सबसे कम उम्र की यूपीएसी टॉपर, टीना। हम भड़क गए। हम जब फेल हो गए हैं, तब क्या तुम नमक छिड़कने आए हो?
हमने उसे ख़ूब बुरा-बुरा कहा -और बताया कि हम वो करेंगे- जो हमारा दिल हमें कहता है -तो बहस अलग दिशा में छिड़ गई। हमने कहा कि आईपीएस ज़िंदगीभर मौका तलाशते रहते हैं। कि कब किसी आईएएस को गिरफ़्तार करने की बारी आएगी! उधर, आईएएस अफ़सर हमेशा आईपीएस को कोसते रहते हैं। कि देखो, इतनेकनेक्टेडरहते हैं कि मनपसंद पोस्टिंग ले ही आते हैं। हमें देखो, चीफ मिनिस्टर से नीचे किसी से मिलते तक नहीं। यही तो है यूपीएससी। उसके टॉपर ब्रिलियंट नौजवान होते हैं। किन्तु फील्ड में पहुंचते ही पावर स्ट्रक्चर के चक्कर में फंसकर, ख़ुद - जनता को भी- हैरान ही तो करते रहते हैं। हमें हमारी नाकामयाबी से उतनी शिकायत नहीं, जितनी दूसरों की कामयाबी के गुणगान सुनकर।
मां, पंडित मुझे पहली बार प्रकाण्ड पंडित लगा। जब उसने कहा -तुम तीनों का पैशन यदि म्यूज़िक, क्रिकेट और इंग्लिश है- तो वैसा ही पैशन इन टॉपर्स का है : टॉप करना। इसे परीक्षा, पढ़ाई या परिणाम से मत जोड़ो। इनके दिल ने इन्हें बस टॉप करने को ही कहा है।
मुझे पहली बार इस राज़ का पता चला। टॉपर्स का ऐसा जुनून होता है, ऐसा मैं कभी सोच ही नहीं पाया। हम तीनों धक्क रह गए। क्योंकि एक वाक्य ने, एक झटके में हम फेल्यिर्स को, उन टॉपर्स के बराबर खड़ा कर दिया। या कि उन्हें, हमारे जैसा बना दिया! जैसा आप सोचना चाहें।
जुनून से क्या हो सकता है?
संसार का महानतम संगीतज्ञ बीथोवन, सुन नहीं सकता था।

संसार का महानतम कवि मिल्टन, देख नहीं सकता था।

विश्वयुद्ध का सबसे शक्तिशाली राष्ट्रपति रूज़वेल्ट, व्हीलचेयर पर था।

फेल्यिर्स नहीं हैं हम। पर्सन ऑफ इंटलैक्ट विदआउट एनर्जी एडेड टू इट, इज़ फेल्यिर। यही पढ़ा था। ‘झूठ है,’ हुसैन ने काटा। जितनी एनर्जी मैं लगाता हूं, उतनी वो सिलेक्ट हुए बारह खिलाड़ी मिलकर नहीं लगा सकते। ऐसा ही कुछ आयुष्मान ने कहा। पंडित, किन्तु नहीं माना। हां, मां। मैं भी सहमत हूं। इतनी एनर्जी है हम में -किन्तु वो हमारे इंटलैक्ट में हम जोड़ते नहीं हैं। हुसैन, रोड्स की बात तो करता है- किन्तु कभी सोचा इतनी तेज़ छलांग -जैसे मैदान कोई स्वीमिंग पूल हो और रोड्स उसमें डाइव लगा रहे हों- कैसे? और तेज़ ग़र्मी की शिकायत कर एक दिन रूम पर लौट आया था हुसैन। रोड्स को तो, कहना नहीं चाहिए, एपिलैप्टिक अटैक आते थे। फिर भी वैसी एनर्जी।

ऊर्जा क्या होती है?
मां, पंडित ने बताया, या वो कहीं से पढ़कर आया था -ऊर्जा ही हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा आधार होती है।
जब संसार में कुछ भी नहीं था -वो डिस्कवरी ऑफ इंडिया में है, - मैंने अपने फोन से सबको सुनाया -
सृष्टि से पहले सत नहीं था, असत भी नहीं
अंतरिक्ष भी नहीं, आकाश भी नहीं था
छिपा था क्या, कहां, किसने ढंका था?
उस पल तो अगम, अटल जल भी कहां था
वो था हिरण्यगर्भ, सृष्टि से पहले विद्यमान।
ऋग्वेद में संसार के रचे जाने से पहले सृष्टि, प्रकृति, ईश्वर -जो भी कहें- सभी को किसी हिरण्यगर्भ -किसी ग़हराई- अननोन डेप्थ- से पैदा होने की बात कही गई है।
यह डेप्थ - एनर्जी ही है।
इसी तरह साइंस ने एटम को तोड़ने और तोड़ते चले जाने के बाद जब छोटे से छोटे कण -जिन्हें माइक्रोस्कोप भी देख सकें- के बाद क्या बचेगा, यह बताया है : एनर्जी।
जब कुछ नहीं था, तब ऊर्जा थी।
जब सब-कुछ नष्ट कर दो, ऊर्जा तब भी रहेगी।
यह कोई ज्ञान-विज्ञान का शास्त्रार्थ नहीं था, मां। हमारी आंखें, इन तर्कों ने खोल दी थीं।

जीवन में हमें पढ़ना-खेलना-बढ़ना है।
तो हमारी सारी ऊर्जा लगानी होगी।
मैं मरूंगा क्यों?
मरने में तो किसी ऊर्जा की आवश्यकता ही नहीं है।
मैं तो जीना चाहूंगा।
पूरी ऊर्जा के साथ।
हम चारों में, मानों नई ऊर्जा भर गई। पंडित से आयुष्मान ने पूछा : किन्तु ऊर्जा हमारी-तुम्हारी-उनकी तो अलग होगी। उनमें अधिक ऊर्जा हुई - तो? जितनी ऊर्जा है, उससे कहीं अधिक अपने भीतर पैदा की जा सकती है। क्या पता, जितनी ऊर्जा तानसेन में रही होगी - राग दीपक गाते समय उससे कई गुना अधिक पैदा की होगी। किशाेर दाने तो संगीत सुर सीखे ही नहीं। लोग पूछते ईश्वर की आवाज़ कैसी रही होगी - ‘किशोर कुमार जैसी’! मनुष्य की ऊर्जा से अतिरिक्त लगाई होगी उन्होंने तभी तो ऐसा नैसर्गिक सुर प्राप्त कर लिया।
चिट्ठी बहुत लम्बी हो गई है, मां।
मेरा दर्द इतना ही लम्बा था।थाइसलिए कि अब पता है।
एनर्जी इज़ इटरनल डिलाइट, एंड ही हू डिज़ायर्स -बट एक्ट्स नॉट- ब्रीड्स पेस्टिलेन्स। विलियम ब्लेक को तो कई बार पढ़ा, मां, किन्तु समझ में आज आया।
एनर्जी को देखा जा सकता है - एक्शन से।

 

   

सुरेश रैना बन गए पिता, हॉलैंड में वाइफ प्रियंका ने दिया बेटी को जन्म

नई दिल्ली.सुरेश रैना पिता बन गए हैं। वाइफ प्रियंका ने बेटी को जन्म दिया है। बेटी का नाम श्रेयांशी रखा गया है। हालांकि, अब तक रैना ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है। जैसे ही उनके पिता बनने की खबर आई, सोशल मीडिया पर फैन्स उन्हें बधाई देने लगे। इससे पहले रैना ने शुक्रवार को प्रेग्नेंट पत्नी के साथ फोटोज शेयर की थी। इस वक्त दोनों हॉलैंड में हैं। पिता बनने को लेकर खासे उत्साहित थे रैना...

- बता दें कि रैना आईपीएल छोड़कर हॉलैंड पहुंचे हैं। दोनों की पिछले साल शादी हुई थी। रैना की मां भी हॉलैंड में मौजूद हैं।

- रैना पिता बनने को लेकर खासे उत्साहित थे।

- पिछले हफ्ते आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच जीतने के बाद उन्होंने कहा था, ''कल मैं अपनी पत्नी से मिल रहा हूं। फिलहाल, मैं इसे लेकर काफी एक्साइटेड हूं।''

- इससे पहले रैना ने मदर्स डे पर फोटो ट्वीट किया था। इसमें एक वह अपनी मां के साथ थे। दूसरी तरफ उनकी पत्नी डॉल के साथ दिख रही थीं।

- पिछले दिनों इंटरव्यू में रैना ने कहा था, "मैं जल्द ही पिता बनने वाला हूं और इस बात से बेहद खुश हूं।"

- बता दें कि आईपीएल के 9th सीजन में रैना गुजरात लायन्स टीम के कैप्टन हैं।

हॉलैंड से क्या है कनेक्शन?

- रैना की पत्नी प्रियंका चौधरी हॉलैंड में सेटल्ड हैं। वे यहां बैंक में जॉब करती हैं।

- पिछले साल वर्ल्ड कप के बाद 3 अप्रैल को सुरेश रैना और प्रियंका चौधरी की शादी हुई थी।

- शादी के बाद वे कई बार इंडिया आईं, लेकिन किसी भी मैच में स्टेडियम में नजर नहीं आईं।

- क्रिकेट को पसंद नहीं करने वाली प्रियंका का फेवरेट स्पोर्ट फुटबॉल है। आईएसएल में वे फुटबॉल मैच देखने भी पहुंची थीं।

 

   

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