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CM बादल बोले- चुनाव में लगाएंगे जीत की हैट्रिक, नोटबंदी कोई मुद्दा नहीं

नई दिल्ली, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का कहना है कि वह इस बार के चुनाव में हैट्रिक लगाएंगे. क्योंकि उन्होंने पंजाब में विकास के लिए काम किए हैं. लोगों के लिए लड़ाई लड़ी है. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि नोटबंदी इस चुनाव में कोई मुद्दा नहीं है.
केजरीवाल द्वारा उठाए गए ड्रग के मुद्दे पर प्रकाश सिंह बादल का कहना है कि 'वह कोई मुद्दा नहीं है बिना किसी कारण के आरोप लगाए जा रहे हैं. जहां तक केजरीवाल की बात है तो उन्हें पंजाब में कोई गंभीरता से नहीं लेता है.' उन्होंने केजरीवाल के उस आरोप का खंडन किया कि बादल और अमरिंदर सिंह मिले हुए हैं. उनका कहना है कि अगर मिले हुए होते तो एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ रहे होते सब बेबुनियाद बातें हैं.
नवजोत सिंह सिद्धू के कांग्रेस में जाने के सवाल पर प्रकाश सिंह बादल का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. यह लोग ड्रामेबाज लोग हैं. यह लोग राजनीति नहीं करते सौदेबाजी करते हैं. कभी आम आदमी पार्टी से सौदेबाजी की कभी कांग्रेसी से, जहां पर इनको फायदा दिखता है वहीं पर यह लोग चले जाते हैं.
सुखबीर के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर प्रकाश सिंह बादल का कहना है कि पार्टी फैसला करती है कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा. यह मेरी इच्छा की बात नहीं है. किसको क्या बनना है यह सब पार्टी का मामला है. मेरे सोचने से या कहने से कुछ नहीं होता.

   

यूपी चुनाव के मुहाने पर खड़ी बीजेपी को मिल सकता है नया साथी

लखनऊ, लगभग एक साथ बसपा छोड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्या और आरके चौधरी अब दोनों एकसाथ बीजेपी के खेमे में होंगे. सूत्रों के मुताबक बीजेपी और आरके चौधरी के बीच बातचीत आखिरी दौर में है. आरके चौधरी 6 सीटें मांग रहे हैं जबकि बीजेपी उन्हें 2 सीटें दे सकती है. खुद बीजेपी आरके चौधरी के लिए लखनऊ की मोहनलालगंज की सीट छोड़ सकती है. आर.के चौधरी पासी समुदाय के बड़े नेता हैं और लखनऊ और आसपास के करीब दर्जन भर जिलों में इनका प्रभाव अच्छा है क्योंकि लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली सरीखे जिलों में इस जाति की तादात अच्छी है और बसपा और कांशीराम के साथ रहते चौधरी ने अच्छी पैठ बनाई थी.
शुक्रवार को बीजेपी तीसरे और चौथे चरण के लिए सीटों का ऐलान करेगी और उम्मीद जताई जा रही है की अगर समझौता हो गया तो बीजेपी मोहनलालगंज और सीतापुर की एक सीट छोड़ देगी. बता दें की बसपा छोड़ने के बाद नितीश कुमार इन्ही दलों को मिलाकर महागठबंधन बनाने कि फिराक़ में थे जिसमें आरके चौधरी की बड़ी भूमिका होती लेकिन जेडीयू, यूपी में कोई भूमिका नहीं निभा पाई ऐसे में पासी समुदाय का ये नेता बीजेपी के लिए बड़ा कैच साबित हो सकता है.

   

सपा-कांग्रेस में गठबंधन का ऐलान कभी भी, शीला CM की दावेदारी छोड़ने को तैयार

नई दिल्ली, कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री चेहरा शीला दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस अब किसी भी वक्त समाजवादी पार्टी से गठबंधन का ऐलान कर सकती है और ऐसा होने पर वह अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगी. उनके मुताबिक सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए गठबंधन जरूरी है .
दो दिन मे गठबंधन का ऐलान
आजतक से खास बातचीत में शीला दीक्षित ने कहा कि जब गठबंधन हो जाएगा, हम चुनाव इकट्ठे होकर लड़ेंगे. अखिलेश मुख्यमंत्री हैं और उसमें मैं भी आ जाऊं तो दो-दो मुख्यमंत्री तो नहीं हो सकते, इसलिए मैंने पहले ही कह दिया कि गठबंधन का ऐलान होते ही मैं इस पोस्ट से दूर हो जाऊंगी.
सौ-सवा सौ सीट में कांग्रेस का मान बरकरार
शीला ने कहा कि हम (कांग्रेस ) एक राष्ट्रीय पार्टी हैं, इसलिए हमें उसी मुताबिक सीटें मिलनी चाहिए. उम्मीद है कि 100 से सवा सौ के बीच सीट मिलेंगी, अभी जो बातचीत चल रही है उसी से पता होगा कि आखिर कितनी फाइनल हुई.
कांग्रेस को शुरुआती सफलता मिली
शीला ने कहा कि शुरू में हमारी यात्राएं हुई थी उसे यह साफ था कि कांग्रेस को अच्छी सफलता मिली है. इससे यह पता लगा कि लोगों का रुझान कांग्रेस की तरफ भी है, इसीलिए 100 से ऊपर सीटें मिलनी चाहिए.
सांप्रदायिक ताकतों को रोकना है उद्देश्य
आज वक्त की आवश्यकता है कि हमें सांप्रदायिक ताकतों को रोकना है, उनको आने नहीं देना चाहिए. साथ जुड़ने से हमें फायदा होगा.
पार्टी के हित के सामने निजी हित मायने नहीं रखता
जहां तक राजनीति का सवाल है, जो आलाकमान सोचता है अगर वह पार्टी के हित की बात है तो उसके सामने निजी हित नहीं सोचना चाहिए. भले मैं उत्तर प्रदेश की बहू हूं पर मैं क्या सोचती हूं यह मायने नहीं रखता.
प्रियंका कर रहीं गाइडेंस
प्रियंका दिलचस्पी ले रही हैं, गाइडेंस भी कर रही हैं. यह अच्छी बात है और सारे कांग्रेसी इसका स्वागत करते हैं. राहुल ने भी कहा है कि उनको अपनी बहन पर बड़ा विश्वास है आज या कल में गठबंधन का ऐलान हो जाएगा, क्योंकि 24 तारीख आ रही है, जब पहला चरण शुरू हो जाएगा. इसलिए यह जल्दी करना पड़ेगा.

   

CBI निदेशक नियुक्ति मामला: PM, CJI, नेता विपक्ष की बैठक का ब्‍यौरा तैयार हो रहा है : SC से केंद्र

नई दिल्‍ली: CBI निदेशक की नियुक्ति मामले में केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 'प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और नेता विपक्ष की सोमवार को बैठक हो चुकी है. डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर बैठक का ब्‍यौरा तैयार हो रहा है'. मामले की अगली सुनवाई आगामी 20 जनवरी को तय की गई है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति के मामले की सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र को कहा था कि वो सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर कोर्ट को नाम बताए. सोमवार शाम को ही प्रधानमंत्री, CJI और नेता प्रतिपक्ष की बैठक हुई है.
उल्‍लेखनीय है कि सीबीआई के एक्टिंग डायरेक्टर के तौर पर राकेश अस्थाना की चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सीबीआई के एक्टिंग डायरेक्टर के तौर पर राकेश अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती दी गई है. सुप्रीम कोर्ट में एनजीओ कॉमन कॉज की ओर से अर्जी दाखिल कर नियुक्ति को चुनौती दी गई है.
सुप्रीम कोर्ट में एनजीओ की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण ने अर्जी में कहा है कि सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति पीएम, नेता प्रतिपक्ष और सीजेआई करते हैं जबकि इस मामले में ऐसा नहीं किया गया है.. जिन्हें नियुक्त किया जाना था, उन्हें ट्रांसफर कर दिया गया.
गुजरात काडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को एक्टिंग डायरेक्टर बनाया गया है. याचिका में कहा गया कि नियम के मुताबिक, सीबीआई निदेशक की नियुक्ति पीएम, नेता प्रतिपक्ष व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की कॉलेजियम करती है, लेकिन सरकार ने कॉलेजियम की मीटिंग नहीं बुलाई और सीबीआई के एक्टिंग डायरेक्टर के तौर पर अस्थाना की नियुक्ति कर दी. याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने मनमाना किया है.

   

12 साल में 500 बच्चियों का किया सेक्शुअल हैरेसमेंट, सीरियल रेपिस्ट का खुलासा

नई दिल्ली. यहां पुलिस की गिरफ्त में आए 38 साल के एक टेलर ने चौंकाने वाला गुनाह कबूल किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने 12 साल में करीब 500 बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाया है और करीब 2500 नाबालिगों से रेप की कोशिश की है। आरोपी सुनील रस्तोगी पांच बच्चों का पिता है। उसे 2 बच्चियों से रेप की कोशिश करने के मामले में शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। 6 महीने की सजा काट चुका...
- डीसीपी ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि सुनील ज्यादातर 8 से 10 साल की स्कूल आती-जाती बच्चियों को निशाना बनाता था।
- वह उनसे कहता था कि तुम्हारे पापा तुम्हें बुला रहे हैं, कुछ सामान देना है। इस तरह नाबालिग बच्चियां उसके झांसे में आ जाती थीं।
- वह मौका पाकर किसी सुनसान जगह पर बच्चियों से रेप करता था।
- रस्तोगी ने ज्यादातर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घटनाओं को अंजाम दिया है।
- 2006 में ऐसे ही एक मामले में वह उत्तराखंड की रुद्रपुर जेल में छह महीने की सजा काट चुका है।
दिल्ली में टेलर की दुकान पर करता था काम
- पुलिस के मुताबिक, सुनील ने कुछ वक्त तक ईस्ट दिल्ली में एक टेलर की दुकान पर काम किया था।
- पुलिस अब उससे छह मामलों में पूछताछ कर रही है। इनमें 3 केस दिल्ली के, दो रुद्रपुर और एक बिलासपुर का है।
- 2004 में उसने दिल्ली के मयूर विहार में पड़ोसी की बेटी से छेड़छाड़ की थी। तब उसे और उसके परिवार को मारपीट कर वहां से भगा दिया गया था।
- पुलिस ने बताया कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला है। वह अभी उत्तराखंड के रुद्रपुर में रह रहा था।
- उसकी शादी हो चुकी है। उसके दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी 15 साल की है।
ऐसे गिरफ्तार हुआ आरोपी
- सुनील ने 13 दिसंबर को स्कूल से लौट रही 10 साल की एक नाबालिक को अगवा कर उसका सेक्शुअल हैरेसमेंट किया।
- बच्ची ने पहले तो घटना के बारे में किसी को नहीं बताया, लेकिन उसके बर्ताव में बदलाव देख पेरेंट्स ने पूछा तो उसने अापबीती बता दी।
- इसके बाद बच्ची के बताए हुलिए के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।
- 12 जनवरी को अशाेक विहार में 9 और 10 साल की दो बच्चियों को अगवा करने की शिकायत आई। वे भी ट्यूशन से लौट रही थीं। सुनील ने उन्हें नए कपड़े दिलाने का लालच दिया था।
- बाद में वह दोनों को अंडर कंस्ट्क्शन बिल्डिंग में ले गया और उनके साथ रेप की कोशिश की। लेकिन बच्चियों के चीखने पर वहां से फरार हो गया।
- डीसीपी ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि इस घटना के बाद न्यू अशोक नगर पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए एक टास्क फोर्स टीम बनाई। बाद में सुनील को कोंडली गांव से गिरफ्तार किया गया।
सीरियल रेपिस्ट को 3 साल से तलाश रही थी पुलिस
- एक पुलिस अफसर ने बताया कि इस सीरियल रेपिस्ट की पुलिस को 2013 से तलाश थी। तब दिल्ली के न्यू अशोक विहार नगर पुलिस को दो नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ की शिकायत मिली थी।
- दोनों मामलों में नाबालिगों ने बताया कि आरोपी लाल जैकेट और ब्लू जींस पहने था। उसने बच्चियों को नए कपड़े दिलाने का लालच दिया था।
- बच्चियों ने यह भी बताया कि जब वे आरोपी से छोड़ देने की मिन्नतें कर रही थीं, तब वह हंस रहा था।
- पुलिस ने इस सीरियल रेपिस्ट की तलाश में नॉर्थ इंडिया की जेलों में बंद या वहां से रिहा हुए कैदियों का डाटाबेस देखा। डोर-टू-डोर सर्च की गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। उसका स्केच बनाया गया।
- पुलिस ने वेंडर्स, रिक्शा चालक और शॉपकीपर्स से पूछताछ की। इनका दावा था कि बताए गए हुलिए जैसा शख्स उन्होंने देखा है।
- पुलिस ने 100 सस्पेक्ट्स की एक लिस्ट तैयार की। फिर एक-एक स्केच और फोटो की पड़ताल करने के बाद तीन संदिग्धों को चुना।
- आखिरकार, पुलिस को कामयाबी मिली और आरोपी उसकी पकड़ में आ गया।

   

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