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ज्यूरिख मस्जिद में बंदूकधारी के हमले से तीन लोग जख्मी

ज्यूरिख, स्विटजरलैंड के म्यूनिख शहर में एक मस्जिद में एक बंदूकधारी ने गोलीबारी कर तीन लोगों को घायल कर दिया। इस मस्जिद में अक्सर सोमालियाई आव्रजक इबादत करने के लिए पहुंचते हैं ।
ज्यूरिख पुलिस के प्रवक्ता मार्कोर बिसा ने बताया कि पुलिस इस बारे में भी जांच कर रही है कि सिल नदी के पुल पर मिले एक शव का संबंध भी तो कहीं इस घटना से नहीं है। हालांकि अधिकारी इस हमले को आतंकी घटना नहीं मान रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अभी यह कहना बहुत जल्दबाजी होगा कि जर्मनी के बर्लिन में हुई घटना से म्यूनिख मस्जिद में गोलीबारी की घटना का कोई संबंध है अथवा नहीं।
बर्लिन में कल एक वाहन एक क्रिसमस बाजार में घुस गया था और इससे कुचलकर 12 लोगों की मौत हो गई तथा अनेक लोग घायल हो गए ।
बिसा ने संवाददाताओं को बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने कई गोलियां चलाईं और फिर वह भाग गया। गोलीबारी इबादत कक्ष में हुई जहां बहुत से लोग थे । दो घायलों की हालत गंभीर है ।

   

कुर्दिश लेडी फाइटर से डरा ISIS, मारने वाले को 1 मिलियन डॉलर का इनाम

नई दिल्ली, दुनिया के लिए आतंक का चेहरा बन चुका आईएसआईएस एक कुर्दिश डेनिस महिला से खौफ खाता है। आईएस आतंकियों से सीरिया ईराक में लोहा ले रहीं कुर्दिश सेना की लेडी फाइटर जोआना पलानी आईएसआईएस प्रमुख बगदादी के लिए सिर दर्द बन गईं हैं। जिसके चलते इस्‍लामिक स्‍टेट ने घोषणा की है कि जो कोई भी पलानी को जान से मारेगा उसे 10 लाख डॉलर (6 करोड़ 78 लाख रुपये) का इनाम दिया जाएगा।
23 वर्षीय जोआना पलानी ने सीरिया और ईराक में आतंकी समूह से लड़ने के लिए 2014 में यूनिवर्सिटी को छोड़ दिया था। फिलहाल वह डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन की एक जेल में बंद हैं और उन पर मुकदमा चल रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि जून 2015 में उन पर 12 महीने का ट्रैवल बैन लगाया गया था। अगर उन्‍हें दोषी पाया जाता है तो उन्‍हें दो साल की सजा हो सकती है।
डेनमार्क वापसी के मद्देनजर पलानी को अक्सर दोनों तरफ से धमकियां मिलती रहती हैं। लेकिन हाल ही में आईएस ने उसकी हत्या का फरमान जारी किया है और हत्या करने वाले को बतौर इनाम 10 लाख डॉलर देने की पेशकश भी की है। आईएस ने यह फरमान सप्ताह के अंत में अरब मीडिया के माध्यम से कई भाषाओं में जारी किए हैं।

   

भारत को नजरअंदाज कर चाइना-पाक आर्थिक गलियारे के समर्थन में रूस

नई दिल्ली, CPEC के समर्थन में रूस.
उड़ी हमले के बाद भारत पाकिस्तान को दुनिया से अलग-थलग करने में जुटा है। वहीं भारत का करीबी माने जाने वाला देश रूस अब पाकिस्तान से नजदीकियां बढ़ाता दिख रहा है। दरअसल रूस ने चीन-पाक आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का समर्थन किया है। रूस के मुताबिक इस गलियारे से यूरेशियन आर्थिक संगठन को जबरदस्त फायदा होगा।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, पाकिस्तान में रूस के राजदूत एलेक्सी डी डेडोव ने कहा कि सीपीईसी से न केवल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि रूस ने पहले आधिकारिक तौर पर चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) प्रोजेक्ट में दिलचस्पी नहीं रखने का एलान किया था।
इस प्रोजेक्ट से भारत के करीब पहुंच जाएगा चीन
सीपीईसी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सिल्क रोड इकनॉमिक बेल्ट और 21वें मेरीटाइम सिल्क रोड प्रोजेक्ट का हिस्सा है। चीन की योजना इन दोनों विकास योजनाओं को एशिया और यूरोप के देशों के साथ मिलकर आगे बढ़ाने की है। चीन द्वारा बनाया जा रहा ये कॉरिडोर बलूचिस्तान प्रांत से होकर गुजरेगा, जहां दशकों से लगातार अलगाववादी आंदोलन चल रहे हैं। इसके साथ-साथ गिलगिट-बल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का इलाका भी शामिल है।

   

अमेरिका ने बगदादी के बारे में सुराग देने के लिए इनाम बढ़ाकर दोगुना किया

वॉशिंगटन: अमेरिका ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के दुर्दांत प्रमुख अबू बकर अल-बगदादी की गिरफ्तारी हेतु अहम सुराग देने वाले के लिए इनाम राशि दोगुनी से अधिक बढ़ाकर 2.5 करोड़ डॉलर कर दी है. अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के इस स्वयंभू खलीफा के लिए इनाम 2.5 करोड़ डॉलर करने की घोषणा की.
इतना ही इनाम वर्ष 2011 में ओसामा बिन लादेन के लिए घोषित किया गया था लेकिन उसी साल मई में नौसेना के सील कमांडो के दल के हाथों पाकिस्तान में इस अलकायदा नेता के मारे जाने के बाद यह इनाम किसी को नहीं मिल पाया था.
विदेश विभाग ने अपने बयान में कहा, "होमलैंड और अमेरिकी जनता की रक्षा करना हमारी शीर्ष आतंकवाद निरोधक प्राथमिकता है, चूंकि अब हमने आईएसआईएल (आईएसआईएस का दूसरा नाम) के खिलाफ अपना प्रयास तेज कर दिया है, ऐसे में हम उसके नेतृत्व के बारे में सूचना हासिल करने एवं उसे न्याय के कठघरे में खड़ा करने के लिए अपने पास उपलब्ध
साधन बढ़ा रहे हैं. "  
विभाग के इंसाफ इनाम कार्यक्रम ने अपनी वेबसाइट पर कहा है, "अल बगदादी से जो खतरा है, उसके चलते विदेश विभाग ने 2011 में उसके ठिकाने, गिरफ्तारी एवं अभियोजन के संबंध में सूचना देने के लिए जो 1 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया गया था, उसकी राशि काफी बढा दी गई है."
उसने कहा, "बगदादी के नेतृत्व में आईएसआईएल पश्चिम एशिया में हजारों नागरिकों की मौत के लिए जिम्मेदार है, उन लोगों में जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के कई नागरिक बंधकों की नृशंस हत्या भी शामिल है."

   

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