एस्कॉर्ट सर्विस के ऐड से मिला लापता बेटी का पता, इस हाल में लौटी घर

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अटलांटा.अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत की रहने वाली एक महिला द्वारा लापता बेटी के तलाश की दर्द भरी कहानी सामने आई है। महिला की 13 साल की लड़की ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हो गई थी, जिसके बाद उसे एस्कॉर्ट सर्विस के धंधे में उतार दिया गया। महिला को इस बात का पता तब चला, जब उसने सेक्स सर्विस के लिए बेटी का ऑनलाइन ऐड देखा। इस लड़की पर आई एम जेन डो नाम की डॉक्युमेंट्री में भी बनी है, जो इस साल रिलीज हुई है। ऑनलाइन ऐड पर ऐसे पहुंचीं प्राइड...
- ये कहानी अटलांटा की रहने वाली कुबिकी प्राइड और उनकी बेटी एमए की है। एमए ह्यूमन ट्रैफिकर के जाल में फंसकर एस्कॉर्ट सर्विस के धंधे में फंस गई।
- 13 साल की एमए अपनी स्कूल पार्टी में गई थी और वहीं, महिला ट्रैफिकर की चंगुल में फंसी। उसे लगा कि महिला उसे घर ड्रॉप करेगी, लेकिन उसने एमए को सेक्स सर्विस के धंधे में पहुंचा दिया।
- बेटी के लापता होने के करीब 270 दिनों बाद प्राइड ने उसकी ऑनलाइन तलाश शुरू की। वो बैकपेज डॉटकॉम वेबसाइट स्क्रॉल कर रही थीं, तभी एस्कॉर्ट सेक्शन में उन्हें अपनी बेटी का ऐड दिखा।
- प्राइड ने बताया, वेबसाइट पर ये ऊपर से तीसरा लिंक था। उसका बहुत सारे स्टार्स और हार्ट शेप के स्टीकर्स थे और उस पर लिखा था कि यंग एंड न्यू।
- उन्होंने बताया कि ऐड पर आ रहे स्टार्स और हार्ट ने उनका ध्यान खींचा। उन्होंने जब इस ऐड पर क्लिक किया तो वो अपनी बेटी की आपत्तिजनक फोटोज देखकर दंग रह गईं।
- प्राइड ने बताया कि उनकी बेटी एमए ने सिर्फ अंडरवियर पहन रखा था और पोज दे रही थी। इसके बाद उन्होंने ऐड में दिए कॉन्टैक्ट पर बात की और सर्विस खरीदने की बात कही।
ड्रग्स एडिक्ट हुई बेटी, किया गया अब्यूज
- प्राइड सर्विस लेने के बहाने वो बेटी एमए को घर वापस ले आईं। तब उन्हें पता चला कि एमए ड्रग्स एडिक्ट हो चुकी और उसे बुरी तरह अब्यूज भी किया गया है।
- उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को पीटा गया, छुरी मारी गई और जलाया भी गया। इतना ही नहीं, उसके सिर के सारे बाल तक शेव कर दिए गए।
- इसके बाद ड्रग्स की लत के चलते एमए ने दो बार घर से भागने की भी कोशिश की, लेकिन दोनों बार अपनी मां के पास लौट आई।
वेबसाइट पर नहीं कसा शिकंजा
- एमए की ट्रैफिकिंग करने वाली आरोपी महिला को अरेस्ट कर लिया गया और 2010 में उसे पांच साल की जेल हो गई। हालांकि, लड़की के ऑनलाइन ऐड और फोटोज नहीं हटाए गए।
- 2011 में प्राइड ने बैकपेज डॉटकॉम पर केस किया था और कहा था कि वेबसाइट चाइल्ड सेक्स ट्रैफिकिंग को बढ़ावा देती है, लेकिन उनका केस 230 कम्युनिकेशंस डिसेंसी एक्ट के तहत खारिज कर दिया गया।
- बता दें, बैकपेज अमेरिका की सबसे बड़ी ऑनलाइन क्लासीफाइड साइट है और इस पर देश के 80 फीसदी से ज्यादा ह्यूमन ट्रैफिंकिंग के एडवरटाइजमेंट होते हैं।