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जिहादी हूं, अब गया में सीरियल ब्लास्ट का प्लान था: ATS से बोला आतंकी तौसिफ

पटना.गुजरात के अहमदाबाद में 9 साल पहले हुए सीरियल ब्लास्ट के मास्टरमाइंड तौसिफ खान समेत 3 आतंकियों को बिहार एटीएस ने गिरफ्तार किया। तौसिफ गया के एक स्कूल में टीचर बनकर छिपा हुआ था। उसने मशहूर विष्णुपद मंदिर क्षेत्र समेत तीन जगहों पर तीर्थयात्रियों को टारगेट कर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रच ली थी। इसके लिए पिछले कुछ दिनों से रेकी भी कर रहा था। तौसिफ आतंकी साचिश का हर अपडेट इंटरनेट कैफे से मेल कर अपने हैंडलर्स को भेज रहा था। गुरुवार को पूछताछ में आतंकी तौसिफ ने बिहार एटीएस से कहा- ''हां मैं जिहादी हूं और जिहाद करने आया हूं। टारगेट एक्सपर्ट हूं, जहां भी टारगेट किया, कामयाब रहा। अब गया में ब्लास्ट का प्लान था।'' एनआईए समेत कई एजेंसियां आतंकियों से पूछताछ के लिए गया पहुंच चुकी हैं। तीनों के आतंकी संगठन अल कायदा से जुड़े होने का शक है। सिमी आतंकी से गया में मिला था तौसिफ...
- खुफिया एजेंसी के मुताबिक, पकड़े गए दूसरे आतंकी गुलाम सरवर का कनेक्शन सिमी से रहा है। 2008 में अहमदाबाद ब्लास्ट को अंजाम देने के बाद तौसिफ सबसे पहले गया में आकर इसी से मिला था।
- वहीं तीसरा आतंकी शहंशाह उर्फ सानू खां है, जो करमौनी का रहने वाला है। गया के एक स्कूल में टीचर बनकर पनाह पाने वाला तौसिफ इस कदर कट्टरपंथी है, कि उससे जुड़ने वाला हर शख्स जेहादी बन जाता है।
साइबर कैफे से रोज भेजता था अपडेट
- तौसिफ अपनी रोज की एक्टिविटीज का मेल के जरिए जवाब देता था। गया के साइबर कैफे से ही वह मेल भेजता था। टेक्निकल एक्सपर्ट की टीम ने एक कैफे से कंप्यूटर को जब्त किया है, जिसमें मेल तौसिफ से जुड़ी कई जानकारी हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आतंकी किसी चांद नाम के हैंडलर को मेल करता था, जिनमें पाकिस्तानी नारे और आतंकवाद से जुड़ीं बातें हुआ करती थीं।
आतंकियों के टारगेट पर थीं गया की 3 जगह
- गया की तीन खास जगहें आतंकियों के निशाने पर थीं। देश-विदेश के तीर्थयात्रियों के लिए आस्था का केन्द्र विष्णुपद मंदिर के मेला क्षेत्र, महाबोधि मंदिर के अलावा गया जंक्शन को मुख्य रूप से टारगेट पर रखा गया था।
- आतंकी तौसिफ विष्णुपद मेला में ब्लास्ट की प्लानिंग कर चुका था। इसके लिए कई महीनों से मेला क्षेत्र की रेकी भी कर रहा था। गया के ही दो संदिग्धों की मदद से वह आसानी से वहां पहुंच पाता था।
12 सांसदों को भेजा था IS से जुड़ा मेल
- पटना एडीजी एसके सिंघल के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों का कनेक्शन कई सांसदों और अफसरों से होने की बात सामने आई है। तौसिफ के ईमेल से खुलासा हुआ है कि वह इंटरनेट के जरिए आतंकी संगठन IS का प्रचार कर रहा था। उसने कई राज्यों के 12 सांसदों को आईएस से जुड़ा मेल भेजा था, जिसमें आईएस के आदर्शों को बेहतर बताया गया।
- बिहार एटीएस लगातार गुजरात की एजेंसी से बात कर रही है। आतंकी तौसिफ के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा। इससे कई बड़े खुलासे की उम्मीद है।
9 साल से गया में था तौसिफ खान, खड़ा किया IS मॉड्यूल!
# नाम-तौसिफ खान उर्फ अतीक। उम्र-35 वर्ष। रंग गेहुंआ और दिमाग शैतानी। पता-अहमदाबाद का जूहापुरा, यूनाईटेड अपार्टमेंट (फ्लैट नंबर ए-15)...।
- कभी आईएम (इंडियन मुजाहिदीन) की टॉप आतंकियों में शामिल रहे तौसिफ की यही पहचान है। इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद वह आतंक की दुनिया में पहुंच गया। ‘अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट’ को अंजाम देने के बाद तौसिफ भाग कर अगस्त, 2008 में गया पहुंचा। फिर डोभी थाने के करमौनी गांव में नाम बदल कर अतीक के रूप में अंडरग्राउंड हो गया। पहले से संपर्क में रहे यहां के सना खान की मदद से उसे करमौनी के मुमताज पब्लिक हाईस्कूल में टीचर की नौकरी मिल गई।
- तौसिफ गणित या साइंस के अलावा बाकी सब्जेक्ट पढ़ाता था। सैलरी के नाम पर एक-दो हजार रुपए ही मिलते थे। 3 साल बाद स्कूल की नौकरी छोड़कर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगा। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद जब उसका भंडा फूटा तो पता चला कि तौसिफ आईएसआईएस के प्रचार में लगा था। माना जा रहा है कि एजुकेशन की आड़ में उसने आईएस का गया मॉड्यूल तैयार कर लिया हो। हालांकि, एडीजी (हेडक्वार्टर) संजीव कुमार सिंघल ने कहा कि फिलहाल एजेंसियां जांच कर रही हैं।

   

ब्लू व्हेल: असम में बिल्डिंग से कूदा स्टूडेंट, छत्तीसगढ़ में 36 बच्चों की कलाई पर निशान

रायपुर/गुवाहाटी.असम के सिलचर में सेकंड ईयर के स्टूडेंट ने ब्लू व्हेल गेम खेलते हुए बिल्डिंग की छत से छलांग लगा ली। उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। वहीं, ब्लू व्हेल चैलेंज में फंसकर छत्तीसगढ़ में 36 बच्चों ने कलाई पर कट लगा लिए। गुरुवार को पुलिस ने बालोद के स्कूल में 6 स्टूडेंट्स को ब्लू व्हेल गेम खेलते हुए पकड़ा। दंतेवाड़ा के स्कूल प्रिंसिपल ने आला अफसरों को लिखे एक लेटर में बताया कि यहां 30 स्टूडेंट्स के कलाई पर कट के निशान मिले हैं। इन सभी के खतरनाक ऑनलाइन गेम खेलने का शक है। बता दें कि रूस में बने ब्लू व्हेल गेम को बैन कर दिया गया है लेकिन अब भी इसके कुछ लिंक निजी तौर पर लोगों के पास मौजूद हैं। दो महीने में इसे खेलने वाले देश के 10 लोग सुसाइड कर चुके हैं। दुनियाभर में गेम 130 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। पुलिस आई तो स्कूल से भाग गए बच्चे...
- बालोद एसपी दीपक झा के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले कुछ बच्चे ब्लू व्हेल गेम खेलते हैं। पुलिस जब वहां पहुंची तो सभी भाग गए। इसकी जानकारी उनके पेरेंट्स को दी गई। पुलिस ने जांच के लिए मोबाइल जब्त कर लिए हैं।
- दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव का कहना है कि गुरुवार को जब हम स्कूल पहुंचे तो 30 बच्चों में से 26 गैरहाजिर थे। सभी 8वीं से 10वीं क्लास के हैं। इनमें कुछ छात्राएं भी हैं। किसी बच्चे की कलाई पर क्रॉस बना है, तो किसी पर लकीर। कुछ के जख्म तो अभी सूखे भी नहीं हैं। इसकी वजह ब्लू व्हेल गेम है या कुछ और जांच की जा रही है।
- यहां बच्चों की कलाई पर कट के निशान उस वक्त मिले जब स्कूल में बुधवार को जांच की गई। 30 बच्चों की कटाई पर कट के निशान मिले और एक स्टूडेंट के बैग से सर्जिकल ब्लेड मिला। इसके बाद प्रिंसिपल ने आला अफसरों को लेटर लिखा था। सभी बच्चों की काउंसलिंग कराई जा रही है।
स्टूडेंट बोला- साथियों से चैलेंज मिला तो कलाई काटी
- दंतेवाड़ा में 4 स्टूडेंट्स ने पूछताछ में बताया कि हम आर्थिक तौर पर कमजोर हैं, हमें कहा गया कि ऐसा करने से अमीर हो जाएंगे। पिता शराब पीते हैं, मैंने सुना था ऐसा करने पर बुरी आदतें छूट जाती हैं। दूसरे ने कहा कि साथियों से मिले चैलेंज के चलते उसने अपने हाथ पर क्रॉस बना लिया।
जशपुर में 25 हजार ने ब्लू व्हेल सर्च किया
- पिछले 7 दिन में छत्तीसगढ़ के जशपुर में 25 हजार से ज्यादा लोगों ने ब्लू व्हेल गेम सर्च किया है। आईटी एक्सपर्ट के मुताबिक, जशपुर के बाद दुर्ग-भिलाई प्रदेश में दूसरे नंबर पर हैं। वहां 15 हजार से ज्यादा लोग इस जानलेवा गेम को सर्च कर चुके हैं। तीसरे नंबर पर जगदलपुर है, जहां 12 हजार लोगों ने इस गेम को इंटरनेट पर खोजा है।
- गूगल ट्रेंड की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ये गेम अभी दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में सर्च हो रहा है। नॉर्थ राज्य मणिपुर, नगालैंड, मेघालय, केरल और झारखंड में इसे सबसे ज्यादा सर्च और डाउनलोड किया गया। दुनिया के जिन 50 शहरों में ये सबसे ज्यादा सर्च हुआ, उनमें 30 भारतीय शहर हैं।
हिमाचल में स्टूडेंट ने फांसी लगाई
- उधर, हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को ब्लू व्हेल गेम की वजह से मौत का पहला मामला सामने आया। 10 साल के एक बच्चे ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बच्चे ने सुसाइड नोट भी छोड़ा। इसमें लिखा- ''एक पजल को सॉल्व ना कर पाने की वजह से खुदकुशी कर रहा हूं।''
- वह बाधू इलाके के गुरुकुल पब्लिक स्कूल में 5वी क्लास में पढ़ता था। उसकी बॉडी घर की छत से लटकी हुई मिली। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि ये पजल बल्कि ब्लू व्हेल गेम था। बच्चा एक फैमिली मेंबर के मोबाइल पर गेम खेलता था।
ब्लू व्हेल गेम नहीं एक ट्रैप
- टीन एजर्स गेम मानकर ब्लू व्हेल के जाल में फंस रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ब्लू व्हेल ऐप तलाशे जा रहे हैं, लेकिन असल में यह न तो गेम है और न ही ऐप है। यह अपराधी किस्म के लोगों का एक ट्रैप है, जो दुनियाभर में अब तक 130 से ज्यादा लोगों की जान ले चुके हैं। नासमझी में बच्चे इसके आसानी से शिकार बन रहे हैं।
- ‘ब्लू व्हेल’ के पीछे दिमाग है मास्को (रूस) के फिलिप बुडेईकिन का। उसे गिरफ्तार किया जा चुका है और वह तीन साल की सजा काट रहा है। गेम से पहली मौत का मामला 2015 में आया था। गिरफ्तारी के बाद फिलिप ने कहा था, "गेम का मकसद समाज की सफाई करना है।" फिलिप की नजर में सुसाइड करने वाले सभी लोग 'बायो वेस्ट' थे।

   

कर्नाटक के पूर्व CM येदियुरप्पा के बेटे की कार ने शख्स को कुचला, ड्राइवर अरेस्ट

बेंगलुरु.कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे की कार ने एक शख्स को कुचल दिया। उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। घटना गुरुवार रात को मदापुरा इलाके में हुई। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हादसे के वक्त पूर्व सीएम के बेटे बीवाई राघवेंद्र एसयूवी में सवार थे। वह शिकारीपुरा से विधायक हैं। हादसे के बाद जमा हुई भीड़...
- पुलिस के मुताबिक, राघवेंद्र रात को बेंगलुरु से शिकारीपुरा की ओर लौट रहे थे, इसी दौरान रात करीब 9 बजे उनकी तेज रफ्तार कार ने ऑटो से उतर रहे सुरेश (24 साल) को टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। थोड़ी ही देर में पुलिस के आला अफसर भी वहां पहुंच गए। गंभीर रूप से जख्मी सुरेश को एम्बुलेंस से पास के हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
- हन्नोली में पुलिस ने केस दर्ज किया है। एक सीनियर अफसर ने बताया कि विधायक की कार के ड्राइवर रवि कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैरइरादतन हत्या की धाराएं लगाई हैं।
इलेक्शन में सीएम का चेहरा होंगे येदि
- बता दें कि कर्नाटक में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है और सिद्धारमैया सीएम हैं। यहां 2019 में असेंबली इलेक्शन होने हैं। बीजेपी कह चुकी है कि पार्टी के स्टेट चीफ और पूर्व सीएम येदियुरप्पा ही असेंबली इलेक्शन में मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।

   

मोदी के 6 मंत्रियों ने दिए इस्तीफे, रविवार दोपहर तक शपथ ले सकते हैं नए मिनिस्टर

नई दिल्ली.मोदी कैबिनेट के आखिरी बड़े विस्तार से पहले गुरुवार शाम छह केंद्रीय मंत्रियों ने एक के बाद एक इस्तीफे दे दिए। इनमें उमा भारती, कलराज मिश्र, राजीव प्रताप रूडी, संजीव बालियान, महेंद्रनाथ पांडेय और निर्मला सीतारमण के नाम शामिल हैं। इन्होंने दिन में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात भी की थी। देर शाम अमित शाह की मौजूदगी में इन्होंने संगठन महासचिव रामलाल को इस्तीफे सौंपे। उमा भारती ने कहा, "इस्तीफे का कोई सवाल मैंने सुना ही नहीं। इस पर न तो सुनूंगी और न ही बोलूंगी।" तीन फॉर्मूलों से तय हुआ मंत्रिमंडल से हटाना-लाना और कद बढ़ाना-घटाना...
- अभी तय नहीं है कि नए मंत्री कब शपथ लेंगे, पर नरेंद्र मोदी 3 सितंबर को चीन रवाना हो रहे हैं। इसलिए रविवार दोपहर से पहले शपथ ग्रहण समारोह होने के आसार हैं। बिहार से राधा मोहन सिंह और मप्र से फग्गन सिंह कुलस्ते से भी इस्तीफा मांगा गया है। पर देर रात तक साफ नहीं हो पाया कि इन्होंने इस्तीफा दिया या नहीं।
- सूत्रों के अनुसार कैबिनेट फेरबदल में मोदी-शाह की जोड़ी का फोकस नए सामाजिक समीकरणों पर रहेगा।
- ओबीसी मुद्दे पर लगातार संदेश दे रही सरकार कुछ नई जातियों के चेहरों को सरकार में जगह दे सकती है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों की सूची पर तीन दिन तक मंथन किया।
- प्रधानमंत्री के साथ भी कई बैठकें कीं। गुरुवार रात भी दोनों ने संभावित नामों पर चर्चा की। रक्षा मंत्री का भी काम संभाल रहे जेटली ने कहा कि वह अब ज्यादा दिन रक्षा मंत्री नहीं रहेंगे।
नए मंत्री 6 राज्यों से संभव
राज्य: गुजरात
वजह:भावनगर की सांसद भारती स्याल मंत्री बन सकती हैं। वह राज्य में ओबीसी चेहरा हैं और इस साल के अंत तक गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं।
राज्य: हिमाचल प्रदेश
वजह: धूमल या उनके बेटे अनुराग ठाकुर आ सकते हैं। साल के अंत में विस चुनाव जेपी नड्‌डा के नेतृत्व में लड़ने की योजना। ऐसे में नड्‌डा का जाना तय है।
राज्य: कर्नाटक
वजह:सुरेश अंगाड़ी लिंगायत समुदाय तो शोभा वोकालिंगा समुदाय से हैं। अगले साल मई के चुनाव में लिंगायत और वोकालिंगा दोनों की भूमिका अहम होगी।
राज्य : तमिलनाडु
वजह: अन्नाद्रमुक से थंबीदुरई और मैत्रेयन का कैबिनेट मंत्री बनना तय है। इसके साथ ही समझौते के मुताबिक इस पार्टी से दो राज्य मंत्री भी बनाए जाएंगे।
राज्य: उत्तरप्रदेश
वजह:4 मंत्रियों की छुट्‌टी हुई है। पर प. यूपी से संजीव बालियान की जगह मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है।
राज्य : मध्यप्रदेश
वजह: राकेश सिंह या प्रह्लाद पटेल में से एक मंत्री बनेंगे। मणिपुर चुनाव के समय प्रभारी रहे पटेल को इनाम की ज्यादा संभावना। यहां भी अगले साल चुनाव है।
- इसके अलावा भूपेंद्र यादव और राम माधव को कैबिनेट में जगह संभव। हालांकि, यादव की जरूरत संगठन में ज्यादा बताई जा रही है।
तीन फॉर्मूलों से तय हुआ मंत्रिमंडल से हटाना-लाना और कद बढ़ाना-घटाना
1- जिन राज्यों में चुनाव हो गए, वहां से मंत्री कम कर चुनाव वाले राज्यों से मंत्रिमंडल में लाया जाए।
2- जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहा उनकी छंटनी हो। एक्टिव नेताओं को जगह मिले।
3- जिनमें संगठनात्मक क्षमता है, उन्हें 2019 के आम चुनाव से पहले संगठन में लाया जाए।
गोयल और प्रधान का होगा प्रमोशन
- पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। यह लोग अपने काम राज्यमंत्री को सौंपकर संगठन में जुटेंगे। जेटली रक्षा मंत्री का पद छोड़ेंगे।
- असम के मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा को रक्षा राज्यमंत्री बनाया जाएगा। शिवसेना से अनिल देसाई को सरकार में जगह मिल सकती है।
गडकरी को परिवहन मंत्रालय नहीं दिया तो बच जाएंगे प्रभु
- स्मृति ईरानी से वस्त्र मंत्रालय लेकर सूचना प्रसारण बरकरार रखा जाएगा। विनय सहस्रबुद्धे को पर्यावरण में लाने की संभावना है। सुरेश प्रभु, राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूड़ी बदलाव की जद में आ सकते हैं।
- नितिन गडकरी ने रेलवे को मिलाकर पीएमओ में चीन की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट विभाग बनाने का प्रजेंटेशन दिया था। अगर ऐसा नहीं हुआ तो रेलवे प्रभु के पास ही रह सकता है।
अभी ये मंत्रालय पड़े हैं खाली
- वन और पर्यावरण मंत्रालय (अनिल माधव दवे की मौत की वजह से), शहरी विकास मंत्रालय (वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद), रक्षा (मनोहर पर्रिकर के गोवा का सीएम बनने के बाद से अरुण जेटली के पास अतिरिक्त प्रभार), सूचना प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार स्मृति ईरानी के पास।
रविवार तक कभी भी हो सकती है मंत्रियों की शपथ
- पीएमओ ने कार्मिक विभाग को छह अधिकारी 1 सितंबर सुबह 9 से 11 बजे या 2 सितंबर शाम 5-7 बजे तक प्रोटोकाल के लिए तैयार रखने को कहा है। मोदी 3 से 7 सितंबर तक चीन-म्यांमार दौरे पर रहेंगे।
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 1 सितंबर को आंध्रप्रदेश के दौरे पर जाकर 2 सितंबर की दोपहर लौटेंगे। ऐसे में शुक्रवार सुबह से लेकर रविवार दोपहर तक कभी भी शपथ ग्रहण की संभावना है।
- मोदी जब वापस आएंगे तो 6 सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो जाएगा। यह 20 सितंबर तक चलेगा। ऐसे में तय है कि फेरबदल मोदी के विदेश दौरे से पहले ही होगा।

   

भारतीय मूल के पूर्व नौकरशाह पिल्लई बने सिंगापुर के एक्टिंग प्रेसिडेंट

सिंगापुर. भारतीय मूल के पूर्व नौकरशाह जे. वाई. पिल्लई शुक्रवार को सिंगापुर के एक्टिंग प्रेसिडेंट (कार्यवाहक राष्ट्रपति) बने। पिल्लई इस पद पर तब तक रहेंगे, जब तक कि देश के नए प्रेसिडेंट शपथ न ले लें। नए प्रेसिडेंट सितंबर में ही पद की शपथ ले सकते हैं। 83 साल के पिल्लई ने टोनी टान केंग याम की जगह ली है, जिनका प्रेसिडेंट के तौर पर 6 साल का टेन्योर गुरुवार को पूरा हो गया। काउंसिल ऑफ प्रेसिडेंशियल एडवाइजर्स के चेयरमैन हैं पिल्लई...
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक पिल्लई काउंसिल ऑफ प्रेसिडेंशियल एडवाइजर्स (CPA) के चेयरमैन हैं। वे तब तक प्रेसिडेंट के तौर पर काम करेंगे, जब तक कि 13 सितंबर को नॉमिनेशन वाले दिन या 23 सितंबर को चुनाव वाले दिन के बाद कोई कैंडिडेट इलेक्ट नहीं हो जाता।
- द स्‍ट्रेट्स टाइम्‍स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि प्रेसिडेंट का ऑफिस खाली होने पर CPA के चेयरमैन या फिर पार्लियामेंट के स्पीकर को ही प्रेसिडेंट पोस्ट की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
पहली बार खाली हुआ प्रेसिडेंट ऑफिस
- रिपोर्ट में कहा गया है कि 1991 में जब से सिंगापुर में प्रेसिडेंट चुनाव की प्रॉसेस शुरू हुई है, तब से ऐसा पहली बार है, जब ये ऑफिस खाली हुआ है।
पिल्लई 60 बार ये जिम्मेदारी निभा चुके हैं
- पिल्‍लई को पहले भी कई बार यह जिम्‍मेदारी सौंपी जा चुकी है। प्रेसिडेंट के विदेश दौरे पर रहने के दौरान हर बार पिल्लई ही एक्टिंग प्रेसिडेंट के तौर पर काम करते हैं।
- पिछली बार पिल्लई ने मई में यह जिम्मेदारी निभाई थी, उस वक्त टोनी टान यूरोप के दौरे पर गए थे। पिल्लई 60 से ज्यादा बार इस पोस्ट पर काम कर चुके हैं।
- इस पोस्ट पर सबसे ज्यादा दिनों तक पिल्लई 2007 में रहे थे, तब उस वक्त के प्रेसिडेंट एसआर नाथन अफ्रीका दौरे पर गए थे। उस दौरान पिल्लई ने 16 दिनों तक एक्टिंग प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी निभाई थी।

   

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