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ब्लू व्हेल की मास्टरमाइंड रूसी लड़की अरेस्ट, गेम सर्चिंग में कोच्चि दुनिया में अव्वल

मास्को/ मदुरै/नई दिल्ली. रशियन पुलिस ने एक 17 साल की लड़की को अरेस्ट किया है। पुलिस के मुताबिक लड़की ब्लू व्हेल ऑनलाइन गेम की मास्टरमाइंड है, ये अपनी धमकियों और डर दिखाकर लोगों को अपनी जान लेने पर मजबूर कर देती थी। इस बीच, गूगल सर्च के ट्रेंड से मिले डाटा के मुताबिक इंटरनेट पर इस गेम को सर्च करने वाले दुनिया के टॉप 10 शहरों में 7 भारत के हैं। कोच्चि दुनिया में अव्वल है। लड़की के कमरे से चौंकाने वाली चीजें मिलीं...
- न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक रूस की इंटीरियर मिनिस्ट्री के कर्नल इरिना वॉक ने कहा, "आरोपी लड़की गेम बीच में छोड़ने वालों को जान से मारने की धमकी और उनके परिवार की हत्या करने जैसी धमकियां देकर मासूमों को खुदकुशी करने के लिए इंस्पायर करती थी।"
- पुलिस ने जब लड़की के कमरे की तलाशी ली तो चौंक गई। उसके कमरे से हॉरर किताबें, डरावनी पेटिंग, सुसाइड के लिए इंस्पायर करने वाले फोटो, डीवीडी और विवादित नॉवेल मिले हैं। पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपी लड़की के कमरे की फुटेज भी जारी की है। लड़की के कमरे से रशियन साइकॉलजी स्टूडेंट फिलिप ब्यूडेइकिन के फोटो और किताबें भी मिली। बता दें कि ब्यूडेइकिन को उसकी विवादित चुनौतियों की वजह से 3 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
ब्लू व्हेल गेम नहीं, खतरा है: मदुरै के लड़के ने सुसाइड नोट में लिखा
- डेथ गेम 'ब्लू व्हेल' ने एक और यूथ की जान ले ली है। मामला तमिलनाडु का है, जहां मदुरै के 19 साल के स्टूडेंट विगेश ने फांसी लगा ली। इसके अलावा पुड्डुचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के शशिकुमार बोरा (23) नाम के एमबीए स्टूडेंट के भी सुसाइड करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शुरुआती जांच ब्लू व्हेल को ही इसकी वजह बताया है।
- इन दो मौतों के साथ ही भारत में इस गेम से अब तक हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 7 हो गया है। विगेश बीकॉम सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था। उसके हाथ पर ब्लू व्हेल की इमेज बनी थी। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, "ब्लू व्हेल गेम नहीं बल्कि खतरा है। एक बार इसमें घुसने के बाद निकल नहीं सकते।"
भारत में गेम का लिंक अभी भी एक्टिव, पहचान के लिए बनेगी कमेटी
- इस बीच, ब्लू व्हेल गेम पर बैन के बावजूद इसके लिंक एक्टिव होने को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने जांच के आदेश दिए हैं कि रोक के बावजूद यह गेम कैसे एक्टिव है।
- प्रसाद ने कहा कि साइबर हमला और ऐसे लिंक आने वाले समय में बड़ी चुनौती बनने वाले हैं। इसलिए सभी इंडस्ट्री को साइबर सुरक्षा अधिकारी अप्वॉइंट करने को कहा है। इसके लिंक की पहचान के लिए कमेटी बनाने का भी फैसला लिया गया है।
ब्लू व्हेल खोजने में टॉप 10 शहरों में 7 भारत के
- सरकार द्वारा रोक लगाने के बावजूद ब्लू व्हेल गेम काफी सर्च किया जा रहा है। 30 अगस्त तक गूगल सर्च के ट्रेंड से मिले डाटा के मुताबिक कोच्चि में नेट पर यह गेम दुनिया में सबसे ज्यादा सर्च किया गया। सालभर में कोच्चि में इसकी 100 गुना ज्यादा बार सर्चिंग हुई। दुनिया के टॉप 10 शहरों में 7 भारत के हैं। तिरुवनंतपुरम दूसरे और कोलकाता तीसरे पर है। बेंगलुरू छठे पर है। टॉप 10 में अन्य भारतीय शहर गुवाहाटी, मुंबई और दिल्ली भी हैं। भारत के अलावा अन्य देशों के तीन शहर सैन-ऐंटोनियो, नैरोबी और पेरिस शामिल हैं। वहीं सर्च करने वाले टॉप देशों में भारत चौथे नंबर पर है।
फेसबुक पर परिजनों की चिंता: हमारे घरों में घुस रहा है यह गेम, अलर्ट रहना ही होगा
- हाल में नई दिल्ली में रहने वाली प्रियंका बंसल ने अपनी सात साल की भतीजी का वाकया फेसबुक पर शेयर किया है। प्रियंका के मुताबिक 'एक दिन जब वो स्कूल से आई तो उसने अपनी मां से 'ब्लू' की स्पेलिंग पूछी। थोड़ी देर बाद 'व्हेल' की। मां को लगा उसने ऐसे ही पूछ लिया होगा। रात में उसने मुझसे पूछा, 'बुआ ये ब्लू व्हेल गेम क्या है?' ये सुनकर मैं दंग थी। मैंने उससे पूछा कि क्या वो व्हेल के बारे में बात कर रही है? उसने कहा, व्हेल नहीं ब्लू व्हेल गेम। मैंने डराने के लिए कहा कि गेम के बारे में क्यों पूछ रही हो? ये गेम तो भूत का है। इतना सुनते ही उसने रोना शुरू कर दिया। उसने अपने पापा के मोबाइल में गेम डाउनलोड किया था और स्कूल बस के दो 'भइया' ने ये गेम डाउनलोड करने को कहा था। हमें लगा कि ये सलाह देने वाले बड़ी क्लास के स्टूडेंट होंगे, लेकिन भतीजी ने बताया 'वो बच्चे पांचवी में पढ़ते हैं। गेम को खोलने पर बड़ी सी व्हेल दिखी। उसकी बॉडी में कुछ मास्क जैसा था तो मैं डर गई।' हालांकि बच्ची बहुत छोटी थी इसलिए शायद इंस्ट्रक्शन समझ नहीं पाई और गेम में आगे की स्टेज पर नहीं जा सकी। अगर वो वाकई गेम शुरू कर आगे बढ़ जाती तो... यह गेम धीरे-धीरे हमारे घरों में घुस रहा है, हमें अलर्ट रहना ही होगा।'
डर के साए में जी रहीं माएं
- प्रियंका अकेली नहीं हैं। बहुत सी ऐसी माएं हैं जो इस डर के साए में जी रही हैं। दिल्ली की ही मंजू के दो बच्चे हैं। बेटी 9 साल की है और बेटा 17 का। उनका कहना है उनकी बच्ची ने तो इस गेम का जिक्र अभी तक नहीं किया है, पर बेटा इस बारे में जानता है। उसके मोबाइल में पासवर्ड है इसलिए वो ये नहीं जानतीं कि वो क्या देखता है और मोबाइल में क्या-क्या है। उनके मुताबिक छोटे बच्चे को रोक सकते हैं, पर 17 साल के किशोर को कैसे समझाएं? मोबाइल देना भी मजबूरी है। उन्होंने बेटे से कह दिया है कि अगर वो कोई ऐसा गेम डाउनलोड करे तो बता जरूर दे। श्वेता की दो बेटियां हैं। एक दस साल की है और छोटी पांच की। बड़ी बेटी ने स्कूल की वैन में इस गेम के बारे मे सुना। उसने ही अपनी मां को बताया कि ये गेम कैसे खेलते हैं। और आखिर में क्या होता है। शीतल कहती हैं कि पांच साल के बच्चे को ये समझा पाना बहुत मुश्किल है कि सुसाइड क्या है। ऐसे में उन्होंने अपनी दोनों बेटियों से सिर्फ ये कहा कि यह बुरा गेम है।

   

सेक्शुअल हैरेसमेंट केस: राम रहीम पेशी के लिए पंचकूला रवाना, काफिले में 100 कारें

चंडीगढ़.सेक्शुअल हैरेसमेंट मामले में आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की शुक्रवार को पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेशी है। साध्वी रेप केस में राम रहीम पर लगे आरोपों पर कोर्ट फैसला सुनाएगा। राम रहीम सिरसा से पंचकूला के लिए रवाना हो चुके हैं। उनके काफिले में 100 से ज्यादा कारें हैं। वहीं, चार दिन से जमे कई डेरा समर्थक तनाव के चलते गुरुवार रात में ही पंचकूला से निकल गए। हरियाणा के सिरसा में हालात को देखते हुए गुरुवार रात से ही कर्फ्यू लगा दिया गया है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 72 घंटों के लिए इंटरनेट, डाटा सर्विस सस्पेंड कर दी गई है। रेलवे ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान जाने वाली 74 ट्रेनों को रद्द कर दिया। रोडवेज ने कई रूट्स की बसें बंद कर दीं। हाईकोर्ट ने कहा- हालात बिगड़े तो सेना को सीधा निर्देश देंगे...
- हालात से निपटने के लिए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह से बात कर सेना बुला ली है। सिक्युरिटी फोर्सेस ने पंचकूला में देर रात सपोर्ट्स को सड़कों से खदेड़ा गया। लाउडस्पीकर पर उन्हें पंचकूला छोड़ने के लिए कहा गया। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
- हाईकोर्ट में पंजाब की कानून-व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका के चलते एक पिटीशन दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार से भी सवाल-जवाब किए।
- HC ने हरियाणा सरकार से पूछा, "पंचकूला में हजारों डेरा समर्थक कैसे पहुंचे? सरकार लॉ एंड ऑर्डर मामले को लेकर नाकामयाब नजर आ रही है। लापरवाही के लिए क्यों न हरियाणा के डीजीपी सस्पेंड कर दिया जाए?”
- "हम तीन दिन से देख रहे हैं कि वहां क्या चल रहा है। केंद्र जरूरी कदम उठाए, वरना हम आर्मी को निर्देश देंगे।" हाईकोर्ट की इस टिप्पणी पर केंद्र ने भरोसा दिलाया कि सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।" वहीं, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा- जरूरत पड़ने पर यहां भी कुछ जगहों पर कर्फ्यू लगाया जा सकता है।
क्यों न पुलिस को हटाकर सेना की तैनाती कर दें?
- HC ने कहा- जाट आंदोलन जैसे हालात न पैदा हों। हरियाणा सरकार सख्त कदम उठाए। सरकार हालात से निपटने के लिए सक्षम नहीं है तो क्यों न पुलिस को हटाकर सेना की तैनाती कर दी जाए?
- कोर्ट ने यूनियन होम सेक्रेटरी को भी एक्शन लेने को कहा। कोर्ट ने आईबी को भी राज्य सरकार को इनपुट देने के निर्देश दिए हैं।
जरूरत पड़ी तो आर्मी बुलाएंगे- हरियाणा सरकार
- डेरा सपोर्टर्स के जमा होने और लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने कहा- सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
- चीफ सेक्रेटरी राम निवास ने कहा, "हमने सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेस की 53 कंपनियां तैनात की हैं। हरियाणा पुलिस के 50 हजार जवान तैनात हैं। वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो आर्मी को बुलाएंगे।"
हम कोर्ट जरूर जाएंगे- राम रहीम
- इस बीच, गुरुवार को राम रहीम ने फेसबुक पेज पर लिखा, "हमने सदा कानून का सम्मान किया है। हालांकि, हमारी पीठ में दर्द है, फिर भी कानून का पालन करते हुए हम कोर्ट जरूर जाएंगे। हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है। सभी शान्ति बनाए रखें।"
1948 में शुरू हुआ था डेरा सच्चा सौदा
- डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना महाराज ने की थी। फिर शाह सतनाम महाराज बने और उन्होंने 1990 में संत गुरमीत सिंह को गद्दी सौंपी। संत गुरमीत श्रीगंगानगर (राजस्थान) के गांव गुरुसरमोडिया के हैं।
क्या है मामला
अप्रैल 2002ः पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तब के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को एक साध्वी ने शिकायत भेजी।
मई 2002: लेटर के फैक्ट्स की जांच का जिम्मा सिरसा के सेशन जज को साैंपा गया।
दिसंबर 2002: सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम पर धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया।
दिसंबर 2003: सीबीआई को जांच के निर्देश दिए गए। 2005-2006 के बीच में सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढा जिसका यौन शोषण हुआ था।
जुलाई 2007: सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। यहां से केस पंचकूला शिफ्ट हो गया और बताया गया कि डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं।
अगस्त 2008: ट्रायल शुरू हुआ और डेरा मुखी के खिलाफ चार्ज तय किए गए।
2011 से 2016: लंबा ट्रायल चला। डेरा मुखी की ओर से अपीलें दायर हुईं।
जुलाई 2016: केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए। इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे।
जून 2017: डेरा प्रमुख ने विदेश जाने के लिए अपील दायर की तो कोर्ट ने रोक लगा दी।
25 जुलाई 2017: कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि केस जल्द निपट सके।
17 अगस्त 2017: बहस खत्म हुई और अब 25 अगस्त को फैसला आना है।

   

UP में 5 दिन में दूसरा रेल हादसा: कैफियात एक्सप्रेस डंपर से टकराई, 80 जख्मी

लखनऊ. आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियात एक्सप्रेस ट्रेन औरेया जिले में दिल्ली-हावड़ा रेल ट्रैक पर एक डंपर से टकरा गई। एजेंसी के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2.40 बजे हुए इस हादसे में ट्रेन के इंजन समेत 10 डिब्बे पलट जाने से 80 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए हैं, जिसमें 26 की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी जख्मियों को नजदीकी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गया है। बता दें कि 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर में खतौली के पास उत्कल एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे हुआ हादसा...
- जानकारी के मुताबिक, कानपुर और इटावा के बीच आने वाले अछल्दा रेलवे स्टेशन के बीच वीरपुर गांव के पास यह हादसा हुआ है। यहां एक डंपर रेलवे ट्रैक को पार कर रहा था, उसी वक्त तेज रफ्तार में निकल रही कैफियात एक्सप्रेस ट्रेन उससे टकरा गई, जिससे करीब 10 डिब्बे पटरी से उतर गए।
- 80 घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और मामूली तौर पर घायल हुए लोगों का मौके पर ही इलाज किया जा रहा है।
- रेलवे ऑफिशियल्स के मुताबिक, हादसे में अभी तक किसी के मारे जाने की खबर नहीं है। अछल्दा के हेल्थ सेंटर पर करीब 50 से ज्यादा मरीज लाए गए हैं। जबकि, सेंटर की कैपेसिटी 15 से 20 मरीज एक साथ देख पाने की है। अब कानपुर और इटावा से डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया है।
- औरेया रेल हादसे में घायलों के इलाज के लिए सैफई मिनी पीजीआई ने इमरजेंसी कंट्रोल रूम नंबर 05688276566 जारी किया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा: प्रिंस‍िपल होम सेक्रेटरी
- प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम अरविंद कुमार ने बताया, ''मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर कैफियात एक्सप्रेस (12225) का एक्सीडेंट हुआ है। एक लोडर (डंपर) HR63 B 9175 ट्रैक के काम के लिए बालू लेकर जा रहा था। डंपर पलटने से ये ट्रैक पर आ गया। इसके बाद हादसे में ट्रेन की 1 बोगी भी पलट गई, जबकि 3 बोगियां डिरेल हुई हैं।''
- ''कैजुअलिटी की कोई खबर नहीं है। डीएम और एसपी स्पॉट पर हैं। औरेया, इटावा और कन्नौज से एम्बुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। NDRF की टीम लखनऊ से रवाना हो गई है।''
- ''रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेन के 2 ड्राइवर जख्मी हुए हैं। 1 के सिर में चोट लगी है। 74 पैसेंजर्स को हल्की चोटें आई हैं, जिसमें 4 की हालत गंभीर है। 2 को इटावा तो 2 लोगों को सैफई रेफर किया गया है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है।''
- एडीजी कानपुर अविनाश चंद्र ने बताया, ''रात 2 बजकर 40 मिनट पर डंपर ट्रैक पर पलट गया और 2 बजकर 45 मिनट पर कैफियत एक्सप्रेस आ गई। 5 मिनट का अंतराल होने के कारण ट्रैक खाली नहीं कराया जा सका और ये हादसा हो गया।''
ट्रेन का रूट क‍िया गया डायवर्ट
- कानपुर-टुंडला सेक्शन की सभी पैसेंजर ट्रेनों को कैंस‍िल कर द‍िया गया है। वहीं, दिल्ली और हावड़ा के मेन लाइन होने की वजह से 7 ट्रेनों के रूट को डायवर्ट कर द‍िया गया है।
- स्टेशन सुपर‍िटेंडेंट आरपी त्रिवेदी ने बताया क‍ि इस दुर्घटना की वजह से राजधानी, शताब्दी को लखनऊ-मुरादाबाद रुट से दिल्ली भेजने की तैयारी है। वहीं, कुछ ट्रेनों को कन्नौज, फर्रुखाबाद के रास्ते दिल्ली भेजा जाएगा।
स्पीड में थी ट्रेन-सिग्नल ग्रीन मिला, अचानक ट्रक टकराया: ड्राइवर
- ट्रेन के ड्राइवर एसके चौहान के मुताबिक, कॉरिडोर का काम चल रहा है। ट्रेन पूरी रफ्तार में थी। सारे सिग्नल ग्रीन मिले। एक ट्रक बीच ट्रैक पर आ गया और हादसा हो गया। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
इस साल हो चुके ये बड़े रेल हादसे
- 19 अगस्त 2017: पुरी से हरिद्वार जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस यूपी के मुजफ्फरनगर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 23 लोग मारे गए थे।
- 21 जनवरी 2017: कुनेरू के पास जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस पटरी से उतरी गई थी। इसमें 40 से ज्यादा की मौत और 68 घायल हो गए थे।
- 7 मार्च, 2017: मध्य प्रदेश में भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में बम फटा था, जिसमें 10 लोग घायल हो गए थे।

   

स्पीड में थी ट्रेन-सिग्नल ग्रीन मिला, अचानक ट्रक टकराया: कैफ‍ियात एक्सप्रेस का ड्राइवर

कानपुर. आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियात एक्सप्रेस बुधवार तड़के करीब 2.40 बजे एक डंपर से टकरा गई। इससे ट्रेन के इंजन समेत 10 डिब्बे पलट गए। हादसे में ट्रेन के दोनों ड्राइवर समेत 80 लोगों के घायल होने की खबर है। इनमें से 26 की हालत नाजुक बताई जा रही है। घायलों को इटावा पीजीआई रेफर किया गया है। ट्रेन के ड्राइवर एसके चौहान के मुताबिक, कॉरिडोर का काम चल रहा है। ट्रेन पूरी रफ्तार में थी। सारे सिग्नल ग्रीन मिले। एक ट्रक बीच ट्रैक पर आ गया और हादसा हो गया। रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची...
- जानकारी के मुताबिक, कानपुर और इटावा के बीच आने वाले अछल्दा रेलवे स्टेशन के बीच वीरपुर गांव के पास ये हादसा हुआ।
- हादसे में ट्रेन के B2, H1, A2, A1 और S10 के अलावा 4 जनरल कोच पलट गए।
- सूचना मिलते ही रेलवे एडम‍िन‍िस्ट्रेशन घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गया है। इलाहाबाद और लखनऊ मंडल से एक्स्ट्रा मेडिकल वैगन और रेस्क्यू टीम को रवाना किया गया है। कानपुर से 5 से ज्यादा एम्बुलेंस भेजी गई हैं।
- अछल्दा के प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर 50 से ज्यादा मरीज लाए गए हैं। कानपुर और इटावा से भी डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
- हेल्पलाइन नंबर- 0512- 2323015, 2323016, 2323017
- इमरजेंसी नंबर- 05688276566
- सैफई मिनी पीजीआई का इमरजेंसी कंट्रोल रूम नम्बर 05688276566
इस साल हो चुके ये बड़े रेल हादसे
- 19 अगस्त 2017: पुरी से हरिद्वार जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस यूपी के मुजफ्फरनगर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 22 लोग मारे गए थे।
- 21 जनवरी 2017: कुनेरू के पास जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस पटरी से उतरी गई थी। इसमें 40 से ज्यादा की मौत और 68 घायल हो गए थे।
- 7 मार्च, 2017: मध्य प्रदेश के जबरी रेलवे स्टेशन के पास भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में बम फटा था, जिसमें 10 लोग घायल हो गए थे।

   

मालेगांव ब्लास्ट: 9 साल बाद ले.कर्नल पुरोहित रिहा, सेना की कस्टडी में रहेंगे

मुंबई. मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित नौ साल बाद बुधवार को जेल से बाहर आ गए। जेल से वे सेना की गाड़ी से रवाना हुए। प्रॉसेस के तहत अभी उन्हें सेना की ओपन कस्टडी में रखकर उनकी एक्टिविटी पर नजर रखी जाएगी। बता दें कि पुरोहित को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। वे मंगलवार को जेल से रिहा होने वाले थे, लेकिन देर रात तक कागजी कार्रवाई पूरी न होने की वजह से रिहाई नहीं हो पाई थी। रिहाई के बाद वे सीधे अपने घर पुणे आएंगे। मंगलवार को कोर्ट में पेशी के बाद जेल जाते वक्त पुरोहित ने कहा था कि आर्मी ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा। एनआईए कोर्ट ने मानीं शर्तें...
- मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद पुरोहित को मंगलवार दोपहर स्पेशल एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था।
- दोपहर में उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में बेल की शर्तों में कुछ बदलाव की अपील की। कोर्ट ने इन्हें मान लिया। लेकिन, एनआईए कोर्ट से रिलीज ऑर्डर में देरी हो गई। शाम 7 बजे पुलिस उन्हें वापस नवी मुंबई के तलोजा जेल ले गई थी।
'अार्मी अपने साथियों को निराश नहीं करती'
- एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए उन्होंने कहा, "आर्मी ने कभी उन्हें निराश नहीं किया, आर्मी और उनके साथी हमेशा उनके साथ खड़े रहे। यह आर्मी की परंपरा रही है कि कभी अपने साथियों को निराश नहीं करती है। मुझे कभी एहसास नहीं हुआ कि मैं सेना से बाहर हूं।"
- पुरोहित ने आगे कहा, "मैं अपनी यूनिफार्म फिर पहनना चाहता हूं, आर्मी में वापस जाना चाहता हूं। वर्दी मेरे शरीर की स्किन की तरह है। मुझे इसे वापस पाने में बेहद खुशी होगी।"
- आगे उन्होंने कहा कि जेल से निकलने के बाद वे सबसे पहले अपने घर जाएंगे।
'किसी और को नहीं किस्मत को दोष देता हूं'
- पुरोहित ने आगे कहा, "9 साल जेल में रहने के बाद मैं किसी और को नहीं, बल्कि अपनी किस्मत को दोष देता हूं। सेना ने मुझे चरित्र सिखाया, यह केस मुझे परेशान नहीं करता है।"
- ब्लास्ट केस में नाम जुड़ने पर पूछे सवाल पर पुरोहित ने कहा, "अगर मैं इस तरह के काम से जुड़ा रहता तो मेरी पत्नी और मां मुझे छोड़ देती।"
क्यों हुई रिहाई में देरी?
- जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर पुरोहित को स्पेशल एनआईए कोर्ट जज एसडी तिकाले के सामने पेश किया गया। इस कोर्ट को ही पुरोहित पर आरोप तय करने हैं।
- दोपहर में सुप्रीम कोर्ट में पुरोहित के वकील श्रीकांत शिवदे ने एक एप्लीकेशन फाइल की। उन्होंने अपील में कहा कि उनके मुवक्किल को बेल देते वक्त जो शर्तें लगाई गई हैं, उनमें कुछ बदलाव किया जाए। शिवदे ने कहा कि श्योरिटी की जगह उन्हें कैश बेल दी जाए। सुप्रीम कोर्ट इसकी इजाजत दे दी।
- इसके बाद, एनआईए कोर्ट से रिलीज ऑर्डर की प्रॉसेस शुरू हुई। इसमें काफी वक्त लगा और शाम के 7 बज गए। पुलिस पुरोहित को वापस जेल ले गई।
आर्मी की गाड़ी भी खाली लौटी
- पुरोहित को जेल से लेने के लिए आर्मी की एक गाड़ी आई थी, लेकिन इसमें मौजूद अफसरों को जब लगा कि रिहाई आज नहीं हो पाएगी तो शाम को गाड़ी वापस चली गई।
रिहाई के बाद यूनिट को रिपोर्ट करेंगे
- पुरोहित जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद अपनी यूनिट को रिपोर्ट करेंगे। सेना के सूत्रों के मुताबिक, पुरोहित को 20 जनवरी 2009 को गिरफ्तारी के बाद सस्पेंड कर दिया गया था। उस वक्त वे सेना की पचमढ़ी स्थित यूनिट में तैनात थे।
- सेना के सूत्रों के मुताबिक, सेना के सस्पेंड अफसर या जवान को जमानत मिलने पर उसे 24 घंटे में अपनी यूनिट में रिपोर्ट करना होता है। सेना मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उसके सस्पेंशन का रिव्यू करती है। इस दौरान उसको 'ओपन अरेस्ट' यानी खुली गिरफ्तारी में रखा जाता है और उसकी एक्टिविटी पर नजर रखी जाती है। उसे वर्दी पहनना जरूरी होता है, लेकिन विशेष अनुमति में वह सादे कपड़े भी पहन सकता है।
क्या है मामला?
- बता दें कि 29 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में बम ब्लास्ट हुआ था। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी, करीब 100 लोग जख्मी हुए थे। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा और पुरोहित समेत 12 लोग अरेस्ट किए गए थे।
- ब्लास्ट उस वक्त किए गए थे, जब लोग रमजान के दौरान नमाज पढ़ने जा रहे थे। इन ब्लास्ट के पीछे हिंदू राइट विंग ग्रुप्स से जुड़े लोगों का हाथ होने की बात सामने आई थी।

   

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