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सनी लियोनी संग बच्ची का फोटो ट्वीट तो मचा बवाल, 6 साल की सजा का डर

भोपाल.प्री अडाप्शन में फिल्म एक्ट्रेस सनी लियोनी को दी जाने वाली बच्ची के मामले में केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण (कारा) ने जे जे एक्ट का उल्लंघन किया है। कारा ने सनी लियोन का महिमा मंडित करते हुए उसके साथ बच्ची का फोटो ट्विटर पर अपलोड करते हुए बच्ची के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी की। क्या है मामला...
-वहीं सनी लियोनी ने भी कोर्ट में मामला विचाराधीन होने पर दौरान ही बच्ची का फोटो सार्वजनिक किया है।
-इसका विरोध जे जे एक्ट की क्रियान्वयन के लिए बनाई गई राज्य बाल संरक्षण समिति ने विरोध किया है।
-इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रीय बाल आयोग और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मेनका गांधी को शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है।
-आयोग ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास सचिव से जांच रिपोर्ट मांगी है।
-वहीं मेनका गांधी ने भी जे जे एक्ट का उल्लंघन करने वाले अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
-यह देश का पहला मामला है जिसमें आयोग ने जे जे एक्ट के उल्लंघन करने वाली कारा के विरुद्ध नोटिस जारी किया है। दरअसल बच्ची के संबंध में मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
वेबसाइट पर ऑन लाइन आवेदन किया था
-फिल्म अभिनेत्री सनी लियोनी ने 30 सितंबर 2016 को 30 सितंबर 2016 को कारा की वेबसाइट पर ऑन लाइन आवेदन किया था।
-नियमानुसार 31 जून 2017 को बच्ची और सनी लियोनी की मैच मैकिंग कराई गई। इसके बाद कोर्ट में गोद दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
-इसी दौरान कारा ने लियोनी को बच्ची प्री अडाप्शन फास्टर केयर में दे दी।
बच्ची को इस तरह किया अपमानित, की नस्लभेद टिप्पणी
-कारा ने 4 अगस्त 2017 को सुबह 10.47 मिनट पर फास्टर केयर में दिए जाने का फोटो अपलोड करते हुए बच्ची की निजता भंग करते हुए उसके विषय में अपमानजनक टिप्पणी की है।
-जिसमें कहा जिस बच्ची को 11 परिवार रिजेक्ट कर चुके उसे अभिनेत्री सनी लियोनी ने लिया। कारा के सीईओ दीपक कुमार यही नहीं रुके उन्होंने बच्ची के रंग पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि लियोनी ने बच्ची के रंग और उसके स्वास्थ्य को अनदेखा किया।
कारा के खिलाफ की जाए सख्त कार्रवाई, हटाई जाए ट्विटर से सामाग्री
-जे जे एक्ट के क्रियान्वयन के लिए बनाई गई राज्य बाल संरक्षण समिति के सदस्य मप्र बाल आयोग के पूर्व सदस्य विभांशु जोशी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
-उनका कहना है कि बच्ची के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का अधिकार किसी को नहीं है। खासतौर पर रंग भेद को लेकर।
-इस मामले राष्ट्रीय बाल आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने संज्ञान लेकर रिपोर्ट मांगी है और कारा को आपत्तिजनक ट्विट हटाने के निर्देश दिए हैं।
-वहीं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने ज्वाइन सेक्रटरी जे जगत नाथपति को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह है सजा का प्रावधान
-स्टेट लॉ कॉलेज के प्रोफेसर और जे जे एक्ट के जानकार डॉ. विश्वास चौहान ने बताया कि कारा और सनी लियोनी ने जे जे एक्ट 2015 की धारा 3 और धारा 74 का उल्लंघन किया है।
-इससे गोद दिए जाने वाले बच्ची की निजता और गरिमा का हनन हुआ है। धारा 3 में दिए गए सिद्धांत अंतरराष्ट्रीय ट्रीटी के द्वारा मान्य होते हैं।
-चूंकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए बच्ची का फोटो प्रकाशित नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि एक्ट के अनुसार लीगल फ्री होने से पूर्व बच्चे का फोटो प्रकाशित किया जा सकता है ताकि उसके माध्यम से बच्चे के जैविक माता-पिता को ढूंढा जा सके। लीगल फ्री होने के बाद बच्चे की निजता और गरिमा को बनाए रखने के लिए पहचान को गोपनीय रखने का प्रावधान है।
-जे जे एक्ट की धारा-3 और धारा 74 का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ 2 लाख का जुर्माना और 6 से 1 साल तक की सजा या दोनों हो सकती है।

   

केजरीवाल ने मानहानि केस में BJP नेता से माफी मांगी, कोर्ट को सौंपा लेटर

नई दिल्ली.अरविंद केजरीवाल ने अपने खिलाफ दायर एक मानहानि केस में बीजेपी नेता से माफी मांग ली। उन्होंने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट को सौंपे लेटर में कहा कि मेरे कुछ पूर्व साथियों ने बीजेपी नेता और पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना के भष्टाचार में लिप्त होने की जानकारी दी थी। इसके बाद मेरी ओर से उनके लिए कहे गए शब्दों और बयान पर खेद जताता हूं। ये जानकारी बाद में झूठी निकली। बता दें कि बीजेपी नेता ने 2014 में मानहानि केस फाइल कर 1 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा था। केजरी ने बीजेपी नेता के लिए क्या कहा...
- बीजेपी नेता भड़ाना का आरोप है कि दिल्ली के सीएम ने 31 जनवरी, 2014 को उनके लिए आपत्तिजनक बयान दिया। उन्होंने कहा था कि अवतार सिंह भड़ाना देश के सबसे भ्रष्ट लोगों में से एक हैं।
- इसके बाद उन्होंने केजरीवाल को लीगल नोटिस भेजकर बयान पर माफी मांगने के लिए कहा। नोटिस में भड़ाना ने कहा था कि आपके कमेंट से समाज में मेरे मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। बयान वापस लेकर माफी मांग लें। लेकिन ऐसा नहीं करने पर उन्होंने आम आदमी के चीफ के खिलाफ 1 करोड़ की मानहानि का केस दायर कर दिया।
माफीनामे में क्या लिखा?
- केजरीवाल ने कोर्ट को दिए लेटर में कहा, ''अवतार सिंह भड़ाना की ओर से दायर मानहानि केस में कोर्ट को बताना चाहता हूं कि कुछ पूर्व साथियों के दिए इनपुट के आधार पर मेरे द्वारा बीजेपी नेता के खिलाफ बयान दिया गया। इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। मुझे बाद में पता चला है कि उन पर लगाए आरोप झूठे निकले। बयान पर मुझे खेद है, चाहता हूं कि केस वापल ले लिया जाए।''
क्या जेटली से माफी मांगेंगे?
- डीडीसीए में करप्शन के आरोप लगाने के बाद अरुण जेटली ने भी केजरीवाल समेत 5 आप नेताओं के खिलाफ के 10-10 करोड़ के दो मानहानि केस फाइल किए हैं।
- इस मामले में सीनियर वकील राम जेठमलानी केजरीवाल की पैरवी कर रहे थे, लेकिन कुछ दिन पहले उन्होंने केस से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद जेठमलानी ने केजरीवाल को एक लेटर लिखा और वित्त मंत्री से माफी मांगने की सलाह दी है।
कौन हैं भड़ाना?
- हरियाणा की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे अवतार सिंह भड़ाना यूपी इलेक्शन के वक्त बीजेपी में शामिल हो गए। इसके पहले कुछ दिनों तक इंडियन नेशनल लोकदल में भी रहे। फिलहाल, मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट से विधायक हैं। कांग्रेस के टिकट पर हरियाणा और यूपी में 4 बार सांसद रह चुके हैं।

   

15 अगस्त को लद्दाख में भारतीय सैनिकों ने किया था हमारे ट्रूप्स पर हमला:चीन

बीजिंग/नई दिल्ली.चीन ने कहा है कि 15 अगस्त को लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच जो हिंसक झड़प हुई थी, उसके लिए इंडियन आर्मी जिम्मेदार है। बता दें कि इंडिपेंडेंस डे के दिन ही लद्दाख के पेंगगोंग लेक के करीब दोनों देशों के सैनिकों में हाथापाई और पत्थरबाजी हुई थी। भारत सरकार ने इसे ‘एक घटना’ करार दिया था। चीन ने इसके लिए भारत को ही जिम्मेदार ठहरा दिया है। चीन के मुताबिक- उसने इस घटना के लिए भारत से विरोध भी दर्ज कराया है। क्या है मामला...
- 15 अगस्त को चीन के कुछ सैनिकों ने लद्दाख की पेंगगोंग लेक के करीब भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी। भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को रोकने की कोशिश की। इसके बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच पहले हाथापाई हुई। इसके बाद मामला पत्थरबाजी तक पहुंच गया।
- फॉरेन मिनिस्ट्री ने अपने बयान में हाथापाई और पत्थरबाजी पर तो कुछ नहीं कहा था लेकिन ये जरूर माना था कि उस इलाके में कुछ घटना जरूर हुई थी।
- सोमवार को चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्शन हुआ चुनयिंग ने इस घटना पर बयान दिया।
क्या कहा चीन ने?
- हुआ ने कहा- चीन के सैनिक उस इलाके में रूटीन पैट्रोलिंग कर रहे है। वो एलएसी पर अपने इलाके में थे। इस दौरान भारत के सैनिकों ने हाथापाई की। इसमें हमारे कुछ सैनिक घायल हुए हैं। हमने भारत के सामने इस घटना के बारे में सख्त विरोध दर्ज कराया है।
- बता दें कि भारत ने कहा था कि इस घटना के बारे में दोनों देशों के लोकल मिलिट्री कमांडर्स के बीच बातचीत हो चुकी है।
- सिक्किम के डोकलाम एरिया में भारत और चीन के बीच करीब तीन महीने से विवाद चल रहा है। यहां ट्राइजंक्शन एरिया में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं।
आज लद्दाख में हैं आर्मी चीफ और प्रेसिडेंट
- प्रेसिडेंट रामनाथ कोविंद सोमवार को आर्मी के एक प्रोग्राम में शिरकत के लिए लेह-लद्दाख रीजन पहुंचे। उन्होंने यहां तैनात आर्मी बटालियन को ‘प्रेसिडेंट कलर्स’ सौंपे।
- आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत रविवार को ही यहां आ गए थे। रावत लद्दाख में आर्मी की फॉरवर्ड पोस्ट्स पर भी जाएंगे। कोविंद के प्रोग्राम में भी वो मौजूद रहे।
क्या होते हैं प्रेसिडेंट कलर्स
- प्रेसिडेंट कलर्स सेना की ऐसी बटालियनों को प्रदान किए जाते हैं, जिन्होंने युद्ध के मैदान में वीरता की मिसाल कायम की हो। लंबी प्रॉसेस के बाद ऐसी बटालियन चुनी जाती हैं, जो देश के लिए कुर्बानियां देने में आगे रही हों।
- खास बात ये है कि लद्दाख स्काउट्स पहले सेना की परमानेंट यूनिट नहीं थीं, लेकिन कारगिल युद्ध जीतने में इन यूनिटों के सैनिकों ने जबरदस्त बहादुरी दिखाई थी। इसके बाद 2001 में इन्हें भारतीय सेना का हिस्सा बना दिया गया।
- लद्दाख में 15 अगस्त को चीनी घुसपैठ को भी इसी यूनिट ने नाकाम किया था।

   

कश्मीर के कुपवाड़ा में एनकाउंटर, सिक्युरिटी फोर्सेस ने 3 आतंकियों को घेरा

श्रीनगर. कश्मीर के कुपवाड़ा में मंगलवार को सिक्युरिटी फोर्सेस और आतंकियों के बीच एनकाउंटर जारी है। फोर्सेस ने 2 से 3 आतंकियों को घेर लिया है। 13 अगस्त को शोपियां में एनकाउंटर में 3 आतंकी मारे गए थे और 2 जवान शहीद हो गए थे। बता दें कि बीते कुछ महीने से कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए सिक्युरिटी फोर्सेस ऑपरेशन क्लीन चला रही हैं। आर्मी बेस पर आतंकियों ने किया था हमला...
- 11 अगस्त की रात कश्मीर के कुपवाड़ा के कलारूस फॉरेस्ट एरिया में बने आर्मी हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें एक जवान जख्मी हो गया।
- त्राल में सुरक्षा बलों ने भारत में अलकायदा के चीफ जाकिर मूसा समेत 3 आतंकियों को घेर रखा था, जो अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे।
- 12 अगस्त को पाक ने पुंछ में एलओसी के पास सीजफायर वॉयलेशन किया। बॉर्डर से सटे इलाके में पाक की गोलीबारी से एक महिला की मौत हो गई। एक अगस्त तक पाक की तरफ से 285 बार सीजफायर वॉयलेशन हो चुका है।
अगस्त में 5 एनकाउंटर
- 5 अगस्त को सोपोर में सिक्युरिटी फोर्सेस ने एनकाउंटर में 3 आतंकियों को मार गिराया। पुलिस का एक जवान जख्मी हुआ था। फोर्सेस ने 3 एके-47 राइफलें भी बरामद की थीं।
- 4 अगस्त को फोर्सेस ने अनंतनाग में एनकाउंटर में यावर नाम के एक आतंकी को मार गिराया। यावर ने एक महीने पहले ही हिजबुल मुजाहिदीन ज्वाइन किया था। यावर पत्थरबाजी की कई घटनाओं में शामिल था। उसने जुलाई के पहले हफ्ते में हिजबुल ज्वाइन किया था। यावर ने पुलिस गार्ड से एक सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR) लूटी थी। एक राइफल, 2 मैगजीन और 40 राउंड गोलियां बरामद की गई थीं।
- 3 अगस्त को ही कुलगाम में सिक्युरिटी फोर्सेस ने 2 आतंकियों को मार गिराया था।
- 1 अगस्त को सिक्युरिटी फोर्सेस ने पुलवामा के हाकरीपोरा में एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर अबु दुजाना समेत 2 आतंकियों को मार गिराया था। दुजाना पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्तिस्तान का रहने वाला था।
- 30 जुलाई को पुलवामा जिले में सिक्युरिटी फोर्सेज और आतंकियों के बीच एनकाउंटर हुआ। इस दौरान तहाब एरिया में 2 आतंकी मारे गए। जिसके बाद जिले के सम्बूरा, तहाब और इससे लगे इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन किया और फोर्स पर पत्थर बरसाए। सिक्युरिटी फोर्सेज को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
जून में हुए आतंकी हमले में 6 जवान शहीद
- 16 जून को कश्मीर के अचबल में आतंकियों ने घात लगाकर पुलिस पार्टी पर हमला किया था। इसमें 6 पुलिसवाले शहीद हो गए। आतंकियों ने भागने के पहले इन जवानों के चेहरे बिगाड़ दिए थे। ये लोग रूटीन राउंड पर निकले थे।
- वहीं, 15 जून को घाटी के हैदरपुरा इलाके में दो अलग-अलग घटनाओं में आतंकियों ने पुलिस जवानों पर हमला किया था। इसमें दो जवान शहीद हो गए थे।
कश्मीर में 7 महीने में 109 आतंकी ढेर, हर दिन हुई एक आतंकी वारदात
- कश्मीर और आतंकवाद पर होम मिनिस्ट्री की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर में 7 महीनों में औसतन हर दिन एक आतंकी वारदात हुई है। रिपोर्ट में कहा गया कि 7 महीनों में मारे जाने वाले आतंकियों की तादाद 109 है, जो कि इस दशक में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2016 में 150 आतंकी मारे गए थे, लेकिन ये आंकड़ा पूरे साल का था।
- रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पिछले साल हुई आतंकी वारदातों से तुलना करें तो इस साल 23 जुलाई तक इनमें 25 पर्सेंट तक का इजाफा भी दर्ज किया गया है। 1 जनवरी से लेकर 23 जुलाई के बीच घाटी में 184 हिंसक आतंकी वारदातें हुई हैं।
- पिछले साल इसी समयसीमा के भीतर ऐसी 155 वारदातें हुई थीं, जबकि 2016 में ऐसी कुल 322 आतंकी वारदातें हुई थीं। 2015 में 208 और 2014 में ऐसी 222 आतंकी वारदातें हुई थीं।

   

तीन तलाक के खिलाफ सबसे पहले कोर्ट पहुंची थीं शायरा, ये है उनकी कहानी

नई दिल्ली.तीन तलाक के खिलाफ सबसे पहले 38 साल की शायरा बनो ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस रिवाज के तहत कोई भी शख्स बेहद आसान तरीके से अपनी पत्नी को तीन तलाक बोलकर उसे छोड़ सकता है। बता दें कि शायरा को उनके पति ने टेलीग्राम से तलाकनामा भेजा था। उनके दो बच्चे हैं, लेकिन वे एक साल से उनका मुंह देखने को तरस रही हैं। फोन पर भी बात नहीं करने दी जाती। निकाह हलाला और बहु विवाह को भी किया चैलेंज...
- शायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में निकाह हालाला की रिवाज को भी चैलेंज किया। इसके तहत मुस्लिम महिलाओं को अपने पहले पति के साथ रहने के लिए दूसरे शख्स से दोबारा शादी करनी होती है। वे मुस्लिमों में बहुविवाह को भी गैर-कानूनी बनाने की मांग कर रही हैं।
कार नहीं मिली तो दे दिया तलाक
- उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाली शायरा की शादी 2002 में इलाहाबाद के प्रॉपर्टी डीलर रिजवान के साथ हुई थी।
- उनके साथ जल्द की परेशानी शुरू हो गई। उन्होंने बताया, "मेरे ससुराल वाले फोर व्हीलर की मांग करने लगे और मेरे पैरेंट्स से चार-पांच लाख रुपए कैश चाहते थे। उनकी माली हालत ऐसी नहीं थी कि यह मांग पूरी कर सकें। मेरी और भी बहनें थीं।"
- शायरा के दो बच्चे हैं। 13 साल का बेटा और 11 साल की बेटी। शायरा का आरोप है कि शादी के बाद उसे हर दिन पीटा जाता था। रिजवान हर दिन छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करता था। "बहुत ज्यादा बहस करना और झगड़ना उसकी आदम में शामिल था।"
छह बार करवाया अबॉर्शन
- शायरा के मुताबिक, रिजवान से शादी के बाद उसे कई गर्भनिरोध (contraceptives) लेने को कहा गया, जिसकी वजह से वह काफी बीमार हो गई। रिजवान ने उसका छह बार अबॉर्शन करवाया। "पिछले साल अप्रैल में मैं अपने पैरेंट्स के घर लौट आ गई, तो मुझे लौट आने को कहा जाने लगा। अक्टूबर में मुझे टेलीग्राम के जरिए तलाकनामा भेज दिया गया।" वह एक मुफ्ती के पास गई तो उन्होंने कहा कि ट्रेलीग्राम से भेजा गया तलाक जायज है।
बच्चों से फोन पर भी बात नहीं करने दी जाती
- शायरा के बच्चे रिजवान के साथ रहे हैं। वह उन्हें देखने के लिए एक साल से तरस रही है। शायरा का कहना है कि यहां तक कि उसे बच्चों से फोन पर भी बात नहीं करने दी जाती।
- शायरा का कहना है कि वे इस जंग में पीछे हटने वाली नहीं हैं। उनका यह कदम दूसरी महिलाअों के लिए मददगार होगा।
अाफरीन रहमान
- जयपुर की रहने वाली 28 साल की अाफरीन रहमान एमबीए-ग्रेजुएट हैं। मेट्रीमोनियल वेबसाइट की मदद से 2014 में उनकी शादी इंदौर के वकील से हुई।
- अाफरीन का कहना है, "लगता था वह बेहद शरीफ और अच्छे परिवार से ताल्लुक रखने वाला शख्स है। ऐसे में पहली ही मुलाकात के बाद मैं उसके साथ शादी को राजी हो गई।"
- अाफरीन के मुताबिक, उनकी चार बहनें हैं और उनकी शादी के लिए भाई ने 25 लाख का लोन लिया था।
- उन्होंने बताया, "शादी के बाद जब उन्हें पहली बार पीटा गया तो वह हैरान रह गईं। इसके बाद यह हर दिन की बात हो गई। यहां तक सास-ससुर भी मुझे पीटते थे। यह सब दहेज के लिए होता था।"
- अाफरीन का कहना है कि उन्होंने इन जुल्मों के बारे में अपने मायके वालों को नहीं बताया, क्योंकि उन पर पहले से ही बैंक का कर्ज था। इससे वे और तनाव में आ जाते।
ज्वाइन किया भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन
- आखिरकार, शादी के एक साल बात उसे अगस्त 2015 में पति ने उन्हें घर से निकाल दिया। मायके वालों की गुजारिश पर नौ दिन बाद वापस ले गया, लेकिन अगले ही महीने फिर वापस भेज दिया।
- अक्टूबर में आफरीन की मां की बस एक्सीडेंट में मौत हो गई तो उनका पति हमदर्दी जताने के लिए कुछ दिन आया, फिर बातचीत बंद कर दी। फोन और सोशल मीडिया पर भी कोई बात नहीं करता। जनवरी में उसे स्पीड पोस्ट से एक लिफाफा आया। खोला तो देखकर दंग रह गई। यह तलाकनामा था। इसमें तलाक की वजह भी नहीं बताई गई थी।
- बेसहारा महसूस कर रही आफरीन भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन से जुड़ी। शायरा और दूसरी सताई हुई महिलाओं से इंस्पायर होकर उसने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
जकिया रहमान और नूरजहां सैफिया नियाज
- ये दोनों भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की फाउंडर हैं। 2007 में बनाए गए इस एनजीओ से अब तक 15 राज्यों की 30 हजार महिलाएं जुड़ चुकी हैं।
- यह संगठन मस्जिदों और मुंबई की हाजी अली दरगाह में मुस्लिम महिलाओं की एंट्री की मांग करके चर्चा में आया।
एनजीओ का दावा- 92% महिलाएं तीन तलाक के खिलाफ
- इस एनजीओ ने पिछले साल देश का पहला मुस्लिम महिलाओं का सर्वे करवाया, जिसमें दावा किया गया कि देश की 92% मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक पर रोक चाहती हैं।
- एनजीओ ने अपने इस कैम्पेन के पक्ष में चलाई गई ऑनलाइन पिटीशन पर 50 हजार लोगों ने दस्तखत किए थे। इनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे।
- इस आंदोलन के तहत "शरिया अदालतों" या शरिया पर आधारित अनौपचारिक (informal) अदालतों का आयोजन भी किया जाता है। इनमें मुस्लिम महिलाएं अपनी घरेलू दिक्कतें पुरुष काजियों (इस्लामिक जजों) के सामने रखती हैं।
इशरत जहां
- 30 साल की इशरत जहां वेस्ट बंगाल के हावड़ा की रहने वाली हैं। उन्होंने कोर्ट में कहा है कि उनकी शादी 2001 में हुई थी। उनके बच्चे भी हैं, जिन्हें पति ने जबर्दस्त अपने पास रखा है।
- उन्होंने अपनी पिटीशन में बच्चों को वापस दिलाने और उसे पुलिस सुरक्षा दिलाने की मांग की। इशरत ने कहा है कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है। यह भी कहा कि ट्रिपल तलाक गैरकानूनी है और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का हनन है।
गुलशन परवीन, अतिया साबरी
- गुलशन परवीन उत्तर प्रदेश के रामपुर की और अतिया साबरी उत्तर प्रदेश के ही सहारनपुर की रहने वाली हैं। इन्होंने भी तील तलाक को कोर्ट में चैलेंज किया है। बता दें कि अतिया इस मामले में आखिरी पिटीशनर हैं।

   

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