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बिल गेट्स ने अपने फाउंडेशन को 29,500 करोड़ के शेयर दान दिए

    ई दिल्ली. दुनिया के सबसे अमीर शख्स बिल गेट्स ने अपनी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के 4.6 अरब डॉलर (29,500 करोड़ रुपए) के 6.4 करोड़ शेयर दान कर दिए हैं। पिछले 17 साल में बिल गेट्स की अोर से दान की गई यह सबसे बड़ा अमाउंट है। गेट्स ने जून में ही यह रकम दान की थी। अमेरिकी शेयर मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन को दी गई जानकारी के मुताबिक, अब गेट्स के पास माइक्रोसॉफ्ट के सिर्फ 1.3% शेयर बचे हैं। दान से पहले उनके पास 2.3% और 1996 में 24% शेयर थे। गेट्स की 5.8 लाख करोड़ रुपए नेटवर्थ में माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों की हिस्सेदारी सिर्फ 8% रह गई है। यह नहीं बताया कि दान किसे दिया...
    - माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप 36 लाख करोड़ रुपए है। रेगुलेटर को दी सूचना में यह नहीं बताया गया है कि दान के रूप में माइक्रोसॉफ्ट के शेयर किसे दिए गए। पर माना जा रहा है कि ये बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को गए हैं।
    - इस दान के साथ गेट्स इस साल के सबसे बड़े दानवीर बन गए हैं। दूसरे नंबर पर बर्कशायर हैथवे के वॉरेन बफेट हैं।
    - बफेट ने पिछले महीने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को अपनी कंपनी के 20,500 करोड़ रुपए के शेयर दान किए थे।
    17 साल पहले शुरू किया था टैरिटी फाउंडेशन
    - गेट्स ने 2000 में माइक्रोसॉफ्ट सीईओ पद छोड़ने के बाद पत्नी मेलिंडा के साथ बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन बनाया था। यह दुनिया की सबसे बड़ी निजी चैरिटी संस्था है।
    - इस दान से पहले इसके पास 2.6 लाख करोड़ रुपए का फंड था। फाउंडेशन का मकसद फिलहाल अगले तीन साल में पूरी दुनिया को पोलियोमुक्त बनाने का है।
    - हेल्थ फैसेलिटी मुहैया कराना अौर गरीबी मिटाना भी इसके मकसद में शामिल है।
    - गेट्स और बफेट ने 2010 में ‘गिविंग प्लेज’ नाम से चैरिटी भी शुरू की। उन्होंने अपनी आधी प्रॉपर्टी दान देने का टारगेट रखा था।
    - मार्क जकरबर्ग, माइकल ब्लूमबर्ग और जॉर्ज लुकास समेत 170 बड़े अमीर इस चैरिटी से जुड़ चुके हैं।
    2.25 लाख करोड़ रुपए दान कर चुके गेट्स कपल
    - 1975 में पॉल एलेन के साथ माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत करने वाले बिल गेट्स अरबों डॉलर दान करने के बावजूद दुनिया के सबसे अमीर शख्स बने हुए हैं।
    - 1994 से अब तक बिल और मेलिंडा गेट्स ने 2.25 लाख करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी दान की है। उन्होंने 1999 में एक लाख करोड़ रुपए के माइक्रोसॉफ्ट के शेयर दान किए थे।
    - इसके बाद 2000 में 32,000 करोड़ रुपए से बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की शुरूआत की थी।
    मच्छरदानी बांटेंगा फाउंडेशन
    - गेट्स ने मंगलवार को अपने ब्लॉग में मॉस्किटो नेट (मच्छरदानी) इनिशिएटिव का एलान किया। दरअसल मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन मलेरिया की रोकथाम के लिए बरसों से काम कर रहा है और यह पहल उसी अभियान का हिस्सा है।
    - दान में दी गई ये मच्छरदानियां जाम्बिक के इन्हेम्बेन इलाके में बांटी जाएंगी जहां पर ये बीमारी अभी भी गंभीर रूप से फैली हुई है।

   

राजीव गांधी के हत्यारों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट पूर्व पीएम स्वर्गीय राजीव गांधी के सातों हत्यारों की रिहाई संबंधी अपील पर गुरुवार को सुनवाई करेगा। इस मामले में बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई। यहां तमिलनाडु सरकार ने कहा कि इस हत्याकांड के दो दोषियों- रॉबर्ट पायस और जय कुमार को रिहा कराने का उसका कोई इरादा नहीं है। बता दें कि राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक सुसाइड बम अटैक में मौत हो गई थी। हमले का आरोप श्रीलंका के संगठन LTTE पर लगा था। इस हत्याकांड के सातों दोषी- पेरारीवलन, मुरुगन, शंतन, रॉबर्ट पायस, नलिनी, जय कुमार और रविचंद्रन जेल में हैं। 4 को मौत की सजा, 3 को उम्रकैद...
- नलिनी श्रीहरन को तमिलनाडु के वेल्लोर की स्पेशल जेल में रखा गया है। नलिनी को पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, राज्य सरकार ने इसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट ने उसके अलावा, नलिनी के पति मुरुगन समेत चार अन्य दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी।
- नलिनी समेत बाकी तीन को भी मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उनकी मर्सी पिटीशन पर लंबे वक्त तक सुनवाई नहीं होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी है जांच
- 1 मई को हुई इस केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि वो राजीव गांधी हत्याकांड की पूरी जांच करे और बताए कि यह कितने वक्त में पूरी हो पाएगी।
- बता दें कि इस हत्याकांड के 7 दोषियों में पेरारीवलन, मुरुगन, शंतन, रोबर्ट पायस, नलिनी, जय कुमार और रविचंद्रन शामिल हैं। ये सभी जेल की सजा काट रहे हैं।
सरकार ने कहा था- जांच चल रही है, वक्त लगेगा
- कोर्ट के सवालों पर एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने कहा था- मामले की जांच जारी है, इसमें कुछ और वक्त लगेगा क्योंकि कुछ आरोपी भगोड़े हैं। सिंह ने ये भी कहा कि कुछ आरोपी देश से बाहर हैं लिहाजा उनका प्रत्यर्पण (extradition) कराना होगा।
- इस पर कोर्ट ने पूछा- क्या आज सरकार का यही स्टैंड है? क्या इन पर जांच चल रही है? जवाब में सिंह ने कहा- हां, लेकिन इसके लिए कुछ वक्त चाहिए।
- सीबीआई की तरफ से साफ किया गया कि इस मामले में पहले ही काउंटर एफिडेविट फाइल किया जा चुका है और पेरारिवलन की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने खुद मुहर लगाई थी।
तमिलनाडु सरकार ने कहा- रिहा नहीं होंगे दोषी
- तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि वह कोर्ट के 2012 के फैसले में कोई दखल नहीं देगी, न ही दोषियों को माफ करेगी।
- बता दें कि दोषियों ने सबसे पहले 2012 में पिटीशन दायर करके सरकार से उन्हें रिहा कराने की गुहार लगाई थी।
- उनका कहना था कि वे 20 साल की कैद काट चुके हैं। उन्होंने उम्रकैद की सजा पाए कई लोगों को 14 साल की कैद के बाद रिहा किए जाने का उदाहरण भी दिया।
- रॉबर्ट ने सीएम ई पलानीस्वामी को लेटर लिखकर कहा था कि अगर उन्हें रिहा नहीं किया जाता है तो दया के आधार पर मौत की सजा दे दी जाए।
- केंद्र सरकार ने भी दोषियों को किसी भी स्थिति में रिहा करने से इनकार कर दिया था।
- हाईकोर्ट मेंरॉबर्ट पायस और जय कुमार को को वक्त से पहले रिहा करने संबंधी पिटीशन पर ही बुधवार को सुनवाई हो रही थी।

   

भारत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार: डोकलाम पर सरकार

    जम्मू. पीएमओ में MoS (मिनिस्टर ऑफ स्टेट) जितेंद्र सिंह ने डोकलाम विवाद पर बड़ा बयान दिया है। चीन की तरफ से इस मसले पर बढ़ती बयानबाजी पर सिंह ने कहा, "भारत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।" उन्होंने कहा कि सरकार इस बारे में उठाए गए कदमों को लेकर कॉन्फिडेंट है। बता दें कि 16 जून से सिक्किम सेक्टर के डोकलाम एरिया में विवाद चल रहा है। चीन उसी शर्त पर बात करना चाहता है, जब भारतीय सेना पीछे हट जाए। वहीं भारत, दोनों देशों की सेनाओं के वापस लौटने पर ही बातचीत चाहता है। ये ज्यादा अहम कि हम क्या कर रहे हैं...
    - न्यूज एजेंसी के मुताबिक जितेंद्र सिंह शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारे लिए ये ज्यादा अहम है कि डोकलाम में हम क्या कर रहे हैं। मैं यहां इस पर कमेंट नहीं कर रहा हूं कि अपोजिशन पार्टीज की तरफ से कोई इस मसले पर क्या ट्वीट कर रहा है। सरकार को अपने फैसलों पर पूरा भरोसा है। हम बाहरी और अंदरूनी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"
    - केंद्रीय मंत्री सिंह ने चीन की सरकारी मीडिया की तरफ से हाल ही में दी गई धमकी पर किए गए सवाल पर ये जवाब दिया। चीन के सरकारी मीडिया ने हाल में कहा था कि बीजिंग ने भारत को अपना सख्त रुख बता दिया है। नई दिल्ली डोकलाम गतिरोध खत्म करने के लिए इलाके से अपने सैनिकों को तुरंत हटाने पर ठोस कार्रवाई करे।
    भारत ने चीन बॉर्डर पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाई
    - भारत ने चीन से सटे सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के 1400 किलोमीटर लंबे साइनो-इंडिया बॉर्डर पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। सरकार के मुताबिक, देश की पूर्वी सरहद पर फौज के लिए अलर्ट लेवल बढ़ा दिया गया है।
    - भारत का कहना है कि चीन हमारे इलाके में घुसपैठ कर रहा है। वहां भारत के 350 सैनिक जमे हुए हैं। बता दें कि डोकलाम भारत-चीन-भूटान का ट्रायजंक्शन है।
    - "ईस्टर्न इलाके के सेंसिटिव इलाके में सुकना बेस्ड 33 कॉर्प्स, अरुणाचल और आसाम बेस्ड 3-4 कॉर्प्स प्रोटेक्शन की जिम्मेदारी दी गई है।" इस बारे में अफसर ने कोई जानकारी नहीं दी कि कितने सैनिक बढ़ाए गए हैं। अफसर ने ऑपरेशनल मूव होने के चलते ये जानकारी देने से इनकार कर दिया।
    चीन की भारत को कब-कब धमकी?
    1) 10 जुलाई:चाइना डेली में आर्टिकल के जरिए। कहा गया- भारत डोकलाम से फौरन सेना हटाए।
    2) 24 जुलाई:चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा- बातचीत की सिर्फ एक शर्त है कि भारत बिना किसी शर्त के डोलाम से अपने सैनिक हटाए।
    3) 25 जुलाई:चीन के फॉरेन मिनिस्टर वांग यी ने कहा- डोकलाम का हल सिंपल है। भारत वहां से अपने सैनिक हटा ले।
    4) 02 अगस्त: चीन ने 15 पेज का बयान जारी कर कहा- भारत ने घुसपैठ की है। ये भूटान-चीन का मसला है। भारत वहां से ट्रूप्स हटाए।
    5) 03 अगस्त: भारत देर ना करे। ये समझा जाना चाहिए कि चीन के पास दुश्मन को हटाने की पूरी काबिलियत मौजूद है।
    6) 05 अगस्त:चीन के एक एक्सपर्ट ने कहा- भारतीय सैनिकों को हटाने के लिए 2 हफ्तों में छोटा सैन्य ऑपरेशन किया जा सकता है।
    7) 07 अगस्त: पीएलए के सीनियर कर्नल ली ली ने कहा- अगर भारत जंग से बचना चाहता है तो उसे डोकलाम से फौरन अपने सैनिक वापस बुला लेना चाहिए।
    8) 08 अगस्त: चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने मंगलवार को अपने एडीटोरियल में कहा था, "भारत 1962 की जंग का सबक भूल गया है, नेहरू ने हमें कमतर आंका था, मोदी भी हमारी वॉर्निंग को नजरअंदाज ना करें। अगर भारत डोकलाम विवाद पर चेतावनी को इसी तरह नजरअंदाज करता रहा तो बीजिंग जरूरी जवाबी कदम उठाएगा।"
    क्या है डोकलाम विवाद?
    - ये विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने डोकलाम एरिया में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का कहना है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है।
    - इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।
    भारत की क्या है चिंता?
    - नई दिल्ली ने चीन से कहा है कि चीन के सड़क बनाने से इलाके की मौजूदा स्थिति में अहम बदलाव आएगा, भारत की सिक्युरिटी के लिए ये गंभीर चिंता का विषय है। रोड लिंक से चीन को भारत पर एक बड़ी मिलिट्री एडवान्टेज हासिल होगी। इससे नॉर्थइस्टर्न स्टेट्स को भारत से जोड़ने वाला कॉरिडोर चीन की जद में आ जाएगा।

   

कश्मीर में सिक्युरिटी फोर्सेस के एनकाउंटर में 3 आतंकी ढेर, 2 जवान शहीद

कश्मीर. जम्मू-कश्मीर के शोपियां में रविवार को एनकाउंटर में सिक्युरिटी फोर्सेस ने 3 आतंकियों को मार गिराया। वहीं, 2 जवान शहीद और 3 जख्मी हो गए। बांदीपोरा में भी सिक्युरिटी फोर्सेस ने आतंकियों को घेर लिया है। 2-3 आतंकियों के इलाके में होने की संभावना है। बांदीपोरा में पुलिस की सर्चिंग पार्टी पर आतंकियों ने हमला किया था, इसमें 2 पुलिसवाले जख्मी हो गए। पुलिस ने चलाया ज्वाइंट ऑपरेशन...
- आईजी मुनीर खान ने बताया कि शोपियां के अवनीरा गांव के जैनपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिलने पर स्टेट पुलिस, सीआरपीएफ और 55 नेशनल राइफल्स ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाते हुए इलाके को घेर लिया था।
- सिक्युरिटी फोर्सेस द्वारा सर्चिंग चलाए जाने के दौरान आतंकियों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के दौरान हुई गोलीबारी के बीच 5 जवान जख्मी हो गए थे। सभी जख्मी जवानों को 92 बेस हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां उनमें से 2 ने दम तोड़ दिया।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहीं गांववालों ने भी सिक्युरिटी फोर्सेस पर पथराव किया। इस दौरान पेलेट गन से 7 सिविलियन्स को चोटें आई हैं। जख्मी भारतीय जवानों में एक कैप्टन शामिल है।
आर्मी बेस पर आतंकियों ने किया था हमला
- कश्मीर के कुपवाड़ा के कलारूस फॉरेस्ट एरिया में बने आर्मी हेडक्वार्टर पर शुक्रवार रात आतंकी हमला हुआ। इसमें एक जवान जख्मी हो गया।
- त्राल में सुरक्षा बलों ने भारत में अलकायदा के चीफ जाकिर मूसा समेत 3 आतंकियों को घेर रखा था, जो अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। इस बीच, शनिवार को पाक ने पुंछ में एलओसी के पास सीजफायर वॉयलेशन किया। बॉर्डर से सटे इलाके में पाक की गोलीबारी से एक महिला की मौत हो गई। एक अगस्त तक पाक की तरफ से 285 बार सीजफायर वॉयलेशन हो चुका है।
जून में हुए आतंकी हमले में 6 जवान शहीद
- 16 जून को कश्मीर के अचबल में आतंकियों ने घात लगाकर पुलिस पार्टी पर हमला किया था। इसमें 6 पुलिसवाले शहीद हो गए। आतंकियों ने भागने के पहले इन जवानों के चेहरे बिगाड़ दिए थे। ये लोग रूटीन राउंड पर निकले थे।
- वहीं, 15 जून को घाटी के हैदरपुरा इलाके में दो अलग-अलग घटनाओं में आतंकियों ने पुलिस जवानों पर हमला किया था। इसमें दो जवान शहीद हो गए थे।
13 जून को एक साथ 6 हमले
1# त्राल (पुलवामा)
- पुलवामा के त्राल में CRPF कैम्प पर टेररिस्ट ने ग्रेनेड अटैक किया। अधिकारियों के मुताबिक, ग्रेनेड कैम्प के भीतर फेंका गया था। इस हमले में 10 जवान घायल हुए।
2# पद्गमपोरा (पुलवामा)
- पुलवामा के ही पद्गमपोरा इलाके में CRPF की कंपनी पर ग्रेनेड अटैक किया गया था। कंपनी पर मोटरसाइकिल से जा रहे टेररिस्ट ने अटैक किया था।
3# पुलिस स्टेशन (पुलवामा)
- पुलवामा में एक पुलिस स्टेशन पर टेररिस्ट ने ग्रेनेड से अटैक किया था।
4# सरनाल (पहलगाम)
- पहलगाम के सरनाल में CRPF कैम्प पर ग्रेनेड से अटैक किया गया था।
5# पजलपोरा (सोपोर)
- नॉर्थ कश्मीर के सोपोर के पजलपोरा में टेररिस्ट ने 22 राष्ट्रीय राइफल्स के आर्मी कैम्प पर फायरिंग शुरू कर दी थी। सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी भाग निकले थे।
6# अनंतनाग
- यहां आंचीदोरा इलाके में रिटायर्ड जज मो. अतहर के घर के सामने दो पुलिसवालों पर हमला कर उनके हथियार छीने गए थे।

   

गोरखपुर ट्रेजडी बहुत संवेदनशील, मीडिया तथ्यों को सही ढंग से रखे: योगी

लखनऊ. गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज (BRD) में 63 मौतें हुई हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम को इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा, "मैं खुद दो बार बीआरडी कॉलेज गया था। इस पर नरेंद्र मोदी भी चिंतित हैं। मैं मीडिया से कहना चाहता हूं कि तथ्यों को सही तरह से रखा जाए। आप सही आंकड़े देंगे तो ये मानवता की बड़ी सेवा होगी।" जब मीडिया ने योगी से सवाल किए तो योगी ने कहा- "मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि आखिर आप इस इश्यू को कहां ले जाना चाहते हैं।" बता दें कि हेल्थ मिनिस्टर ने खुद माना कि मेडिकल कॉलेज में 7 अगस्त से अबतक 60 बच्चों समेत 63 मौत हुई। हालांकि, सरकार का कहना है कि मौतें ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से नहीं हुई हैं। बीआरडी मामले पर योगी ने और क्या कहा....
1# पीएम दुखी हैं, केंद्र हर मदद देने को तैयार
- शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगी ने कहा- "9 जुलाई और 9 अगस्त को बीआरडी का दौरा किया। बैठक की है। इन्सेफिलाइटिस और दूसरी बीमारियों से जुड़ा क्या एक्शन प्लान होना चाहिए, इस पर चर्चा की थी। मीडिया में जो रिपोर्ट्स आई हैं, पीएम उससे दुखी हैं। उन्होंने कहा कि यूपी को हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने में जो मदद चाहिए, उसके लिए केंद्र मदद करेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल जी यहां आई हैं। केंद्र और राज्य के अफसर वहां पर मौजूद हैं।"
2# तथ्यों को सही ढंग से रखा जाए
- "मैं आपसे कहना चाहता हूं कि तथ्यों को सही तरह से रखा जाए। आज अलग-अलग पेपर्स में अलग आंकड़े पब्लिश हुए हैं। 7 अगस्त को 9 मौतें हुई हैं। 8 अगस्त को 12 मौतें हुई हैं। 9 अगस्त को 9 मौतें हुई हैं। 10 अगस्त को 23 मौतें और 11 अगस्त को 12 बजे तक 11 मौतें हुई हैं।"
3# एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी कमेटी-योगी
- योगी ने बताया- "ऑक्सीजन सप्लाई अगर रुकी है, तो सप्लायर की भूमिका पर सवाल है? चीफ कमेटी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देगी। पिछली सरकार में 2014 में ये टेंडर सप्लायर को दिया गया है। उसकी भूमिका के बारे में भी जांच होगी। सरकार बनने के साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इमरजेंसी सेवाओं, डेवलपमेंट प्रोग्राम्स में बाधा ना आए। कोई भी फाइल 3 दिन से ज्यादा किसी भी टेबल पर ना रुके। मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में दवा और जरूरी सेवाओं के लिए पैसे की कमी ना हो। ये सुनिश्चित किया जाए।"
4# दोषियों को बख्शने का सवाल ही नहीं
- योगी ने बताया- "किसी संवेदनशील मुद्दे को हम उठा रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से मौत का मतलब एक जघन्य कृत्य है। हमें लगता है कि मेडिकल एजुकेशन के डीजी अभी गोरखपुर में हैं। कार्रवाई की गई है और दोषी सामने आने पर उन्हें बख्शने का सवाल ही नहीं है।"
- "पूर्वी उत्तर प्रदेश के 34 ऐसे जिले हैं, जिनमें इस मौसम में इन्सेफिलाइटिस पनपता है। हमने मीटिंग में इन बीमारियों की रोकथाम और उपचार पर व्यवस्था की बात कही थी। हर जिले में हमने बेड, ICU बनाए थे। ये आज हर जिला चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू और इन्सेफिलाइटिस के उपचार की व्यवस्था की गई।"
5# आप सही आंकड़े दें तो मानवता की सेवा होगी
- योगी ने कहा- "पूर्वी उत्तर प्रदेश के 34 ऐसे जिले हैं, जिनमें इस मौसम में इन्सेफिलाइटिस पनपता है। हमने मीटिंग में इन बीमारियों की रोकथाम और उपचार पर व्यवस्था की बात कही थी। हर जिले में हमने बेड, ICU बनाए थे। ये आज हर जिला चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू और इन्सेफिलाइटिस के उपचार की व्यवस्था की गई।"
- "जिन बच्चों की मौत हुई है, उनके साथ हमारी संवेदनाएं हैं। बीआरडी में केवल गोरखपुर नहीं, पूरे पूर्वी उत्तरप्रदेश से बच्चे आते हैं। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। हमने मई में एक स्पेशल कैंपेन चलाया था। हमने प्रभावित 34 जिलों में वैक्सीनेशन की कार्रवाई पूरी की थी। अगर आप सही आंकड़े देंगे तो ये मानवता की बड़ी सेवा होगी।"
यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
1# अगस्त में हर साल ज्यादा मौतें होती हैं
- हेल्थ मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, "हर साल अगस्त में ज्यादा मौतें होती हैं। अगस्त का महीने में 2014 में बीआरडी में पेड्रियाटिक विंग में 567 बच्चों की मौतें हुईं। 19 बच्चे हर रोज मौत के मुंह में गए। 2015 में 668 मौतें हुईं, करीब 22 बच्चों की मौत हर दिन हुईं। 2016 में 587 बच्चों की मौत यानी 19-20 मौतें हर रोज हुई थीं।"
2# इन्फेक्शन, कमजोरी की वजह से बच्चों की मौत
- "10 तारीख को सुबह 3.30 बजे किडनी इंजरी की वजह से पहली मौत हुई। एक बच्चे की मौत NICU में हुई थी। 3.45 मिनट पर 3 दिन के बच्चे की मौत हुई, प्री टर्म डिलिवरी थी और कमजोर बच्चा था। 4 बजे सुबह एक बच्चे की मौत हुई, वो भी कमजोर था। 6.30 बजे सुबह जिस बच्चे की मौत हुई, बच्चे को निमोनिया हो गया था। 5वीं मौत 10.30 बजे हुई थी, 6 दिन के बच्चे की मौत इन्फेक्शन की वजह से हुई थी। 11 बजे इन्सेफिलाइटिस और 11.40 पर लो वेट की वजह से मौत हुई, इसके बाद 11.45 पर किडनी की प्रॉब्लम के चलते मौत हुई। 1.30 बजे जिस बच्चे की मौत हुई, वो भी किडनी की वजह से हुई। 2.30 मिनट पर बच्चे की मौत हुई, 3.15 मिनट, 4.00 बजे, 4.45 लो वेट या इन्फेक्शन की वजह से हुई। शाम 5.10 बजे जिस बच्चे की मौत हुई, वो सांस की दिक्कत की वजह से मौत हुई। 6.25 मिनट पर इन्फेक्शन की वजह से। 6.45 मिनट पर शॉक, 7.45 इन्फेक्शन, 8.00 बजे इन्फेक्शन, 8.40 पर हॉर्ट डिजीज की वजह से बच्चे की मौत हुई। 10.05 रात में इन्फेक्शन की वजह से मौत हुई।"
3# 11 को दो घंटे सिलेंडर पर्याप्त नहीं थे
- "11 तारीख 5.30 बजे एक बच्चे की मौत हुई। इसी तारीख को 7.30 बजे तक लो प्रेशर था ऑक्सीजन का और ये 11.30 बजे तक था। 11.30 बजे से 1.30 बजे तक गैस सिलिंडर पर्याप्त नहीं थे। सिस्टम लिक्विड सिलेंडर पर चले गए थे, सिस्टम मैनुअल था। 1.30 बजे के बाद व्यवस्था ऑक्सीजन सिलेंडर पर हैं और पर्याप्त मात्रा में हैं। किसी भी बच्चे की मौत ऑक्सीजन ना होने की वजह से नहीं हुई है।"
4# BRD में हर रोज 4-5 हजार लोग आते हैं
- "4 से 5 हजार लोग बिहार, नेपाल आदि इलाकों से आते हैं बीआरडी में। अगस्त के महीने में 11 तारीख की सुबह 12 बजे तक पेशेंट्स जो आए हैं, उनमें मरने वालों की तादाद 133 हैं। 12 दिन के हिसाब से 10.7 मौतें होती हैं। नई सरकार के आने के बाद ये काफी कम हुई हैं। सही वक्त पर उपचार नहीं मिलने के बाद बीमारी गंभीर हो जाती है। ऐसे केसेस बीआरडी में दिखते हैं। सिद्धार्थ नाथ ने कहा- 10 अगस्त को बच्चों की 23 मौतें और अगले दिन 7 बच्चे जुड़ गए। इस तरह 30 मौतें हुईं।"
अनुप्रिया पटेल बोलीं- केंद्र हर मदद देने को तैयार
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा, "आपसे मैं यही कहना चाहती हूं कि जो चर्चा हम टीवी मीडिया और अखबारों के जरिए देख रहे हैं। बच्चों की मौत से प्रधानमंत्री और सीएम सभी दुखी हैं। पीएम ने मुझे विशेष रूप से बीआरडी मेडिकल कॉलेज जाने के लिए कहा। सीएम ने एक आपात बैठक बुलाई। हमारे मंत्री मेडिकल कॉलेज से लौटकर आए थे।"
- "हमने तुरंत यूपी सरकार से संपर्क किया। केंद्र जो भी जरूरी सहयोग चाहिए, देने के लिए तैयार है। बहुत सारी बातें हम सही स्वरूप में नहीं समझ रहे हैं, उन्हें सीएम ने आपके सामने रखा। पिछले कई साल में बीआरडी में मौतों का क्या आंकड़ा है, ये हम बताएंगे। जो भी दोषी है, उसके ऊपर कठोरता के साथ कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल की गलती पाई गई, उन्हें सस्पेंड किया गया है। यूपी सरकार भी अपनी रिपोर्ट केंद्र को भेजेगी। मैं भी पीएम को अपनी रिपोर्ट भेजूंगी।"

   

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