गुजरात-हिमाचल विधानसभा चुनावों की तारीखों का आज हो सकता है एलान

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नई दिल्ली. इलेक्शन कमीशन (ईसी) गुरुवार शाम हिमाचल प्रदेश और गुजरात में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावाें की तारीखों का एलान कर सकता है। ईसी ने शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। कहा जा रहा है कि हिमाचल में नवंबर में एक फेज में, जबकि गुजरात में दिसंबर में दो फेज में वोटिंग कराई जा सकती है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल नवंबर में और गुजरात का दिसंबर में पूरा होगा। गुजरात की राजनीति में 2002 के बाद, यानी 15 साल बाद बीजेपी के लिए यह पहला विधानसभा चुनाव है, जिसमें नरेंद्र मोदी सीएम कैंडिडेट नहीं है। उन्हें 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार केशूभाई पटेल की जगह गुजरात का सीएम बनाया गया था। बीजेपी ने 2002 में अगला चुनाव मोदी की अगुआई में ही लड़ा था। वे 22 मई 2014 तक गुजरात के सीएम रहे। तारीखों के एलान में पहले ही हो चुकी देरी...
- ईसी की ओर से ऐसे संकेत मिले हैं कि हिमाचल में एक ही फेज में नवंबर के दूसरे हफ्ते तक चुनाव कराए जा सकते हैं, जबकि गुजरात में दिसंबर में 2 फेज में वोटिंग मुमकिन है।
- ईसी ने 2 दिन पहले ही गुजरात का दौरा पूरा किया है। इलेक्शन कमीशन के स्पोक्सपर्सन ने सोमवार या दिवाली के बाद चुनावी तारीखों के एलान की उम्मीद जताई थी, अब ईसी के अफसरों को कहना है कि चुनाव कार्यक्रम के एलान में पहले ही देरी हो चुकी है।
गुजरात के पिछले विधानसभा चुनाव पर एक नजर
पार्टी    2012 विधानसभा चुनाव    वोट शेयर    2014 लोकसभा चुनाव
बीजेपी    115    47.9%    26
कांग्रेस    61    38.9%    00
जीपीपी    2    3.6%    00
एनसीपी    2    3.6%    00
जेडीयू    1    5.8%    00
इंडिपेंडेंट    1    2.9%    00
* विधानसभा की 182 सीटें, लोकसभा की 26 सीटें हैं।
हिमाचल प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव पर एक नजर
पार्टी    2012 विधानसभा चुनाव    वोट शेयर    2014 लोकसभा चुनाव
कांग्रेस    36    42.8%    04
बीजेपी    26    38.5%    00
एचएलपी    1    1.9%    00
इंडिपेंडेंट्स    5    12.1%    00
* विधानसभा की 68 सीटें, लोकसभा की 4 सीटें हैं।
दोनों राज्यों में इलेक्शन के बड़े किरदार
गुजरात: नरेंद्र मोदी, अमित शाह, विजय रूपाणी, राहुल गांधी, हार्दिक पटेल, अरविंद केजरीवाल
हिमाचल प्रदेश: नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, राहुल गांधी, वीरभद्र सिंह
दोनों राज्यों में बड़े चुनावी मुद्दे
गुजरात:विकास, जीएसटी, नोटबंदी, पाटीदारों की आरक्षण की मांग।
हिमाचल प्रदेश: बेरोजगारी, करप्शन, विकास, जीएसटी, नोटबंदी।
इन चुनावों की देशभर में अहमियत है, क्योंकि
- इन 2 राज्यों में 4.55 करोड़ वोटर हैं, यानी देश के कुल वोटर का 5.6% है।
- देश की कुल 4033 विधानसभा सीटों में से 244 यानी 6.05% इन राज्यों में हैं।
- इन 244 सीटों में से अभी 57.78% बीजेपी के पास 39.75% कांग्रेस के पास हैं।
- कुल 545 लोकसभा सीटों में से 30 यानी 5.5% सीटें इन 2 राज्यों में हैं।
- इन राज्यों में सभी 30 लोकसभा सीटें बीजेपी के खाते में हैं।