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स्कूल में लड़की से एक्ट्रा क्लास के बहाने रेप करते रहे टीचर, प्रेग्नेंट हुई तो किया ये हाल

अजीतगढ़ (सीकर)।सीकर के अजीतगढ़ में दो टीचर एक माह तक अपनी ही स्टूडेंट से सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। इतना ही नहीं टीचर्स ने डाक्टरों से मिलकर उसका गर्भपात भी करा दिया। मामला दर्ज होते ही दोनों गायब हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। इस संबंध में अजीतगढ़ थाने में केस दर्ज किया गया है। जानिए क्या है मामला ...
- मामला अजीतगढ़ में हरदास का बांस गांव का है। यहां के जनता बाल विद्या मंदिर सीनियर सेकंडरी स्कूल की ही एक 12वीं क्लास की छात्रा के साथ पिछले एक महीने से दो शिक्षक दुष्कर्म कर रहे थे।
- स्कूल का संचालक जगदीश यादव और टीचर जगत सिंह गूजर छात्रा को एक्स्ट्रा क्लास के नाम पर स्कूल बुलाते थे। दोनों बच्ची के साथ दुष्कर्म करते और उसे घर भेज देते थे।
- बच्ची के गुमसुम रहने के बावजूद घरवाले इस सब से बेखबर रहे। छात्रा ने 20 अगस्त के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया। पीड़िता के भाई का बेटा भी उसी स्कूल में पढ़ता था।
- टीचर्स ने उससे पूछा कि तेरी बुआ स्कूल क्यों नहीं आ रही है। भाई ने घर आकर यह बात अपनी मां को बताई। मां ने बच्ची से पूछ तो उसने कहा कि मेरे पेट में दर्द है।
भनक लगते ही पहुंच गए अस्पताल
- इस पर मां अपने बेटे के साथ बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंची।
- स्कूल संचालक जगदीश यादव को इसकी भनक लग गई। वह अस्पताल पहुंच गया और पीड़िता की मां व भाई से मिला और उन्हें समझाया कि यह अस्‍पताल अच्छा नहीं है, उसकी जान पहचान का शाहपुरा में अच्छा अस्पताल है वहीं बच्ची को दिखाते हैं। वहां पहचान के डाक्टर हैं तो अच्छा इलाज मिल जाएगा।
- मां-बेटे इसके लिए तैयार हो गए और 25 अगस्त को बच्ची को लेकर रजनीश शाहपुरा अस्पताल पहुंचे। वहां जदगीश ने डाक्टरों से बात कर ली थी। रजनीश हॉस्पिटल के डाक्टर कानन शर्मा और रजनीश शर्मा ने बच्ची का चेकअप किया और मां से कहा कि बच्ची का तुरंत आपरेशन करना पड़ेगा। घबराई मां ने कागजों पर साइन कर दिए। दोनों डाक्टरों ने ऑपरेशन के नाम पर बच्ची का गर्भपात करवा दिया।
हालत बिगड़ी, फिर भाई को बताई सारी बात
वह अस्पताल ले गया जहां डाक्टरों ने हालत नाजुक होने पर बच्ची को जयपुर रेफर कर दिया।
- चार सितंबर को बच्ची को जयपुर में भर्ती कराया गया। इसके बाद बीती रात को भाई ने अजीतगढ़ पहुंच कर जगदीश और जगत सिंह के खिलाफ उसकी बहन से सामूहिक दुष्कर्म व उसका जबरन गर्भपात कराने का केस दर्ज कराय। रिपोर्ट देरी से दर्ज कराने के बारे में उसने कहा है कि वह अपनी बहन के इलाज में व्यस्त था इसलिए रिपोर्ट दर्ज नहीं करा पाया।
- केस दर्ज होते ही जगदीश और जगत लापता हो गए। पुलिस ने कई जगह दबिश दी है, लेकिन दोनों का कुछ पता नहीं लगा।
- डाक्टरों की भूमिका संदिग्ध होने पर पुलिस गर्भपात कराने वाले डाक्टरों से भी पूछताछ करेगी।

   

अनपढ़ ग्रामीणों का डिजिटल गांव, 70% लोगों का अंगूठा बना पैसे निकलवाने का आधार

अलवर. जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर की दूरी पर राजगढ़ ब्लॉक में स्थित आखिरी ग्राम पंचायत टोडा जयसिंहपुरा के महज डेढ़ किलोमीटर बाद दौसा जिला शुरू हो जाता है। इस ग्राम पंचायत की खास बात यह है कि यहां 70 फीसदी से ज्यादा लोगों के लिए आधार कार्ड जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। यहां के लोगों के लिए आधार कार्ड किसी वरदान से कम नहीं है। पूरा गांव बैंक खाते के नंबर को संभालने के बजाए आधार कार्ड व नंबर को संभालकर रखते हैं। यह आधार नंबर ही इनके लिए बड़ी चीज है। अब भले ही बूढ़ी मां की पेंशन हो या प्रसूति के बाद मिली सरकारी प्रोत्साहन राशि, नरेगा की मजदूरी का पैसा हो या फिर छात्रवृति। सभी का भुगतान एक अंगूठा लगाने से ही हो रहा है।पिछले एक साल से ग्रामीणों ने नहीं देखी बैंक की सूरत...
लोगों का कहना है कि उन्हें बैंक जाने की कोई जरूरत नहीं, यहां न तो कोई फार्म भरना पड़ता है और न ही कोई साइन करने पड़ते हैं। हम अंगूठा लगाकर अपने खाते से पैसा निकालते हैं। आपको बता दें कि टोडा जयसिंहपुरा में करीब 15 हजार की आबादी है और यहां लगभग 2800 लोगों के खाते हैं। इनमें से करीब 2000 लोग अपना लेन-देन अटल सेवा केंद्र के माध्यम से बैंक ग्राहक प्रतिनिधि के यहां करते हैं। इस केंद्र को राकेश कुम्हार संचालित कर रहे हैं। केंद्र पर रोजाना करीब 100 से 150 लोगों का आना-जाना रहता है और इनमें से करीब 60 से 80 लोग अपना लेनदेन आधार नंबर के जरिए अंगूठा लगाकर करते हैं।
ऐसे काम करता है आधार बेस्ड सिस्टम
- अटल सेवा केंद्र पर आने वाला अभ्यर्थी अपने किसी भी खाते से कोई पैसा लेना चाहता है तो सबसे पहले उसे अपना आधार नंबर यहां बताना होता है। सुविधा के लिए आधार नंबर उनकी पासबुक पर भी लिखा हुआ है। आधार नंबर डालने के बाद अभ्यर्थी का जो भी खाता आधार से लिंक है, भले ही वह किसी भी बैंक का हो, कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देता है।
- इसके बाद इसमें निकालने वाली राशि डालनी होती है और फिर ग्राहक को अपना अंगूठा या अंगुली जो भी हो, लगाना पड़ता है। इसके बाद यह सीधा आधार के पोर्टल से जुड़ जाता है और वेरीफिकेशन होती है। सही मिलान होने पर कैश उस ग्राहक को दे दिया जाता है और एक रसीद प्रिंट ली जाती है। प्रतिनिधि द्वारा जो पैसा ग्राहक को दिया जाता है उसका सेटलमेंट बैंक एक वर्चुअल लिमिट में रखता है और निश्चित समय बाद करता है।
नरेगा का 100 फीसदी काम आधार के जरिए
भास्कर ने इस ग्राम पंचायत का दौरा किया और जानने का प्रयास किया कि किस प्रकार आधार कार्ड यहां के लोगों की जिंदगी का अहम दस्तावेज बन गया है। दरअसल पंचायत में करीब 400 नरेगा श्रमिक व 500 पेंशनर्स हैं। इन सभी का पैसा लोगों के खातों में ही आता है और सभी खाते आधार से लिंक हैं। अटल सेवा केंद्र पर कार्यरत बैंकिंग प्रतिनिधि के जरिए करीब 350 नरेगा श्रमिक और 400 पेंशनर अंगूठा लगाने के बाद डिजिटल तरीके से अपना पैसा लेते हैं।
मैं पेंशन लेने यहीं आती हूं, देख भाई हमारे बस की तो है नहीं अब बैंक जाना। जब पैसा अंगूठा लगाकर यहीं मिल जाता है तो क्यों कहीं और जाना। न कोई फार्म भरना पड़ता है और न ही कोई साइन करना पड़ता है। आधार नंबर से सुविधा हो गई है।
-दुर्गा देवी, पेंशनर
नरेगा का पैसा हर बार मैं अटल सेवा केंद्र से ही लेता हूं। बैंक जाने का झंझट ही खत्म। हम सीधा-सीधा आदमी हमकू बैंक में काई जानें? पहले बैंक जाना पड़ता था तो लाइन लगती थी व इंतजार करना पड़ता था।
-जगदीश, नरेगा श्रमिक
क्षेत्र में करीब 2800 लोगों के खाते हैं, इनमें से 2 हजार लोग अपने खाते का रेगुलर इस्तेमाल करते हैं। अटल सेवा केंद्र पर खुलने वाला हर खाता आधार लिंक होता है और जो खाते नहीं होते हैं उन्हें लिंक कर देते हैं। इसके बाद हम आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए लोगों का अंगूठा या अंगुली के माध्यम से उनके खाते से भुगतान करते हैं। इसमें पारदर्शिता भी है और पैसा सुरक्षित भी। यहां लगभग हर खाता आधार से लिंक है। अब तक केंद्र के माध्यम से 35 हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन आधार के जरिए कर चुका हूं।
-राकेश कुम्हार, केंद्र संचालक

   

सलमान से जुड़े काला हिरण शिकार प्रकरण में आज फिर होगी अंतिम बहस

जोधपुर। कांकाणी हिरण शिकार प्रकरण में सलमान सहित अन्य फिल्मी कलाकारों के खिलाफ 19 बरस से जारी मामले में आज अंतिम बहस आज फिर आगे बढ़ेगी। काले हिरणों के शिकार के मामले में सलमान खान मुख्य आरोपी है जबकि सैफ अली खान, नीलम, तब्बू व सोनाली बेन्द्रे पर सलमान को शिकार करने के लिए प्रेरित करने का आरोप है। अंतिम बहस पूरी होते ही इस मामले में निर्णय आने की उम्मीद है। कोर्ट मे ये बोल चुके है सलमान...
- काले हिरण शिकार प्रकरण के मामले में कुल 52 गवाह पेश किए गए। इसमें से दो लोगों ने दावा किया कि उन्होंने सलमान को शिकार करते देखा। हालांकि कोर्ट में सलमान इस बात को सिरे से खारिज कर चुके है।
- इस मामले में मुजरिम बयान सुनाए जाने के दौरान सलमान खान ने कोर्ट में कहा था कि मैं यहां फिल्म की शूटिंग के लिए आया था। हमारी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। होटल से बाहर निकलना भी संभव नहीं था। ऐसे में शिकार करने का सवाल ही नहीं पैदा होता।
- सलमान का कहना था कि कोई शिकार नहीं किया था। फिल्म शूटिंग करने आए थे। होटल से बाहर नहीं निकले थे। अखबार में न्यूज छपने के बाद वन विभाग वालों ने झूठी प्रसिद्धि पाने के लिए यह केस बना दिया।
ये आरोप है सलमान पर
- ग्रामीणों ने मौके पर रात डेढ़ बजे देखा कि सलमान गाड़ी चला रहा था। उसके पास सैफ बैठा था। पीछे तीन लड़कियां और दो आदमी बैठे थे। काले हिरणों का झुंड नजर आने पर एक आदमी ने सलमान को बन्दूक दी। सलमान ने फायर किया। एक हिरण नीचे गिर गया। फिर गाड़ी आगे बढ़ी। हिरणों का दूसरा झुंड देख पीछे बैठे लोगों ने सलमान से कहा फायर करो। फिर सलमान ने फायर किया। एक हिरण के गोली लगी। इस पर ग्रामीण शिकारी-शिकारी चिल्लाए तो आपने अपनी गाड़ी तेज कर वहां से भाग निकले।
यह है मामला
- वर्ष 1998 में अपनी फिल्म हम साथ-साथ है कि जोधपुर में चल रही शूटिंग के दौरान सलमान खान पर तीन अलग-अलग स्थान पर हिरण का शिकार करने का आरोप लगा।
- आरोप है कि जोधपुर से सटे कांकाणी गांव की सरहद में एक अक्टूबर 1998 की रात सलमान ने गोली चला दो काले हिरणों का शिकार किया।
- उस दौरान सैफ अली, नीलम, सोनाली व तब्बू भी उसके साथ वाहन में सवार थे। इन लोगों पर सलमान को शिकार करने के लिए उकसाने का आरोप है।
- गोली की आवाज सुन ग्रामीण वहां एकत्र हो गए। उनके आने पर सलमान खान वहां से गाड़ी लेकर भाग निकले। दोनों हिरण वहीं पड़े रह गए।

   

फरारी के बाद इस मॉल में पहुंची थी हनीप्रीत, राम रहीम भी आता था यहां

उदयपुर. गुरमीत राम रहीम को डेरे की साध्वियों के सेक्शुअल एक्सप्लॉयटेशन के मामले में गुनहगार पाए जाने के बाद रोहतक जेल में बंद है। इसके साथ ही उसकी राजदार और कथित बेटी हनीप्रीत मानों गायब ही हो गई। उसकी तलाश में पुलिस हर मुमकिन ठिकाने पर तलाश कर रही है। इस बीच राजस्थान के उदयपुर से उसके वहां हाेने के पुख्ता सबूत पुलिस के हाथ अाए हैं। सेलिब्रेशन मॉल गई थी हनीप्रीत...
- पुलिस के मुताबिक, दंगे के बाद हनीप्रीत की बाड़मेर में लोकेशन मिली थी। पिछले सोमवार को वह उदयपुर आई थी और सेलिब्रेशन मॉल भी गई थी। उदयपुर के बाद झाड़ोल और कोटड़ा में बने आश्रम में गई।
राम रहीम से जुड़े कुछ लोगों से मुलाकात करने की भी बात सामने आई है।
- हनीप्रीत को भनक लग गई थी उसकी तलाश में उदयपुर पुलिस आने वाली है। इसी कारण वह यहां से नेपाल चली गई। वहां भी उसके अनुयायी हैं। हरियाणा पुलिस को उसकी लोकेशन सेलिब्रेशन मॉल की मिली थी।
राम रहीम भी आता था शॉपिंग करने...
- बता दें कि राम रहीम भी इस मॉल में अगस्त के पहले हफ्ते में दिखाई दिया था। इस दौरान उसने मॉल के शॉपिंग स्टोर्स पर जमकर शॉपिंग की थी।
- राम रहीम अपने परिवार के साथ स्पेशल सिक्युरिटी से लैस और लक्जरी कारों के काफिले के बीच खुद लाल रंग की लेक्सुस कार चलाकर मॉल पहुंचा था।
- 50 से ज्यादा सिक्युरिटी फोर्सेस के साथ पहुंचे राम रहीम को देख मॉल मेंं शॉपिंग कर रहे लोग चौंक गए थे। वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसके साथ सेल्फी और फोटो भी ली थी।
डेरा के लिए लोगों को जोड़ने का काम कर रहा था प्रदीप
- सिरसा में राम रहीम को सुनाई गई सजा के बाद भड़के दंगे में उदयपुर डिविजन से लोगों को भेजने के आरोप में पकड़ा गया प्रदीप गोयल 4 साल पहले हरियाणा से उदयपुर अाया था और अपने दो बच्चों और पत्नी के साथ यहां रहता था।
- पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह उदयपुर में ट्रांसपोर्ट का काम करने के साथ यहां डेरा के लिए लोगों को जोड़ने का काम भी करता था। प्रदीप पहले सेक्टर-14 स्थित नाकोड़ा नगर में एक मकान किराए पर लिया, फिर बाद में वह झाड़ोल चला गया। कुछ माह बाद झाड़ोल से वापस नाकोड़ा नगर आकर किराए पर मकान लेकर रहने लगा।
- पड़ोसियों से भास्कर ने बात की तो बताया कि प्रदीप के बारे में वे लोग ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं। वह अपने परिवार के साथ रहता था और साधारण दिखता था। राम रहीम के संबंध को लेकर कभी कुछ सुनने में नहीं आया।
- स्टेट के होम मिनिस्टर गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि प्रदीप से हरियाणा पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके बाद ही सामने आएगा कि उदयपुर से उसका कितना जुड़ाव रहा है और उसका यहां क्या काम था।
- बता दें कि सिरसा में राम रहीम को सीबीआई कोर्ट से सजा होने के बाद दंगा भड़क गया था, जिसमें प्रदेश समेत उदयपुर से भी बसें भरकर भेजी गई थी। इसके लिए हर शख्स को 25 हजार रुपए देने की बात भी सामने आई थी। हरियाणा पुलिस दो दिन तक रैकी करने के बाद प्रदीप को शनिवार को पकड़कर हरियाणा ले गई।

   

बाइक को बचाने के प्रयास में स्कूल बस पेड़ से टकराई, 22 बच्चे हुए घायल

खंडेला (सीकर)।सीकर के खंडेला में शुक्रवार को बाइक को बचाने के प्रयास में एक स्कूल बस पेड़ से टकरा गई। हादसे में 22 बच्चे घायल हो गए। तीन बच्चाें को ज्यादा चोट आई है। बच्चों को खंडेला सीएचसी में भर्ती कराया गया है। जानिए और इस बारे में ....
- खंडेला में ब्राइटसन सीनियर स्कूल की एक बस बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। बस में 35 बच्चे सवार थे। उदयपुरवाटी-खंडेला रोड पर बस के सामने अचानक एक बाइक आ गई।
- बाइक को बचाने के प्रयास में जैसे ही ड्राइवर ने बस मोड़ी वह एक पेड़ से टकरा गई जिससे एक दर्जन बच्चे घायल हो गए। तेजी से हुई टक्कर में बस आगे से क्षतिग्रस्त हो गई।
- हादसा होते ही बच्चे घबराकर रोने लगे। वहां से गुजर रहे वाहन चालक मदद को आए तथा बच्चों को बस से निकाला। वे अपने वाहनों से बच्चों को खंडेला सीएचसी में ले गए।
- लोगों ने पुलिस को भी फोन कर दिया। थोड़ी देर में पुलिस भी वहां पहुंच गई।
तीन बच्चों को ज्यादा चोट आई
- हादसे में 19 बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। तीन बच्चों को ज्यादा चोट आई। उनका वहां इलाज किया गया।

   

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