You are here:

गोरक्षकों के हाथाें मारे गए पहलु खां केस में 6 आरोपियों को क्लीन चिट, मारपीट में शामिल नहीं थे-पुलिस

अलवर.बहरोड़ में 3 अप्रैल को गोरक्षकों द्वारा पहलु खां की हत्या के मामले के पुलिस ने 6 आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है। पुलिस की सीआईडी-सीबी ब्रांच ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि 6 आरोपियों की मोबाइल लोकेशन घटना के वक्त मौका ए वारदात पर नहीं थी। वे पहलू मामले में शामिल नहीं पाए गए हैं। इसके साथ ही सभी 6 आरोपियों के खिलाफ जांच बंद कर दी है। गौरतलब है कि मौत से पहले पहलू खां ने इन 6 लोगों को नामजद किया था। मेव समाज ने रिपोर्ट को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। पिटाई के 2 दिन बाद अस्पताल में हुई थी मौत...
- नेशलन हाइवे पर गोतस्करी के शक में 3 अप्रैल को वाहन चालक पहलू खां को गोरक्षकों ने पीट-पीटकर घायल कर दिया था। दो दिन बाद उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी।
- इससे पहले दिए पर्चा बयान में पहलू ने पुलिस को बताया था कि मारपीट करने वाले आपस में सुधीर यादव, हुकमचंद यादव, ओम यादव, नवीन शर्मा, राहुल सैनी व जगमाल सिंह का नाम लेकर बात कर रहे थे। वे खुद को विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ता बता रहे थे।
- इसके आधार पर बहरोड़ पुलिस ने इन सभी 6 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोपियों की गिरफ्तारी पर 5-5 हजार का इनाम घोषित किया था। काफी हंगामा होने के बाद पहलू हत्याकांड के मामले की जांच आईजी जयपुर रेंज द्वितीय हेमन्त प्रियदर्शी ने कोटपूतली के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामस्वरूप शर्मा को सौंपी थी। इसके बाद केस सीबीसीआईडी सौंप दिया गया।
- वहीं पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने फोन पर पहलू हत्याकांड में नामजद 6 आरोपियों को क्लीनचिट देने की बात स्वीकार की है।
- जिला मेव पंचायत के संरक्षक शेर मोहम्मद ने बताया कि पहलू हत्याकांड में सीबीसीआईडी में नामजद छह आरोपियों के नाम निकाल दिए हैं, सीबीसीआईडी ने संविधान का गला घोटा है। हिंदूवादी संगठनों के दवाब में इनको क्लीन चिट दी गई है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में इसके खिलाफ न्याय की गुहार की जाएगी।
पहलु का पर्चा बयान
पहलु ने पुलिस को बताया था कि पिटाई के दौरान हमलावरों ने कहा था कि बहरोड़ में होकर जो गाय लेकर जाएगा उनका यही हाल होगा। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। सीआईडी सीबी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि गौशाला के स्टाफ और मोबाइल कॉल रिकार्ड से आरोपितों की मौजूदगी घटना के समय मौके पर नहीं पाई गई है।
सरकार पहले ही खारिज कर चुकी थी इनकी संलिप्तता
- पुलिस ने मामले में अब तक कुल नौ लोग आरोपी बनाए हैं। इनमें से दो गिरफ्तारी अभी पुलिस नहीं कर पाई है। सीबीसीआईडी ने रिपोर्ट में कहा है कि एफआईआर में नामजद 6 लोगों के मोबाइल की लोकेशन घटना स्थल से 4 किमी. दूर की आ रही है। घटनास्थल पर मारपीट के वीडियो में ये 6 आरोपी नहीं दिख रहे हैं। राज्य सरकार पहले ही इन आरोपियों को हत्याकांड में शामिल होने से इंकार कर चुकी है। इसी कारण इनकी गिरफ्तारी भी नहीं की गई।
- पुलिस का तर्क था कि जब पहलु खां इस इलाके का नहीं था तो उसे हिंदुवादी संगठनों के इन छह लोगों के नाम और पहचान कैसे पता चली। हालांकि, मामले में सीआईडी सीबी ने जिन दो नए आरोपियों को नामजद किया है, वे वीडियो में दिखाई पड़ रहे हैं और गवाहों ने भी उनकी पुष्टि की है।

   

बांसवाड़ा हॉस्पिटल में 90 नवजात की मौत मामला, हाईकोर्ट ने सरकार से पूछे कारण

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग व न्यायाधीश रामचंद्रसिंह झाला की खंडपीठ ने बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल में दो महीने में 90 नवजात शिशुओं की मौत के मामले को गंभीरता से लिया और स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज कर चिकित्सा व स्वास्थ्य सचिव व कलेक्टर बांसवाड़ा को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्र से जुड़ा यह मामला काफी गंभीर है। सरकार भी इसे गंभीरता से ले।
- कोर्ट ने एएजी श्यामसुंदर लदरेचा को राज्य सरकार के नाम नोटिस दिया और पूछा कि 90 नवजात शिशुओं की मौत के क्या कारण हैं, इस संबंध में स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने रिपोर्ट में एमजी अस्पताल में मौजूद मेडिकल सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी देने को कहा है। 90 नवजात शिशुओं में 49 बच्चे और 41 बच्चियां थीं। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर मुकर्रर की है।
- पिछले दिनों राजस्थान हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास ने संज्ञान लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बांसवाड़ा के अध्यक्ष को सात दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईद का अवकाश होने के बावजूद संज्ञान लिया गया था।
- बांसवाड़ा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट पढ़ते ही जस्टिस की आंखों में आ गए थे आंसू
रिपोर्ट में दिल दहलाने वाले तथ्यों का जिक्र किया गया था। जोधपुर के उम्मेद अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में दो डॉक्टरों के आपस में झगड़ने के मामले में सुनवाई के दौरान बांसवाड़ा की घटना का जिक्र आया था। जस्टिस व्यास ने मौखिक रूप से कहा कि रिपोर्ट पढ़ते ही उनकी आंखों में आंसू आ गए थे, वे आगे की रिपोर्ट तो पढ़ ही नहीं पाए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी रिपोर्ट पढ़ ले तो अपने आंसू नहीं रोक पाएगा

   

UGC NET: अॉनलाइन अप्लाई में हुई गल्तियों में 19 से कर सकेंगे करेक्शन

अजमेर. सीबीएसई 5 नवंबर को होने वाली यूजीसी नेट परीक्षा 2017 के ऑनलाइन आवेदन में रह गईं कमियों को सुधारने के लिए एक मौका देगा। इस संबंध में वेबसाइट पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सीबीएसई द्वारा कॉलेज व्याख्याता पात्रता व जेआरएफ के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जाना है।
सूत्रों के मुताबिक देश के कई हिस्सों के अनेक अभ्यर्थियों के आॅनलाइन आवेदन में कई कमियां रह गई हैं। ऐसे में कई अभ्यर्थी परेशान हैं। इसे देखते हुए सीबीएसई ने मौका देने का निर्णय किया है। सीबीएसई ने इसके लिए 19 से 25 सितंबर तक तिथि तय की है। इस अवधि में ही संशोधन किए जा सकेंगे।

   

देररात आंख खुली को पति-पत्नी का हुआ ऐसा हाल, चोरों ने दोनों पर किए वार

श्रीमाधोपुर (सीकर)। घर में घुसे चोरों ने जाग होने पर दंपती को हमला कर दिया। चोरों ने पति-पत्नी को मार-मार कर अधमरा कर दिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानिए क्या है मामला
- थोई थाना इलाके के गढ़भोपजी गांव में प्रहलाद बंसल का परिवार रहता है। बीती रात को उनके घर में सात लोग चोरी की नियत से घर में घुस गए। सुबह करीब 3:30 बजे बंसल दंपती की खटर-पटर की आवाज से आंख खुल गई।
- जाग होने पर चोरों ने घर में सो रहे प्रहलाद व उनकी पत्नी गीता देवी की आंख खुल गई। उन्होंने कौन है आवाज लगाई। इस पर चोर सावधान हो गए तथा उन्होंने प्रहलाद व गीता पर हमला कर दिया।
- उन्होंने दोनों को जमकर पीटा। आस-पास के लोगों ने दंपती को लहूलुहान स्थिति में सीएचसी श्रीमाधोपुर में भर्ती करवाया जहां से चिकित्सकों ने दोनों की हालत गंभीर होने पर जयपुर रेफर कर दिया।
10 दिन पहले भी हुई थी चोरी
- घायल दंपती के पुत्र विनोद बंसल ने बताया कि अज्ञात चोरों ने करीब 10 दिन पहले भी 40 हजार रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इस संबंध में थोई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।

   

राम रहीम को 'बब्बर शेर' कहते थे लोग, सजा के बाद गांव के हो गए ऐसे हालात

श्रीगंगानगर. यहां 15 दिन पहले राम रहीम के जन्मदिन के मौके पर लगा पोस्टर आज भी लगा है। इस पोस्टर में राम रहीम को बब्बर शेर बताया गया है। इसके साथ उनके जन्मदिन पर यहां बड़े जश्न की तैयारी भी की गए थी। लेकिन अब उनके गांव गुरुसर मोड़िया में सन्नाटा पसरा है। जानें गांव मे कैसे हैं हालात...
- डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को जेल होने का असर गुरुसर मोडिया में नजर आने लगा है। यहां डेरे से जुड़ी शिक्षण संस्थाओं आैर हॉस्पिटल में संख्या कम होती जा रही है।
- अकेले स्कूल-कॉलेजों की ही बात करें तो अब भी 30 फीसदी स्टूडेंट्स स्कूल नहीं आ रहे हैं वहीं हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या आधी रह गई है।
- डेरा से जुड़े लोगों का तर्क था कि इंटरनेट बंद होने के चलते विद्यार्थियों को स्कूल खुलने का संदेश नहीं भेज पाए थे लेकिन मंगलवार देर रात इंटरनेट चालू हो गया था फिर भी अब तक पूरे छात्र-छात्रा स्कूल नहीं आए।
- उल्लेखनीय है कि दुष्कर्म मामले में डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को इसी 28 अगस्त को पंचकूला कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। इससे पहले 25 अगस्त को डेरामुखी को दोषी करार दिया था और तभी से यहां डेरे से जुड़ी संस्थाओं पर असर पड़ना शुरू हो गया है। अभिभावकों में अब भी भय की स्थिति है।
अस्पताल की ओपीडी 125 से 50 पर पहुंची
- डेरा मुखी के यहां गुरुसर मोडिया में बनवाए जनरल हॉस्पिटल में ओपीडी तो घटी ही है, वार्ड तक खाली हो गए हैं।
- यहां पर आए दिन 125 या इससे अधिक ओपीडी रोजाना हो रही थी लेकिन अब विवाद के चलते इस आंकड़े में भी जबरदस्त गिरावट आई है।
- यहां अब 50 से 55 ओपीडी ही हो रही है। उधर, हॉस्पिटल के वार्ड भी खाली दिखने लगे हैं। भास्कर टीम जब हॉस्पिटल पहुंची ताे वहां कई वार्ड तो खाली थी।
3 स्कूल, सभी में घटे विद्यार्थी
- गांव में इनकी तीन शिक्षण संस्थाएं हैं। इनमें ब्वॉयज और गर्ल्स के सीनियर सैकंडरी तक दो स्कूल हैं और एक लड़कियों का कॉलेज शामिल हैं।
- तीनों में मिलाकर 2300 से अधिक स्टूडेंट्स हैं। गर्ल्स स्कूल में 1200 के करीब छात्राएं हैं।
- लड़कों के स्कूल में 750 और छात्राओं के कॉलेज में 300 के करीब छात्राएं हैं। फिलहाल अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल-कॉलेज भेजने से भय मनाने लगे हैं। इस समय करीबन 70 प्रतिशत विद्यार्थी ही स्कूल रहे हैं।

   

aaj ki khaber

Epaper

राष्ट्रीय संस्करण

हरियाणा प्लस

सिरसा संस्करण

 


YOU ARE VISITOR NO.1785535

Site Designed by Manmohit Grover