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बैंड मालिक ने किया बेटी का सौदा

 

 

 

कोटा। राजस्थान के कोटड़ी इलाके में एक बैंड मालिक को अपनी बेटी ही बेटी को 50-50 हजार रूपए में दो बार बेचने के जुर्म में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिता राम सिंह ने अपनी बेटी पूजा को यहां दरा स्टेशन में एक युवक को 50 हजार रूपए में बेचा और फिर ब्यावर के एक युवक को इतनी ही रकम लेकर सौंप दिया। दोनों पक्षों की शिकायतें मिलने के बाद गुमानपुरा पुलिस ने युवती, उसके पिता व नगर निगम कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया। प्रकरण में उसकी मां फरार है। जांच अधिकारी रामलाल ने बताया कि कोटड़ी निवासी राम सिंह ने अपनी बेटी पूजा की शादी वर्ष 2009 में 50 हजार रूपए लेकर दरा स्टेशन के गिर्राज रैगर से की।
मध्यस्थ बना निगम कर्मचारी 'बाबा'
         वहां पूजा करीब सालभर रही, उसके बाद राम सिंह उसे वहां से ले आया। इसी साल फरवरी में पूजा का विवाह ब्यावर निवासी विनोद शर्मा से कर दिया। उससे भी 50 हजार रूपए ले लिए। तीन दिन पहले उसे ब्यावर से भी ले आया। इस मामले में गिर्राज ने अप्रेल में प्रकरण दर्ज कराया था। हाल ही में जब वह ब्यावर से भी उसे ले आया तो वहां के लोग भी शिकायत लेकर थाने पहुंचे। जांच के बाद राम सिंह, पूजा व दोनों शादियों में अहम भूमिका में रहे नगर निगम के विद्युत अनुभाग में कार्यरत लाइनमैन जाहिद उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर लिया। युवती की मां गीता फरार है।
रैगर से शर्मा और राजपूत बना
          पुलिस के मुताबिक राम सिंह जाति से रैगर है। उसने पहला विवाह तो खुद को रैगर बताकर ही किया, जबकि दूसरा विवाह राम शर्मा बताकर किया। जांच में सामने आया कि कोटड़ी में एक दुकान का एग्रीमेंट उसने बतौर राम सिंह राजपूत कर रखा है। वह बैंड पार्टी का मालिक है।

 

 

 

   

प्राण निकाल रहा है, "जिंदा होने का सबूत"

 

 

 

बाड़मेर। जिले के चालीस हजार बुजुर्ग जिनकी जिंदगी केवल पांच सौ रूपए मासिक पर गुजर रही है, उनको गुजारे के लाले पड़ रहे है। बूढ़े,गरीब और असहाय इन उम्रदराजों को यह राशि मार्च माह के बाद इसलिए नहीं मिली है क्योंकि पटवारी स्तर पर होने वाला सत्यापन बकाया है जिसमें केवल इतना पता करना है कि वाकई पेंशन के हकदार ये लोग जिंदा है या नहीं? अप्रेल माह में यह कार्य पूर्ण हो जाना था, लेकिन जून बीतने तक भी हुआ नहीं है। राज्य सरकार द्वारा वृद्ध, विकलांग और विधवाओं को पांच सौ रूपए मासिक पेंशन दी जाती है।

 

 

 

   

अजमेर में 14 जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद

 

 

 

अजमेर। शहर के आनासागर लिंक नाले की सफाई के दौरान 14 हैंडग्रेनेड मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने बरामद जिंदा हथगोलों को पुलिस लाइन में सुरक्षित रखवा दिया है। खुफिया एजेंसियां भी मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
    सोमवार दोपहर को नगर निगम के कुछ कर्मचारी लिंक नाले की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान एक कर्मचारी को नाले के मलबे में एक बैग पड़ा मिला। बैग को खोल कर देखा तो उसमें असलाह भरा हुआ था। बम जैसी वस्तु लगने पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना की। पुलिस ने बैग की तलाशी ली तो उसमें से 14 जिंदा हथगोले व एक खुखरी निकली। फिलहाल पुलिस ने हथगोलों को पुलिस लाइन में सुरक्षित रखवाया है।
    पुलिस इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि यह असलाह सेना का है या अन्य किसी सुरक्षा एजेंसी का अथवा कोई चुराने के बाद इसे नाले में फेंक गया। पुलिस ने इस मामले में खुफिया एजेंसियों को भी मौके पर बुला लिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मालूम हो कि करीब साल भर पहले भी अजमेर के समीप खरखेड़ी इलाके से पांच बम बरामद किए गए थे। ये बम सेना के निकले।
    अजमेर के एसपी राजीव मीणा ने बताया कि हमने इस मामले में सेना की मदद मांगी है। डिस्पोजल एक्सपर्ट को बुलवाया गया है। फिलहाल असलाह को पुलिस लाइन में सुरक्षित रखवाया गया है। उन्होंने इस घटना को किसी अनहोनी की साजिश से जोडऩे से फिलहाल इनकार किया है।

 

 

 

   

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