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अमेरिका में दोस्त के साथ झील पर गया था लड़का, तूफान की चपेट में आने से मौत

ह्यूस्टन/जयपुर.अमेरिका में विनाशकारी तूफान हार्वे ने जयपुर निवासी 24 वर्षीय छात्र निखिल भाटिया की जान ले ली। निखिल शनिवार को दिल्ली निवासी अपनी मित्र शालिनी के साथ ब्रायन झील पर गए थे। तभी तूफान के कारण वे बह गए। पुलिस ने उन्हें निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जहां निखिल की मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय शालिनी की हालत नाजुक है। मानसरोवर में वरुण पथ निवासी निखिल अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। निखिल की मां सुमन भाटिया कालाडेरा गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में लेक्चरर और पिता प्रदीप भाटिया जोधपुर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में कार्यरत हैं।
निखिल की मां अमेरिका में हैं। उन्होंने भास्कर को फोन पर बताया कि मैंने सोचा भी नहीं था कि तीन माह बाद बर्थ डे मनाने आने वाले बेटे के शव को लेने के लिए अमेरिका जाना पड़ेगा। दूतावास से फोन आने के बाद मैं हॉस्पिटल पहुंची। एक दिन व रात हॉस्पिटल में बेटे के बोलने का इंतजार करती रही, लेकिन उसके नहीं रहने का जवाब मिला।
पानी पर रिसर्च और पानी ने ही ली जान
निखिल पिछले दो साल से अमेरिका में रहकर टेक्सास ए एंड एन यूनिवर्सिटी में वाटर रिसर्च पर एमएस कर रहे थे। उन्होंने 2011 में जयपुर की सेंट एंसलम स्कूल से 12वीं पास करने के बाद वैलूर से बी-टेक की थी। 2015 में आगे की पढ़ाई करने के लिए अमेरिका गए।

   

कार के साथ बह गया था नाले में, सात दिन बाद इस हाल में मिली लाश

जयपुर. गत शुक्रवार को करतारपुरा नाले में बह गए लड़के आयुष का शव सात दिन बाद मिल गया है। गुरुवार की सुबह शव गुर्जर की थड़ी के पास नाले में मिला। बता दें की पिछले सात दिनों से सिविल डिफेंस और एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान चला रही थी। जानें क्या है मामला...
- सात दिन से लाठी-डंडों के साथ आयुष की तलाश चल रही थी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अचानक आयुष की लाश झाड़ियों के पास दिखी। जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही टीम ने नाले में उतरकर लाश बाहर निकाली।
- गौरतलब है कि बीते शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश में करतारपुरा नाले में आयुष गर्ग कार सहित बह गया था। उसने बचने काफी प्रयास किया, हिम्मत भी दिखाई, मंजर देख रहे लोग भी खूब चिल्लाए लेकिन बहता पानी उसे बहा ले गया।
- तभी से आपदा प्रबंधन और एसडीआरएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था।
खूब रोका था, फिर भी ले गया कार
-प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था कि ईमली वाला फाटक रेलवे लाइन के पास पुल से काफी ऊपर तक पानी बहने के कारण लोग जनकपुरी द्वितीय पुलिया पर जाम लगा था। लेकिन कार के साथ बहने वाला आयुष दिल्ली रेलवे पुल के नीचे की तरफ सड़क के ऊपर से बह रहे पानी में कार ले जाने लगा। लोगों ने चिल्लाकर उसे मना भी किया। लेकिन उसने लोगों की आवाज का अनसुना कर दिया और पानी में कार घुसा दी। तभी अचानक कार पानी के साथ बहने लगी।
- हादसे के वक्त आयुष बचने के लिए कार की छत पर भी चढ़ा, लेकिन कार पलट गई। जिससे वो पानी में गिर गया। काफी देर तक तैरने की भी कोशिश की लेकिन तेजबहाव में वो अपनी जान नहींं बचा सका।

   

राम रहीम को बीस साल की सजा से टूटा आसाराम का मनोबल, बोलती हुई बंद

जोधपुर। दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बीस साल की सजा सुनाए जाने के समाचार ने यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम का मनोबल पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है। जेल से कोर्ट लाए जाने के दौरान हमेशा प्रत्येक मुद्दे पर मीडिया से बात करने वाले आसाराम के चेहरे की हवाइयां उड़ रही थी और बार-बार कुरेदे जाने के बावजूद वह दो दिन से इस राम रहीम की सजा के बारे में कुछ भी बोलने से कतराता रहा। वहीं जेल में ही पेशी कराए जाने के भय से उसके सारे समर्थक गायब हो चुके है। चेहरे पर छाई उदासी...
- आसाराम को पेशी के लिए आज कड़े सुरक्षा घेरे में पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट में पुलिस के वाहन से नीचे उतरते ही मीडिया कर्मियों ने लगातार दूसरे दिन आसाराम से राम रहीम को बीस साल की सजा सुनाए जाने के बारे में पूछा। सवाल पूछे जाने के साथ ही आसाराम के चेहरे पर तनाव साफ नजर अा रहा था। उसने एक शब्द भी नहीं बोला। बार-बार सवाल दागे जाने के बावजूद आसाराम के मुंह से बोल नहीं फूटे और थके कदमों के साथ पुलिस घेरे में वह कोर्ट में प्रवेश कर गया।
पहले हर मुद्दे पर बोला है आसाराम
- कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान आसाराम हमेशा विभिन्न मुद्दों पर बोलता रहा है। चाहे सलमान खान को बरी करने का मामला हो या तीन तलाक का मसला। हर बार आसाराम ने अपने विचार व्यक्त किए, लेकिन अब राम रहीम को बीस साल की सजा की जानकारी मिलते ही उसका मनोबल पूरी तरह से टूट गया। आसाराम को भी अब सजा का भय सताने लगा है। यही कारण रहा कि दो दिन से लगातार पूछे जाने के बावजूद आसाराम कुछ भी टिप्पणी करने से कतराते नजर आए।
पुलिस वैन में बंद हुए आसाराम के भजन
- जेल से कोर्ट लाए जाने के दौरान आसाराम हमेशा पूरे रास्ते कुछ भजन गुनगुनाता रहता है, लेकिन दो दिन से उसके सारे भजन बंद हो गए। दो दिन से वह पूरे रास्ते चुपचाप बैठा बाहर की तरफ ताकता रहा। उसे लाने वाले एक पुलिस जवान का कहना है कि आसाराम दो दिन से काफी तनाव में नजर आ रहा है और किसी से कोई बात भी नहीं कर रहा है। जबकि पूर्व में वह कई बार पुलिस जवानों से गपशप भी करता रहता था।
समर्थक हो गए गायब
- जोधपुर में आसाराम समर्थकों के बढ़ते उत्पात से परेशान हो राज्य सरकार ने उनकी पेशी को जेल में ही करने को लेकर याचिका दायर कर रखी है। हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है। आसाराम की पेशी जेल में ही हो चुकी है, लेकिन आसाराम की याचिका पर हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ नियमित कोर्ट में सुनवाई करने की अनुमति प्रदान की थी। अब इन शर्तों की पालना नहीं होने के बाद राज्य सरकार ने नए सिरे से आसाराम की पेशी जेल के भीतर करने की अपील दायर कर रखी है। जेल के भीतर पेशी होने के डर से आसाराम के सभी समर्थक गायब हो चुके है। आज कोर्ट में पेशी पर लाए जाने के दौरान उनका एक भी समर्थक नजर नहीं आया।

   

डॉक्टरों के झगड़े पर हाईकोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान, विधिक सेवा समिति को जांच करने भेजा अस्पताल

जोधपुर। शहर के उम्मेद अस्पताल में ऑपरेशन टेबल पर बेहोश पड़ी महिला का इलाज करने के बजाय आपस में भिड़ते दो डॉक्टरों के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रसंज्ञान लेते हुए राजस्थान हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति से आज दोपहर दो बजे तक रिपोर्ट मांगी है। हाईकोर्ट ने इस मामले पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर विश्वास करने के बजाय अपनी समिति पर विश्वास जताते हुए जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। डॉक्टरों के आपसी झगड़े में उम्मेद अस्पताल में प्रसूता के ऑपरेशन में हुए विलम्ब के कारण नवजात बच्ची की मौत हो गई थी।हाईकोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान...
- राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास और न्यायाधीश मनोज गर्ग की खंडपीठ ने आज उम्मेद अस्पताल के घटनाक्रम पर प्रकाशित समाचारों के आधार पर स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए राजस्थान हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति से आज दोपहर दो बजे तक मामले की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
- खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के उपाध्यक्ष धीरेन्द्र शर्मा को आदेश दिया कि वे अपनी टीम लेकर अस्पताल जाए और पूरे मामले की जांच कर दोपहर दो बजे तक रिपोर्ट पेश करे।
- ऐसा माना जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन से रिपोर्ट मांगे जाने पर वह अपने डॉक्टरों को बचाने का प्रयास कर सकता था। ऐसे में हाईकोर्ट ने सीधे विधिक सेवा समिति को ही जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट दोपहर पश्चात मामले की सुनवाई करेगा।
यह है मामला
- जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में कल प्रसव पीड़ा होने पर रातानाडा निवासी अनीता को भर्ती कराया गया था। उसके पेट में बच्चे की धड़कन कम होने पर डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला किया।
- ऑपरेशन थियेटर में उसे बेहोशी की दवा देने को लेकर दो डॉक्टरों में तकरार हो गई। यहां एनसथीसिस्ट और ओटी इंचार्ज डॉ. एमएल टाक बच्चे की धड़कन जांचने के लिए दूसरे डॉक्टर से कह रहे थे। इसी दौरान डॉ. अशोक भड़क गए और डॉ. टाक पर जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
- ऑपरेशन थियेटर में एक टेबल पर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अशोक नैनीवाल एक दूसरी महिला का ऑपरेशन कर रहे थे।
- इस पर डॉ. टाक भी अनीता को छोड़कर डॉ. अशोक के सामने आ गए। दोनों के बीच तू-तू-मैं-मैं शुरू हो गई। वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने दोनों डॉक्टर्स को समझाने की बहुत कोशिश की, पर वे नहीं रुके। बाद में अनिता के सिजेरियन से हुई नवजात बच्ची ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया।
स्टाफ मेंबर ने बनाया वीडियो
- ऑपरेशन थियेटर में ही किसी स्टाफ मेंबर ने मोबाइल से घटना का वीडियो भी बना लिया। इस वीडियो के वायरल होते ही अफरातफरी मच गई। मामला सामने आया तो राज्य सरकार के आदेश पर डॉ. अशोक नैनीवाल को एपीओ कर दिया गया, जबकि डाॅ. टाक पर एक्शन के लिए कार्मिक विभाग में फाइल भेजी गई है।

   

राम रहीम से मिलने गई ये महिला ऐसे हुई गायब, ढाई साल बाद सामने आई स्टोरी

जयपुर.सिरसा डेरा सच्चा से 29 महीने पहले अचानक गायब हुई महिला का मामला सामने आया है। महिला के पिता ने डेरा चीफ राम रहीम, मैंनेजिंग डायरेक्टर और सेवादारों के खिलाफ किडनैपिंग के आरोप लगाए हैं। उसके मुताबिक, वह अपनी पत्नी के साथ सिरसा ध्यान के लिए गया था, लेकिन वह सपने में भी नहीं सोच सकता था कि इस ध्यान की कीमत उसे इस तरह चुकानी पड़ेगी। सेवादार आया और कहा- गुड्डी से 'राम रहीम दत्ताजी' मिलेंगे...
- जयपुर के मनोहरपुरा कच्ची बस्ती के रहने वाले कमलेश कुमार के मुताबिक, वह पत्नी गुड्डी और दो बच्चों के साथ मार्च 2015 में सिरसा स्थित सच्चा डेरा सत्संग में गए थे।
- गुड्डी वहां पर महिलाओं के ग्रुप में थी और वह पुरूषों के ग्रुप में बैठा हुआ था। इस दौरान एक सेवादार आया और कहा कि गुड्डी से 'राम रहीम दत्ताजी' मिलेंगे, उनको भेज दो। कमलेश ने एक सेवादार के साथ गुड्डी को भेज दिया। इसके बाद गुड्डी नहीं लौटी।
- कमलेश ने वहां सेवादारों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह भक्ति में लीन है। दो-तीन दिन इंतजार करो। तीन दिन बाद भी गुड्डी वापस नहीं आई तो कमलेश ने उसकी डेरा में आसपास में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
- इसके बाद वह सिरसा पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ शिकायत करने पहुंचा तो पुलिस ने डरा-धमकाकर थाने से बाहर निकाल दिया।
- मई 2015 में कमलेश ने जयपुर के जवाहर सर्किल थाने में राम रहीम समेत अन्य के खिलाफ गुड्डी के किडनैपिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बिना जांच-पड़ताल के ही 2016 में एफआईआर लगा दी है।
- पीड़ित के एडवोकेट बाबूलाल बैरवा ने बताया कि एफआईआर के खिलाफ कोर्ट में प्रोटेस्ट किया है।
- गुड्डी को ढूंढने के बजाए पुलिस ने मामले में ही एफआर लगाकर फाइल को बंद कर दिया। डेरे में ध्यान के लिए गई गुड्‌डी का आज तक कोई पता-ठिकाना नहीं है।
बच्चे अब भी मां के इंतजार में
-कमलेश ने बताया कि उसके दो बेटे हंसराज और लेखराज को आज भी अपनी मां का इंतजार है। जगतपुरा इलाके में वह खुद मजदूरी कर अपना जीवन-यापन कर रहा है, जबकि बच्चे गांव में ही हैं।
- पीड़ित कमलेश ने बताया कि जवाहर सर्किल पुलिस उसको साथ लेकर सिरसा भी गई, लेकिन बिना जांच-पड़ताल के लौट आई। टीआई राजेश सोनी ने बताया कि मामला 2015 का है। उस वक्त के टीआई जांच अफसर ने मामले में एफआईआर दी है। उनकी जांच में क्या आया, यह जानकारी नहीं है।

   

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