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पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में बनेगा आध्यात्मिक पार्क, 27 करोड़ रुपए होंगे खर्च

जयपुर/अजमेर.पुष्कर में स्थित दुनिया के एकमात्र ब्रह्मा मंदिर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अब नए आध्यात्मिक अनुभव से गुजरेंगे। इस मंदिर के कायाकल्प और नए निर्माण के लिए 27 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। निर्माण के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से भी मंजूरी मिल गई है। मंदिर परिसर में अब आध्यात्मिक पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें चार युगों की यात्रा दिखाई जाएगी।
- इसके अलावा 700-800 लोगों के बैठने के लिए ओपन एयर थियेटर के अलावा एक यज्ञशाला होगी। दिव्यांगों और बुजुर्गों को दर्शन में होने वाली कठिनाई को देखते हुए एलिवेटर लगाया जाएगा।
- मंदिर का नया एंट्री प्लाजा भी बनेगा। 500 वाहनों की पार्किंग बनेगी तथा मंदिर प्रांगण में बने शौचालय को शिफ्ट किया जाएगा। अभी मंदिर परिसर 2 बीघा में है।
- सुविधाओं के विकास के लिए इसके आसपास की 9 बीघा जमीन भी खाली कराकर मंदिर को सौंपी जा चुकी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 10 अक्टूबर को यहां भूमि पूजन और विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगी।
अजमेर कलेक्टर गौरव गोयल ने बताया कि मंदिर को नया स्वरूप दिया जा रहा है। नए एंट्री प्लाजा के अलावा पार्किंग बनेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एलिवेटर लगाया जाएगा। सबसे खास यहां बनने वाला आध्यात्मिक पार्क होगा।

   

करवाचौथ पर आया शहीद पति का शव, पत्नी ने ऐसे तिलक लगा किया विदा

झूंझुनू। अरुणाचल के तवांग के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए एयरफोर्स के MI-17 हेलिकॉप्टर हादसे में झुंझुनूं जिले के कासनी गांव के शहीद हुए जवान सतीश खांडा का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। करवाचौथ के दिन पति का शव पत्नी ने तिलक लगाकर विदा किया। शहीद की पत्नी शवयात्रा के दौरान बेटे को गोद में लिए आग-आगे चली। ढाई साल के बेटे मासूम हर्ष ने मुखाग्नि दी तो अंत्येष्टि स्थल पर मौजूद सभी की आंखें नम हो गई। कहा- बेटा अब तेरे पापा कभी नहीं आएंगे...
- एयरफोर्स में सार्जेंट सतीश अरुणाचल प्रदेश के पटोगर में तैनात थे। दो दिन पहले सेना की चौकियों पर केरोसीन की सप्लाई के दौरान उनका हेलीकॉप्टर क्रैश होने सात जवान शहीद हो गए थे। सतीश उनमें से एक था।
- सतीश की पार्थिव देह वायु सेना के फ्लाइंग ऑफिसर निखिल पंत लेकर आए। सतीश को अंतिम विदाई देने उमड़े ग्रामीणों ने सतीश अमर रहे, इंडियन एयरफोर्स जिंदाबाद, भारत माता के जयकारे लगाए। वायु सेना व पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
5 बहनों का इकलौता भाई था शहीद
- जब वायु सेना के जवान सतीश का शव लेकर उनके घर पंहुचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी किरण तो गुम-शुम सी हो गई। शहीद के शव को देखकर किरण ने फोटो पर तिलक लगाकर अपने बेटे से कहा, बेटा अब तेरे पापा कभी नहीं आएंगे।
- वृद्धा मां अंगूरी देवी व बहनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। ग्रामीण व रिश्तेदार ढाढ़स बंधा रहे थे। ढाई साल का मासूम हर्ष कभी लोगों की ओर देखता तो कभी ताबूत की ओर निहारता जिसमें उसके पापा का शव लाया गया था। उसे तो इतनी भी समझ नहीं थी कि वह पूरा माजरा समझ पाता।
दीपावली पर आने वाला था
- रविवार को तिरंगे में लिपट कर आया सतीश दीपावली पर घर आने वाला था। उसने पांच अक्टूबर की शाम अपनी मां को फोन पर कहा था कि उसकी छुट्टी मंजूर हो गई है और वह दीपावली पर घर आएगा। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। पांच बहनों का इकलौता भाई सतीश दस साल पहले वायु सेना में भर्ती हुआ था।
पत्नी किरण हुई अंतिम यात्रा में शामिल
- जवान सतीश की अंतिम यात्रा में पत्नी किरण अपने बेटे को गोद में लेकर शामिल हुई। वायुसेना के जवान सतीश का शव लेकर घर पंहुचे तो किरण ने पति का चेहरा देखने की जिद की लेकिन हादसे में शव बुरी तरह जल जाने के कारण सेना के अधिकारियों ने ताबूत खोल कर शव दिखाना मुनासिब नहीं समझते हुए किरण व अन्य परिजनों को समझाया।
- इस पर किरण ने अंतिम यात्रा में शामिल होने का निर्णय लिया और मासूम बेटे हर्ष को गोद में लेकर अंतिम यात्रा के साथ अंत्येष्टि स्थल तक गई और जांबाज पति को अंतिम विदाई दी।

   

प्रेमिका खड़ी देख रही थी, उसके ही बेटों और पति को चाकू से काट रहा था प्रेमी

अलवर. 5 दिन पहले घर के अंदर बेरहमी से की गई एक परिवार के 5 लोगों की हत्याओं के बाद मौका-ए-वारदात गली में रहने वाले लोगों में वारदात का खौफ अभी भी बरकरार है। लोग इतने डरे-सहमे हैं कि दिनभर अपने घर व मकानों की खिड़कियों व दरवाजों को बंद रखते है और बच्चे भय के चलते घर से बाहर निकलने में संकोच करते है। इसके चलते गली में दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है। प्रेमी बेटों पति और भतीजे को चाकुओं से काट रहा था, वो देख रही थी...
- हत्या से पहले महिला ने खाने में परिवार को नींद की गोलियां दी थी। जिस समय कमरे में बेटों पति व भतीजे को चाकुओं से काटा जा रहा था, महिला सीढ़ियों के पास खड़ी देख रही थी।
- पुलिस के मुताबिक, 2 अक्टूबर की रात शिवाजी पार्क निवासी बनवारीलाल शर्मा(45), उसका बेटा मोहित (17), हैपी (15) अज्जू (12) तथा भतीजा निक्की (10) की गला रेत कर हत्या कर दी गई। पांचों का गला काटा गया और शरीर पर चाकू के गहरे घाव थे।
- शिवाजी पार्क में 4 दिन पहले पिता, तीन पुत्र और भतीजे की गला काट कर की गई हत्या में पुलिस ने महिला, उसके प्रेमी व भाड़े पर लिए गए दो कातिलों को गिरफ्तार कर लिया है।
- प्रेमी के साथ रहने के लिए मां ने ही अपने तीन बेटे, भतीजे और पति की हत्या करवा दी। पुलिस ने इस मामले में मृतक बनवारी की पत्नी संतोष शर्मा(36) उसके प्रेमी बड़ौदामेव निवासी हनुमान प्रसाद जाट(25), गुजूकी निवासी - कपिल धोबी (19) तथा डीग के पांडव मोहल्ला हाल गुजूकी निवासी दीपक धोबी को गिरफ्तार किया है।
ऐसे हुआ दोनों में प्यार
- हत्या में प्रथम दृष्टया किसी परिचित का हाथ होने की आशंका थी। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए कई टीमें बनाई। संदेह के दायरे में बनवारीलाल शर्मा की पत्नी संतोष शर्मा थी।
- जांच में पता लगा कि संतोष के हनुमान प्रसाद जाट से प्रेम प्रसंग चल रहा है। हनुमान प्रसाद जाट उदयपुर से बीपीएड कर रहा है। संतोष ताइक्वांडो सिखाती है। दोनों की ढाई साल पहले दोस्ती हुई थी। यह दोस्ती अवैध संबंधों में बदल गई।
- दोनों के प्रेम प्रसंग में पति व बड़ा बेटा मोहित रोडा साबित हो रहे थे। दोनों शादी भी करना चाहते थे। बेटे व पति को रास्ते हटाने के लिए महिला उसके प्रेमी ने प्लान बनाया।
इस मकान के अंदर ही सड़ रहा है 5 लाेगों का खून
लोगों का कहना था कि पांच लोगों की मौत दिमाग पर छाई हुई है। इसी बात को सोचने से बेचैनी होने के साथ नींद भी पूरी नहीं ले पा रहे है। जबकि, जिस घर में यह खौफनाक हत्याएं हुई है। उस मकान नंबर 4 क 54 पर पुलिस ने ताला जड़ा हुआ है। जबकि, मकान के अंदर से अजीब सी बदबू उठ रही है। क्योंकि पांच जनों की हत्याओं का खून मकान के अंदर ही सड़ रहा है। इससे लोग परेशान है। लेकिन, मृतक बनवारी शर्मा और उसके बच्चों के बारे में बतियाते रहते है।

   

राज्यमंत्री ने कहा-अभी का कराया काम कोई याद नहीं रखेगा, आखिरी साल में कराएंगे

केसरीसिंहपुर/श्रीगंगानगर. कस्बे में भाजपा नगर मंडल की शुक्रवार को हुई बैठक में राज्यमंत्री सुरेंद्रपालसिंह टीटी ने लोग काम को याद नहीं रखते इसलिए कार्यकाल के आखिरी वर्ष में काम करवाएंगे तब कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में टीटी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाई और बताया कि जहां भाजपा का बोर्ड है वहां विकास चरम पर है। इस पर एक कार्यकर्ता ने कहा कि यहां विकास नहीं होगा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की समस्याएं बताईं लेकिन टीटी उपलब्धियां गिनाते रहे और कस्बे में विकास के लिए कोई घोषणा नहीं की।

   

सुप्रीम कोर्ट ने एसबीसी आरक्षण पर केंद्र और राज्य से मांगा जवाब

जयपुर. सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण अधिनियम-2008 की वैधता, एसबीसी (विशेष पिछड़ा वर्ग) को पांच प्रतिशत आरक्षण देने सहित ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट और मीणा जाति को जनजाति से बाहर करने व एससी/एसटी को क्रीमिलेयर में लाने की गुहार करने के मामले में केन्द्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही अदालत ने केन्द्र सरकार के जनजाति मंत्रालय सचिव, राष्ट्रीय जनजाति आयोग, राज्य के मुख्य सचिव, प्रमुख सामाजिक न्याय व अधिकारिता सचिव व डीओपी सचिव सहित ओबीसी आयोग को नोटिस जारी किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश शुक्रवार को कैप्टेन गुरविन्दर सिंह व अन्य की एसएलपी पर दिया। एसएलपी में राजस्थान हाईकोर्ट के मई 2017 के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें प्रार्थियों की 4 फरवरी, 2016 के आदेश को वापस लेने संबंधी अर्जी को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने 4 फरवरी के आदेश से प्रार्थियों की याचिकाओं को सारहीन मानते हुए यह कहकर खारिज कर दिया था कि अधिनियम-2008 नए अधिनियम 2015 से रिपील हो गया है। सरकार नया कानून ले आई है, ऐसे में याचिकाएं सारहीन हो गई हैं और चलने योग्य नहीं हैं।
प्रार्थियों ने एसएलपी में कहा कि याचिकाओं में विकास अध्ययन संस्था की रिपोर्ट को रद्द करने और अोबीसी आयोग की जस्टिस इसरानी की रिपोर्ट को रद्द करने सहित अन्य मुद्दों को भी चुनौती दी थी। लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका में उठाए गए अन्य मुद्दों को तय किए बिना ही उन्हें सारहीन मानकर खारिज कर दिया जो गलत है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में मुकेश सोलंकी ने 2008 के अधिनियम को चुनौती दी थी जबकि कैप्टन गुरविन्दर सिंह ने एक्ट की वैधता के अलावा मीणा जाति को आरक्षण से बाहर करने की गुहार की थी।
हाईकोर्ट ने पूछा, चेयरमैन बताएं कैसे करेंगे रेट का संचालन
हाईकोर्ट ने रेट की कार्यशैली को चुनौती देने के मामले में रेट चेयरमैन को शपथ पत्र के जरिए यह बताने के लिए कहा है कि वे रेट का संचालन किस तरह करेंगे। साथ ही कोर्ट ने उनसे मौजूदा समय में रेट किस तरह काम कर रहा है यह भी बताने के लिए कहा है। न्यायाधीश एसपी शर्मा ने यह अंतरिम आदेश शिक्षा विभाग से रिटायर हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी खुबा राम सैनी की याचिका पर शुक्रवार को दिया।
महाधिवक्ता एनएम लोढ़ा ने कहा कि रेट का कामकाज उनका अांतरिक मामला है और न्यायिक कार्य है और राज्य सरकार उसमें दखल नहीं दे सकती। राज्य सरकार ने रेट मेें दो सदस्यों की नियुक्ति कर दी है और अब रेट में एक चेयरमैन व चार सदस्य हैं। रेट में अब दो बेंच गठित हो सकती हैं। अदालत ने पिछली सुनवाई पर सीएस को शपथ पत्र पेश कर पूछा था कि रेट के सही संचालन के लिए वे क्या कर रहे हैं।
इसके जवाब में महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार इसमें दखल नहीं दे सकती। अधिवक्ता हनुमान चौधरी ने बताया कि प्रार्थी का रिटायरमेंट 31 अगस्त को हुआ था और उसके खिलाफ रिकवरी का मामला रेट में लंबित है। लेकिन रेट मामलों की नियमित सुनवाई नहीं करता। ऐसे में रेट में मामला लंबित रहने का हवाला देकर पेंशन विभाग ने उसके सेवानिवृत परिलाभों को देने से मना कर दिया है। इसलिए रेट में लंबित उसके मामले को तय करवाया जाए।

   

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