You are here:

किसान खेत में ही तैयार करेंगे मधुमक्खी, खाड़ी-यूरोपियन देशों में सप्लाई होगा शहद

करनाल.प्रदेश में खाद्यान्न के साथ शहद उत्पादन में बढ़ोत्तरी के लिए बड़ा प्रयास शुरू होने वाला है। प्रदेश के 18 जिलों में 18 बी ब्रीडर तैयार किए जाएंगे। हर साल ये मधुमक्खी की 3000 कॉलोनी तैयार करेंगे। 5 साल में इन्हें 15000 कॉलोनी तैयार कर मधुमक्खी तैयार करनी होंगी। इन्हें दूसरे किसान भी ले सकेंगे और प्रदेश में 2022 तक शहद का उत्पादन सालाना 10 हजार टन से 50 हजार टन करने की योजना है। हर ब्रीडर के लिए चार लाख रुपए अनुदान का बजट निर्धारित किया जाएगा। प्रदेश में तैयार होने वाला शहद गल्फ, यूरोपियन कंट्रीज में सप्लाई हो सकेगा, इससे न केवल किसान की आय बढ़ेगी, बल्कि 36.25 लाख हेक्टेयर में उगने वाली विभिन्न फसलों के उत्पादन में भी मधुमक्खियों के बढ़ने से लाभ मिलेगा। यही नहीं हर साल मधुमक्खी पालकों को राज्य स्तरीय एक लाख का व जिला स्तरीय 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
खाड़ी-यूरोपियन देशों में हरियाणवी शहद की मांग
खाड़ी-यूरोपियन देशों में शहद की काफी खपत होती है। वे प्रदेश में उगाए जाने वाले जांडी, सरसों के फूलों के अलावा सफेदे, सूरजमुखी, बरसीम, बेरी, अरहर के फूलों से तैयार शहद को अधिक तवज्जो देते हैं। भविष्य में इस शहद की गुणवत्ता को बढ़ाने के प्रयास होंगे और अंतर राष्ट्रीय मानकों पर यह पहले की तरह खरा उतरता रहेगा। इससे प्रदेश के 16.17 लाख किसान परिवारों की आय में बढ़ोत्तरी होगी।
पहले होगा प्रदेशभर में सर्वे
मधुमक्खी पालन विशेषज्ञ जयकुमार श्योराण के अनुसार बागवानी विभाग की ओर से प्रदेशभर में सर्वे कराकर पता लगाया जाएगा कि किस जिले या गांव में कौन व्यक्ति कब से मधुमक्खी पालन के काम में लगा है। वह कितना दक्ष है। फिर उसी के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन कराया जाएगा। यहीं से दूसरे किसानों को मधुमक्खियां दी जाएंगी, ताकि प्रदेश में शहद का उत्पादन बढ़ाया जा सके।
फिलहाल 1500 किसान रजिस्टर्ड : हरियाणा देश में शहद उत्पादन में सातवें नंबर पर है। यहां करीब छह लाख कॉलोनी मधुमक्खी हैं। रामनगर कुरुक्षेत्र में साढ़े 10 करोड़ रुपए की लागत से एकीकृत मधुमक्खी विकास केंद्र बनाया जा रहा है, यह एक नवंबर से पहले काम करना शुरू कर देगा, यहां किसानों को मधुमक्खी शहद उत्पादन, इसके अन्य उत्पादन व पैकिंग आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रदेश में फिलहाल करीब 1500 किसान ही मधुमक्खी पालन के लिए रजिस्टर्ड हैं। जबकि करीब 6000 किसान इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। किसानों की संख्या 2022 तक 15000 तक करने की योजना है, जबकि शहद उत्पादन 10 हजार एमटी से बढ़ाकर प्रति वर्ष 50 हजार टन ले जाने की योजना बनाई गई है।
फायदा : परपरागण से सरसों में 30-50 फीसदी, फलदार पौधों में 100 से 200 फीसदी तक बढ़वार होती है। दूसरी फसलों में 15 से 30 फीसदी तक मधुमक्खी द्वारा परपरागण कर बढ़ोत्तरी होती है।
18 जिलों में 18 बी ब्रीडर तैयार किए जाएंगे। सर्वे के बाद इन्हें बागवानी विभाग की ओर से 4 लाख रुपए अनुदान दिया जाएगा। ये किसान मधुमक्खी तैयार कर दूसरे किसानों को देंगे। शहद का उत्पादन अगले पांच साल में पांच गुना तक बढ़ाए जाने की योजना है।
-डॉ. बीएस सेहरावत, मिशन डायरेक्टर, बागवानी विभाग, हरियाणा।

   

80% किसान आढ़तियों के कर्ज में, सरकार के दिए 550 करोड़ बैंकों ने बांटे ही नहीं

राजधानी हरियाणा.किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के तमाम प्रयासों को बैंक ही पलीता लगा रहे हैं। किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए राज्य सरकार ने एक साल के लिए जो 550 करोड़ का कर्ज बांटने का लक्ष्य रखा था, बैंकों ने उसमें दिलचस्पी ही नहीं दिखाई है। बैंकों ने इस योजना के तहत मात्र छह फीसदी यानी 32.98 करोड़ कर्ज ही बांटा है। ऋण स्वैप योजना के तहत एक लाख तक के आढ़ती के कर्ज को एक मुश्त अदा करने के लिए सरकार ने इस ऋण का प्रावधान किया था।
राज्य स्तरीय बैंकर की समिति (एसएलबीसी) की बैठक में यह खुलासा हुआ। इस पर भी बैंकों को सिर्फ कहा गया कि वे इस ओर ध्यान दें। कार्यवाही कुछ नहीं हुई। बड़ी बात यह है कि किसानों को इस योजना के बारे में जानकारी ही मुहैया नहीं करवाई गई। प्रदेश के छह हजार से ज्यादा गांवों में इस योजना का प्रचार करना था। लेकिन योजना सिर्फ 162 गांवों तक ही पहुंच पाई। पंजाब नेशनल बैंक ने 57 गांव, हरियाणा ग्रामीण बैंक ने 22, ओरिएंटल कॉमर्स बैंक 22, भारतीय ओवरसीज बैंक ने 18 देना बैंक 8, केनरा बैंक छह सिंडिकेट बैंक 3 और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एक गांव में ही योजना के तहत कर्ज दिया।
क्या है योजना , कैसे बचें किसान
जिन किसानों ने आढ़ती से एक लाख रुपये का कर्ज ले रखा है और आढ़ती किसान से दो फीसदी से लेकर तीन फीसदी तक ब्याज वसूल करते हैं। ऐसे किसानों को इस कर्ज से मुक्ति के लिए बैंक कर्ज देते हैं। यह कर्ज किसान बराबर-बराबर किश्तों में आसानी से उतार सकता है। इस योजना से किसानों को बहुत लाभ हो सकता था।
सेंटर फॉर रूरल स्टडी एंड एग्रीकल्चर इंस्टीट़्यूट के प्रोफेसर दीपक शर्मा ने बताया कि हरियाणा में 80 फीसदी किसान आढ़ती के कर्जदार हैं। जो कि भारी ब्याज देने पर मजबूर हो रहे हैं।
केसीसी तक ही सीमित हैं किसान
एक लाख तक के इस एकमुश्त कर्ज के बारे में किसानों को जानकारी नहीं दी गई। इस वजह से किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज ले रहे हैं। जो कि बहुत ही छोटी अवधि के लिए होता है। इससे किसान आर्थिक परेशानी में पड़ जाता है। यदि एक लाख रुपये तक आढ़ती का कर्ज चुकाने का कर्ज मिल जाएं तो किसानों के लिए कर्ज लौटाने में आसानी हो सकती है।
बैंक प्रबंधकों पर होनी चाहिए कार्रवाई
सेंटर फॉर रिसर्च रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट प्रोफेसर एसएस सांगवान कहते हैं कि बैंक किसानों को फसली कर्ज ज्यादा देते हैं। इसे बदलने की जरूरत है। बैंक किसानों को लंबी अवधि के कर्ज देते ही नहीं है। इस तरह के कर्ज के बारे में किसानों को बताया तक नहीं जाता। किसानों की आर्थिक दुष्चक्र में फंसने की यह भी एक बड़ी वजह है।
लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई
बैंकों का किसानों को योजना का पैसा न देना चिंता की बात है। इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। बैंक को चेतावनी दी गई, अब यदि ऐसी योजनाओं में अनियमितता मिली तो सख्त कार्रवाई होगी। -कैप्टन अभिमन्यु, वित्त मंत्री

   

मां के लिए खाना ले जाने पर मारपीट, B.Tech स्टूडेंट के खिलाफ खोला गया मोर्चा

गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में हॉस्टल की मैस से एलएलबी की एक छात्रा द्वारा कमरे में खाना ले जाने पर विवाद हो गया। छात्रा अपनी मां के लिए खाना लेकर जा रही थी। तभी रास्ते में बी-टैक की एक छात्रा ने एलएलबी की छात्रा से मारपीट की और उसका खाना गिरा दिया। इसी विवाद में एलएलबी की छात्राएं एकजुट हो गई और रात को जमकर हंगामा किया। इस तरह पनपा विवाद...
- मिली जानकारी के अनुसार एलएलबी की तृतीय वर्ष की छात्रा रीना हॉस्टल नम्बर-12 में रहती है। उसकी मां अपनी बेटी से मिलने आई थी और हॉस्टल में उसके साथ रुकी थी।
- रीना ने मैस इंचार्ज से हॉस्टल में अपनी मां के लिए खाना लेकर जाने की अनुमति ली। मां के लिए खाना लेकर जा ही रही थी कि तभी मनीषा ने रीना को थप्पड़ जड़ दिया।
- फिर रीना ने हॉस्टल की दूसरी छात्राओं को बताया, जिससे वे भी भड़क गई और एकजुट हो गईं। अब प्रदर्शनकारी छात्राओं ने बी-टैक की छात्रा के निलंबन की मांग की।
- सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने की कोशिश की।
- मामले की जांच के लिए कार्यकारी कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने 4 सदस्यों की कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में प्रो. विमल जोशी, शेफाली नागपाल, महेश दधीच और कृष्णा राठी हैं।

   

पानी का टैंकर रोका तो पुलिस वाले को मालिक बोला- छह की छह घुसा दूंगा

बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार में जुटी पुलिस की राह में नागरिक ही रोड़ा अटका रहे हैं। गुरुवार को टैंकरों से पानी सप्लाई करने वाले व्यक्ति ने झज्जर चुंगी पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि जान से मारने की धमकी तक दे डाली। शाम तक की धमकी देते हुए बोला कि छह की छह घुसा दूंगा। किसी ने इस तकरार का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ऐसे हुआ एक्शन...
- ये मामला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा तो उन्होंने अभद्रता करने वाले के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। जिस पर पुलिस ने आरोपी की गाड़ी का नंबर ट्रेस करके एफआइआर दर्ज की। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
- दरअसल शहर को जाम फ्री बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा मुहिम चलाई जा रही है। इसी के चलते ट्रैफिक पुलिस बड़ी सख्ती से शहर के अंदर प्रवेश करने वाले वाहन की जांच कर रही है। शहर में सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक भारी वाहनों की नो इंट्री है।
- बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति की झज्जर रोड पर पानी का पंप है और ट्रैक्टर-टैंकरों के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई की जाती है।
- पुलिस ने इन टैंकरों को शहर के भीड़ भाड़ वाले इलाकों से ना निकलने की हिदायत दी थी, जिससे खफा टैंकर मालिक गुरुवार सुबह झज्जर चुंगी पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से उलझ गया।
- ट्रैफिक पुलिस के अनुसार जब उन्हें आमजन की परेशानियों को लेकर हवाला दिया गया तो वह भड़क उठा और उनको ट्रैक्टर-टैंकरों को शहर से बाहर से भिजवाने को लेकर गाली गलौच शुरू कर दी।
- पुलिस ने चालान काटने की बात कही तो कार सवार ट्रैफिक पुलिसकर्मी को देख लेने व उसके अभद्र तरीके से गालियां देते हुए अंजाम भुगतने की धमकी देने लगा।
वीडियो हुआ वायरल
- कार चालक व ट्रैफिक पुलिसकर्मी के बीच हुई गरमागरमी को देखकर लोगों की काफी भीड़ भी जुट गई। ट्रैफिक पुलिस व मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोगों ने यह सब कैमरे में कैद कर लिया।
- कुछ ही देर में यह मामला सोशल मीडिया पर भी छा गया। वाट्सअप ग्रुप पर किसी ने जब कार चालक व पुलिसकर्मी के बीच तीखी नोंकझोंक को लेकर वीडियो को शेयर किया तो उस पर कई तलख तीखी टिप्पिणयां होती रही।
एफआइआर दर्ज
- अभद्रता व पुलिसकर्मी को धमकी देने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। –हिमांशु गर्ग, अतिरिक्त एसपी

   

जिप सदस्य की गिरफ्तारी पर लोगों ने NH किया जाम, 40 KM तक 3 घंटे फंसे रहे हजारों वाहन

करनाल(हरियाणा)| डिस्ट्रिक्ट कांउसिल मेंबर दीपक त्यागी की गिरफ्तारी के विरोध में पुंडरी गांव समेत 4-5 गांवों के लोगों ने पुलिस और थाने पर पथराव किया। पुलिस ने बचाव में दर्जनभर राउंड फायर किए। पुलिस की हवाई फायरिंग से गुस्साए लोगों ने ओवरब्रिज व सर्विस लेन पर जाम लगा दिया। करनाल से पानीपत तक 40 किलोमीटर में हजारों वाहन 3 घंटे तक फंसे रहे। दरअसल, घरों के बाहर मीटर लगाने आई बिजली निगम की टीम से पूंडरी गांव के लोगों ने मारपीट की थी।इसलिए किया पार्षद को गिरफ्तार..
- बीते दिनों बिजली निगम ने गांव पुंडरी में घरों के बाहर मीटर लगाने का कैंपेन शुरू किया था। जिसका गांव वालों ने विरोध किया था और बिजली कर्मियों के साथ मारपीट भी की थी। इसके बाद बिजली निगम की शिकायत पर पुलिस ने पुंडरी गांव के करीब 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
- शुक्रवार को पुलिस ने इसी मामले में पुंडरी गांव के जिला पार्षद दीपक त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। दीपक की गिरफ्तारी की भनक लगते ही सैकड़ों गांव वालों ने घरौंडा थाने पहुंच गए। थाने में लोगो और पुलिस के बीच झड़प हुई।
- गांव वालों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव से थाने में खड़े करीब 3 वाहनों के शीशे टूट गए तथा पुलिस स्टेशन की खिड़की और दरवाजे भी पथराव में टूट गए।
पथराव में एक होमगार्ड को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने अपने बचाव व लोगों को खदेड़ने के लिए करीब दर्जनभर हवाई फायर किए।
- फायरिंग के बाद गाव वाले और भी ज्यादा गुस्से में आ गए और नेशनल हाइवे नंबर-1 पर जाम लगा दिया।
पुलिस भी फंसी जाम में, एक्स्ट्रा फोर्स बुलाई
- जिस समय गांव वालों ने हमला किया उस समय थाने में लगभग आधा दर्जन कर्मचारी ही मौजूद थे। तभी सैकड़ों लोगों ने अचानक धावा बोल दिया।
- पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए गांव वालों को समझाने की कोशिश की, लेकिन अचानक लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।
- पुलिस कर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, लेकिन स्थिति गंभीर होता देख पुलिस को अन्य रास्तों से भागकर अपनी जान बचाई।
- मामला ज्यादा बढ़ता देख पुलिस को एक्सट्रा पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी, लेकिन लंबा जाम होने के साथ पुलिस भी जाम में फंस गई और समय पर थाने में नही पहुंच पाई।

   

aaj ki khaber

Epaper

राष्ट्रीय संस्करण

हरियाणा प्लस

सिरसा संस्करण

 


YOU ARE VISITOR NO.1785525

Site Designed by Manmohit Grover