You are here:

10 हजार बैग गेहूं खुर्द-बुर्द, चार डीएफएससी 6 इंस्पेक्टर, 68 डिपोहोल्डर पर एफआईआर

E-mail Print PDF

सिरसा. जिला सिरसा में खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से बीपीएल परिवारों को अवांटित किए जाने वाले गेहूं का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। जिला में तैनात रहे चार डीएफएससी, दो एएफएसओ और 6 इंस्पेक्टरों की मिलीभगत के चलते 68 डिपो होल्डरों ने 10 हजार बैग यानि 5 हजार क्विंटल गेहूं को खुर्दबुर्द करके ब्लैक में बेचा था।
अब विभाग के अधिकारियों ने इस मामले की जांच पूरी होते ही। इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाने के आदेश जारी कर दिए है। सिरसा के डीएफएससी अशोक बंसल ने बताया कि यह घोटाला एक जनवरी 2015 से लेकर 31 दिसंबर 2016 के बीच में हुआ था। इसलिए इस दौरान जो भी अधिकारी यहां डीएफएससी के पद पर तैनात रहे। उनकी सुपरीविजन के दौरान ही यह घोटाला हुआ है। इसलिए उन सबके खिलाफ केस दर्ज होगा।
जिले के 68 डिपोधारकों को हर माह 100 के बजाय दिया 200 क्विंटल गेहूं
गरीबों का निवाला डकारने वाले इस घोटाले की जांच वर्ष 2016 में शुरू हुई थी। विभाग के डायरेक्टर केके बिश्नोई ने सिरसा में आकर जांच की तो यह मामला सामने आया था। जांच में पाया गया कि जिले के 68 डिपोधारकों को उनके निर्धारित गेहूं के कोटे से अधिक गेहूं दी गई थी। यानि किसी डिपोधारक को प्रति महिना 100 क्विंटल गेहूं देनी होती थी। उसे 200 क्विंटल गेहूं दी गई। इस प्रकार अधिक दी गई 100 क्विंटल गेहूं डिपोधारक ने ब्लैक में बेची। इस कारण विभाग को अधिकारियों की मिलीभगत से एक साल तक चूना लगता रहा। सूत्र बताते हैं कि इस घोटाले में अधिकारियों का फिक्स कमीशन था। इसलिए यह इतना बड़ा घोटाला होता रहा और अधिकारी इस पर आंख मूंदे बैठे रहे। जिन 68 डिपो होल्डरों को गेहूं अधिक दिया गया। उन्होंने गेहूं बाजार में बेचकर मोटी कमाई की है। शिकायत मिलने पर इन डिपो होल्डरों की जांच भी नहीं की गई थी। विभाग के अधिकारी केके बिश्नोई ने यह रिपोर्ट डायरेक्टर को सौंप दी थी। अब इस पर कार्रवाई के आदेश जारी हुए हैं।

 

aaj ki khaber

Epaper

राष्ट्रीय संस्करण

हरियाणा प्लस

सिरसा संस्करण

 


YOU ARE VISITOR NO.1785553

Site Designed by Manmohit Grover