You are here:

हरियाणा पुलिस की बठिंडा में सर्च, एक अरेस्ट, खुफिया विभाग को भी पता नहीं

बठिंडा.हनीप्रीत को संरक्षण देने के मामले में जांच के लिए हरियाणा पुलिस बठिंडा के जंगीराणा गांव में हनीप्रीत कौर व सुखदीप कौर को लेकर घूमती रही। दो चरणों में हरियाणा पुलिस ने वीरवार को आपरेशन चलाया। स्थिति यह थी कि पहले हरियाणा पुलिस ने बठिंडा पुलिस के मोस्ट’वांटेड व देशद्रोह के आरोपी महिन्दरपाल सिंह बिट्टू को गिरफ्तार किया व बाद में दुष्कर्म के दोषी गुरमीत सिंह के ड्राइवर इकबाल सिंह व उसकी पत्नी सुखदीप कौर की बुआ के घर में सर्च किया। कार्रवाई पूरी कर वापस लौटते हुए नंदगढ़ थाने में इंट्री डाली तो ऑपरेशन की जानकारी जिला पुलिस को लग सकी। खुफिया तंत्र भी जानकारी हासिल करने में नाकाम रहा। पंजाब पुलिस की कारगुजारी को लेकर हरियाणा पुलिस संतुष्ट नहीं दिखाई दी।
बठिंडा पुलिस से नहीं मिल रहा हरियाणा पुलिस को सहयोग
हरियाणा पुलिस को आशंका है कि पंजाब पुलिस हनीप्रीत के छिपने से लेकर उसे स्पोर्ट करने वाले लोगों के संबंध में उन्हें सही जानकारी नहीं दे रही है। इसका प्रमाण हनीप्रीत की तरफ से दावा जताना कि वह बठिंडा में रही जबकि पंजाब पुलिस अंत तक दावा करती रही कि वह बठिंडा में कभी आई ही नहीं। यही नहीं पंजाब में हिंसा भड़काने के लिए गठित सात मेंबरी कमेटी के प्रमुख महिन्दरपाल सिंह बिट्टू के खिलाफ 26 अगस्त को बठिंडा पुलिस देशद्रोह का मामला दर्ज करती है वही डेढ़ माह बीतने के बाद भी उसे गिरफ्तार करने में नाकाम रहती है। कोटकपूरा निवासी बिट्टू पंचकूला से हनीप्रीत को गाड़ी में बिठाकर विभिन्न स्थानों में घूमा व बाद में बठिंडा में आकर छिप गया। इसकी भनक भी पुलिस को नहीं लग सकी।
छह गाड़ियों में सवार होकर पुलिस पहुंची जंगीराणा
गांव में 6 गाड़ियों में हरियाणा पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे। डीएसपी मुकेश कुमार के साथ लेडीज पुलिस स्टाफ सुबह हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर आए व दोपहर बाद जांच पूरी कर रवानगी ले ली। एसआईटी ने इकबाल सिंह की बुआ शरणजीत कौर से पूछताछ की। उसने अपनी बहू के बीमार होने के कारण मामले में ज्यादा ध्यान नहीं देने की बात कही। हनीप्रीत व सुरदीप घर में ऊपरी मंजिल में रहती थी व वहां सुबह के नाश्ता बनाने से लेकर दोपहर व सांय का खाना अपने हाथों से बनाकर खाती थी।
जब उन्हें लड़की के हनीप्रीत होने का शक हुआ तो उन्होंने सुखदीप व हनीप्रीत को घर से निकल जाने के लिए कहा। इकबाल सिंह बल्लूआना गुरमीत राम रहीम का वफादार वाहन चालक रह चुका है, उसकी बुआ शरणजीत कौर की गांव जंगीराणा में महिंदर सिंह के साथ शादी हुई है। एडवोकेट कंवलजीत सिंह कुटी का कहना था कि यह बठिंडा पुलिस और खुफिया तंत्र की नाकामी है। नंदगढ़ थाना के प्रमुख प्रितपाल सिंह ने कहा कि पंचकूला पुलिस ने उन्हें जानकारी दी थी लेकिन वह उनके जाने के बाद ही वहां पहुंच सके।

 

एसडीएम के बाद अब 100 करोड़ी स्कैम के बाकी हिस्सेदारों की बारी , ईडी की नजर

होशियारपुर.होशियारपुर-जालंधर हाईवे के फोरलेन प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण के दौरान हुए 100 करोड़ रुपए के लैंड स्कैम के मुख्य सूत्रधार रहे होशियारपुर के पूर्व एसडीएम आनंद सागर शर्मा के पटियाला स्थित आवास पर रेड के बाद स्कैम में फंसे अन्य आरोपियों पर भी ईडी शिकंजा कस सकती है। इनमें होशियारपुर के खास तौर से वो लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ ईडी ने 5 जून 17 को मामला दर्ज कराया था। मामले में 50 के करीब ऐसे और लोग भी हैं, जिनको की गई अदायगियां शक के घेरे में है। ईडी उनको भी जांच के दायरे में ला सकती है। कयास लगाया जा रहा है कि स्कैम में नामजद अकाली नेताओं के पारिवारिक सदस्यों के साथ होशियारपुर के कई बड़े नामी चेहरे भी बेपर्दा हो सकते हैं, जो अब तक बचते रहे हैं।
आरोपियों को बचाती रही विजिलेंस, एक भी रेड नहीं
विजिलेंस ने बेशक मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन जांच से लेकर अब तक लैंड स्कैम में विजिलेंस की भूमिका शक के घेरे में रही। आरोप है कि इतना बड़ा मामला होने के बावजूद स्कैम में इसमें शामिल कई आरोपियों को बड़ा फायदा पहुंचाते हुए उनके परिवार के बाकी सदस्यों के साथ कई लोगों को इससे बाहर कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक 50 के करीब कई ऐसे बड़े लोग हैं, जिनके खातों में कथित संदेहास्पद पैसे की ट्रांजेक्शन हुई है। वहीं इतने बड़े मामले में विजिलेंस ने एक भी रेड नहीं मारी और किसी आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश भी नहीं की। उल्टा अदालतों में आरोपियों के लिए जमानत के मौके पैदा किए। आखिरकार आनंद सागर शर्मा को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी, जबकि बाकियों की जमानत लुधियाना की अदालत ने ले ली थी। दिलचस्प है कि जितने भी जमानत के आदेश सामने आए हैं, उसमें भी कई ऐसे नुक्ते निकल कर सामने आए कि किस तरह से विजिलेंस इनको बचाती रही।
स्कैम में आनंद सागर शर्मा की बड़ी भूमिका
नेशनल हाईवे अथॉरिटी को जमीन एक्वायर करवाने के लिए पंजाब सरकार ने एसडीएम आनंद सागर शर्मा को कलेक्टर बनाया था। आरोप है कि शिअद-भाजपा के बड़े नेताओं से मिलकर नोटिफिकेशन के बाद किसानों से हजारों में जमीन खरीदी गई। अकेले पिपलावांला बाईपास में ही करीब 60 रजिस्ट्रियां नोटिफिकेशन के बाद की गईं। बाद में इसी जमीन पर फर्जी कॉलोनियां बना दी गईं। यह दिखाने के लिए यह जमीन कमर्शियल है। एक मामले में तो 30 हजार रुपए मरला खरीदी जमीन 7 लाख मरला तक बेची गई। जो लोग स्कैम में शामिल थे सबसे पहले उनको पैसे ट्रांसफर किए गए। हर ट्रांजेक्शन में एसडीएम की भूमिका संदेह में रही। यही नहीं कि इस लैंड स्कैम में एक मरले का मूल्य 17 लाख रुपए तक भी लग चुका है। लैंड स्कैम के बाद आनंद सागर शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन 27 सितंबर को उन्हें बहाल करने के बाद 29 सितंबर को ही शर्मा को श्री फतेहगढ़ साहिब में जीए टू डीसी की बढिय़ा पोस्टिंग दे दी गई।

 

प्रेग्नेंट महिलाओं की 6344 फेक रजिस्ट्रेशन पर कर दी 19 लाख रुपये की पेमेंट

जालंधर.सेहत महकमे के रिकॉर्ड से 6344 प्रेग्नेंट महिलाएं गायब हो गई हैं। रजिस्टर्ड 100 प्रेग्नेंट महिलाओं में से मात्र 52 की ही डिलिवरी हो रही है। डिपार्टमेंट के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो जालंधर में अप्रैल से जुलाई 2017 तक 13,212 प्रेग्नेंट महिलाओं ने प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन कराई, जिनकी डिलिवरी इस दौरान होनी थी। मात्र 6868 महिलाओं की ही प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों व घरों में डिलिवरी हुई। 48 प्रतिशत महिलाओं ने कहां डिलिवरी करवाई किसी को पता नहीं।
जिला सेहत एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. गुरमीत कौर दुग्गल ने बताया कि ‘यह साल के मध्य का आंकड़ा है। पिछले साल भी ऐसा आंकड़ा आया था, लेकिन साल के अंत तक डिलिवरी प्रतिशत 91 तक पहुंच गया था। गैप मात्र 09 प्रतिशत का रह गया था। साल के अंत तक उन्होंेने ये नहीं बताया कि साल के मध्य में रजिस्ट्रेशन और डिलिवरीज में इतना गैप क्यों है? जबकि डायरेक्टर हेल्थ सर्विसिस डॉ. राजीव भल्ला इन आंकड़ों को ही गलत बता चुके हैं। रजिस्ट्रेशन-चेकअप के लिए आशा वर्करों को तीन सौ से चार सौ रुपए देती है सरकार
इंसेटिव के कारण बढ़ा दी जाती हैं महिलाएं
आंकड़ों में अगर गड़बड़ी सामने आ रही है तो बड़ा कारण आशा वर्करों को मिलने वाला इंसेंटिव है। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत प्रेग्नेंट महिलाओं की रजिस्ट्रेशन पर सेहत विभाग 50 रुपए देता है। इसके बाद होने वाले तीन चेकअप के 50 रुपए मिलते हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रेग्नेंट महिला के चेकअप पर ग्रामीण इलाकों में 300 और शहरी इलाके में 200 रुपए मिलते हैं। जालंधर में डिलिवरी और रजिस्ट्रेशन में लगभग 44 प्रतिशत का फासला है। 6369 महिलाओं की डिलिवरी नहीं हुई है। अगर सिर्फ रजिसट्रेशन और चेकअप वाले इंसेंटिव को भी जोड़ लिया जाए तो 300 रुपए प्रति प्रेग्नेंट के हिसाब से लगभग 19 लाख रुपये बनेगा। पंजाब में डिलिवरीज और रजिस्ट्रेशन का गैप 68715 है। 300 के हिसाब से खर्च 2 करोड़ बनता है।
एक नजर इधर भी...
सभी होम डिलिवरीज रिपोर्ट नहीं होतीं मगर छह हजार की फिगर बहुत बड़ी
सेहत विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कई महिलाओं की डिलिवरी घरों में हो जाती है। इलाके की आशा वर्कर और एएनएम उन डिलिवरीज के बारे किसी को जानकारी नहीं देतीं, क्योंकि उनसे पूछताछ भी होती है कि आपके इलाके में होम डिलिवरी कैसे हो गई। अपनी परफॉर्मेंस और रिकॉर्ड खराब होने के डर से आशा वर्कर और एएनएम उन डिलिवरीज को छिपा कर रखती हैं। इसके बावजूद जिले में 6000 से ज्यादा प्रेग्नेंट महिलाओं का गायब होना सेहत विभाग में बड़े पैमाने पर फर्जी आंकड़ों की रिपोर्टिंग साबित करता है।

   

जमीनी झगड़े में दो बार फायरिंग, लाली के काफिले की गाड़ियां तोड़ीं,फैमिली पर किया हमला

अमृतसर. जमीनी झगड़े में हुई फायरिंग में आठ साल का बच्चा जख्मी हो गया। उसे दो छर्रे लगे हैं। जब मौके पर कांग्रेसी नेता लाली मजीठिया पुलिस के साथ पहुंचे तो आरोपियों ने फिर गोलियां चलाईं। मजीठिया के काफिले की गाड़ियां तोड़ दीं। पुलिस ने आरोपी पूर्व अकाली जिला परिषद चेयरमैन रजिंदर कुमार उर्फ पप्पू जयंतीपुर और उसके भतीजे को िगरफ्तार कर लिया जबकि जयंतीपुर का बेटा फरार है। जमीन को लेकर पप्पू जयंतीपुर का अपने ही भाइयों प्राण नाथ व सुभाष के साथ झगड़ा चल रहा है।
मंगलवार सुबह पप्पू, उसके बेटे अमनदीप उर्फ दीपू व भतीजे साहिल उर्फ कालू ने घर की छत से फायरिंग कर दी। बड़े तो किसी तरह दीवार का सहारा लेकर बच गए, लेकिन आठ साल का कार्तिक पेट और बाजू में छर्रे लगने से जख्मी हो गया। घटना के बाद पुलिस और कांग्रेसी नेता लाली मजीठिया पहुंचे। पुलिस ने पप्पू को मौके पर पकड़ लिया। लेकिन भतीजा व बेटा भाग निकले। जिस समय लाली घर के अंदर परिवार से बात कर रहे थे तो उसी समय पप्पू जयंतीपुर का परिवार समर्थकों के साथ पहुंच गया और लाली के काफिले की गाड़ियां भी तोड़ीं और एक बार फिर परिवार पर फायरिंग कर दी।
मजीठिया मुझे मरवाना चाहता था: लाली
लाली मजीठिया ने आरोप लगाया है कि दूसरी बार आई भीड़ का टार्गेट वह थे। यह साजिश बिक्रम मजीठिया ने रची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू जयंतीपुर बिक्रम मजीठिया का गुंडा है और उस पर कई मामले पहले भी दर्ज हैं।
लाली ने ललकारे मार भीड़ को उकसाया:मजीठिया
बिक्रम मजीठिया ने प्रो. सरचांद सिंह के जरिए बताया, जयंतीपुर झगड़े का लाली खुद जिम्मेदार है। पारिवारिक झगड़े में उन्हें जाना ही नहीं चाहिए था। अगर गए थे तो उन्हें अपने साथ 50 के करीब समर्थक नहीं लेकर जाने चाहिए थे। वहीं लाली मजीठिया ने खुद ललकारे मारकर भीड़ को उकसाया था।

 

राम रहीम से जुड़े दो मामलों पर HC में हुई सुनवाई, दोनों ही याचिकाओं को किया स्वीकार

चंडीगढ़. डेरामुखी गुरमीत राम रहीम ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई 20 साल की सजा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, दूसरी तरफ दोनों पीड़ित साध्वियों ने डेरामुखी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। दोनों ही याचिकाओं पर सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस सुधीर मित्तल की बेंच सुनवाई करते हुए दोनों याचिकाओं को स्वीकार कर लिया है।
सोमवार को हाईकोर्ट ने रामरहीम की याचिका को स्वीकार करते हुए सीबीआई को भी इस पर अपना पक्ष रखने को कहा है। वहीं, साध्वियों की सजा बढ़ाने की अपील को स्वीकार करते हुए डेरा मुखी के वकील को अपना पक्ष रखने को कहा है।
सुनवाई के दौरान डेरामुखी की तरफ से सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा लगाए गए 30 लाख 20 हजार रुपए जुर्माने पर रोक लगाने की मांग की गई। इसे हाईकोर्ट ने नामंजूर करते हुए इसे 2 महीने में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में राशि जमा कराने को कहा है। यह सारी जुर्माना राशि हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट के नाम पर एफटीआर (फिक्स्ड डिपाजिट) कराने के निर्देश दिए हैं।
ये ही दोनों पक्षों का मामला..
एक तरफ, डेरामुखी ने अपनी सजा को खारिज करने की मांग की है। कहा है कि सीबीआई कोर्ट ने यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि वह रेप कर सकता है या नहीं। जज ने पूर्वाग्रह के आधार पर ही सजा सुना दी।
दूसरी तरफ, साध्वियों ने डेरामुखी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने की मांग करते हुए कहा गया कि यह मामला भावनाओं से खिलवाड़ का है। एक गुरु ने अपनी अनुयायी से रेप किया। उसे ज्यादा से ज्यादा सजा देकर एक उदाहरण पेश करना चाहिए।
कैसे सामने आया मामला?
- 2002 में एक साध्वी ने गुमनाम चिट्ठी लिखी। इसमें बताया गया था कि कैसे डेरा सच्चा सौदा के अंदर लड़कियों का सेक्शुअल हैरेसमेंट होता था। यह चिट्ठी पंजाब और हरियाणा कोर्ट को भी भेजी गई थी। इसके बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ यौन शोषण का केस शुरू हुआ। सीबीआई ने जांच शुरू की।
- माना जाता है कि ये चिट्ठी राम रहीम के 20 साल ड्राइवर रहे रणजीत सिंह की बहन ने लिखी थी। बाद में रणजीत का मर्डर हो गया था। इसका शक भी बाबा समर्थकों पर जताया गया।
राम रहीम को 20 साल की सजा
- 15 साल बाद 25 अगस्त 2017 को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया। दो साध्वियों के रेप केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को CBI की स्पेशल कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई। यानी डेरा चीफ को कुल 20 साल जेल में गुजारने होंगे।

   
  • «
  •  Start 
  •  Prev 
  •  1 
  •  2 
  •  3 
  •  4 
  •  5 
  •  6 
  •  7 
  •  8 
  •  9 
  •  10 
  •  Next 
  •  End 
  • »

aaj ki khaber

Epaper

राष्ट्रीय संस्करण

हरियाणा प्लस

सिरसा संस्करण

 


YOU ARE VISITOR NO.1852929

Site Designed by Manmohit Grover