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मालिक घोड़े को यहां-वहां ढूंढता रहा, एक घंटे बाद बिना ढक्कन के होल में मिला

अमृतसर. वल्ला मंडी के पास स्थित माल मंडी स्कीम फ्लैट्स के डी ब्लॉक के सीवरेज होल में एक घोड़ा अचानक गिर गया। घोड़ा के मालिक उसे मीटर बॉक्स के साथ बांध कर किसी से मिलने चला गया। इसी बीच अचानक रस्सी खुल गई और वहां से करीब आधा किलोमीटर दूर घोड़ा बिना ढक्कन वाले सीवरेज मैनहोल में गिर गया। करीब एक घंटे तक घोड़ा उसमें फंसा रहा, जिसके चलते वह जख्मी भी हो गया।
- इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मुलाजिमों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद घोड़े की जान बचाई।
- ट्रस्ट में तैनात खलासी सोनू गांधी को जब इस घटना का पता चला तो उसने अपने जेई से संपर्क किया, जिसके बाद एक
डिच मशीन मंगवाई गई
- डिच मशीन से सीवरेज को तोड़ा गया और घोड़े को बाहर निकाल लिया गया।
- करीब एक घंटे बाद जब मालिक घोड़े को ढूंढते हुए मौके पर पहुंचा तो ट्रस्ट के कर्मचारियों ने उसे यह लिख कर देने को कहा कि उसने ही घोड़े को मीटर बॉक्स से बांधा था, लेकिन इतनी बात सुनते ही मालिक घबरा कर वहां से खिसक गया।
- यह खबर लिखे जाने तक घोड़ा इम्प्रवमेंट ट्रस्ट के पास ही था और उसकी मरहम-पट्‌टी की जा रही थी।

 

स्टूडेंट्स के एंटर-एग्जिट करते ही पेरेंट्स को एसएमएस से मिलेगी जानकारी

जालंधर.रेयान स्कूल में बच्चे की मौत के बाद ब्रिटिश ओलिविया ने स्कूल में अल्ट्रा हाई फ्रीक्वेंसी सिस्टम यानी चिप वाले आईडी कार्ड स्टूडेंट्स को जारी किए हैं। शुक्रवार से जब ब्रिटिश ओलिविया स्कूल का स्टूडेंट कैंपस में एंटर करेगा या छुट्‌टी के वक्त बाहर जाएगा। उसकी हाजिरी दर्ज हो जाएगी और पेरेंट्स को भी इन और आउट टाइम का एसएमएस जाएगा।
अगले चरण में ट्रैक होगी स्टूडेंट्स की लोकेशन
चेयरमैन संजीव मैनी बताते हैं कि अगले चरण में सिस्टम को कैंपस के वाई फाई सिस्टम से कनेक्ट किया जाएगा। चिप से स्टूडेंट्स को पूरे कैंपस में ट्रैक किया जा सकेगा। यानी कि यदि पांचवीं क्लास का कोई स्टूडेंट है और हमें देखना है कि वह कैंपस में कहां है तो उसका रोल नंबर, कार्ड नंबर या नाम कनेक्टेड कंप्यूटर में फीड करेंगे तो पता चला जाएगा कि स्टूडेंट कैंटीन में, बाथरूम एरिया में है या क्लास रूम में।
मैनी कहते हैं हालांकि स्कूल में पहले से 125 सीसीटीवी लगे हैं लेकिन लगा कि स्टूडेंट्स की सुरक्षा के और कुछ भी करना चाहिए। वे आईडी कार्ड्स की कॉस्ट मिड सेशन के कारण पेरेंट्स से नहीं ले रहे। जब स्टूडेंट्स को कैंपस में भी ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ेंगे तो कॉस्ट बहुत बढ़ेगी। अगले सेशन में उन्हें यकीन है कि पेरेंट्स का सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि अभी 1200 स्टूडेंट्स को आईडी कार्ड दे दिए गए हैं। पेरेंट्स को भी चिप वाला विजीटर कार्ड जारी किया जाएगा।
संस्कृति केएमवी की प्रिंसिपल रचना मोंगा का कहना है कि वे अगले सेशन से चिप आईडी कार्ड स्टूडेंट्स को देंगे।
संजीव मैनी ने कहा- आई कार्ड पहने बच्चे फ्रीक्वेंसी सिस्टम के सामने से निकलेंगे तो ट्रैक में आ जाएंगे। शुक्रवार से पेरेंट्स को दोनों टाइम बच्चे के नाम, रोल नंबर के साथ मैसेज से इंफॉर्मेशन जाएगी।

 

दो साल से हर चौथे माह में एक पेपर लीक, 1227 लोगों के 114.90 करोड़ रु. डूबे

पानीपत.हरियाणा में पिछले दो साल से हर चौथे माह एक बड़ी परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है। पेपर लीक कराने वाला गिरोह सरकार, आयोग और सिस्टम के हर सुरक्षा चक्र को ध्वस्त कर रहा है। पेपर खरीद-बिक्री के इस खेल में सेंटर संचालक से लेकर आयोग के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों तक की संलिप्तता सामने आ रही है। क्लर्क से लेकर जज बनने तक की परीक्षा के पेपर लीक हो चुके हैं।
2015 में सबसे बड़ा एआईपीएमटी का पेपर रोहतक से ही लीक हुआ था। इसके बाद एचएसएससी, एसएससी से लेकर एचटेट तक लगभग हर बड़ी परीक्षा का कोई न कोई पेपर हरियाणा से लीक हुआ। पिछले दो साल में 8 बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। जांच में सामने आया है कि इन 8 परीक्षाओं के पेपर खरीदने वाले 1227 लोगों के 114.90 करोड़ रुपए डूब गए। ना तो उन्हें नौकरी मिली और न कॅरियर ही बन पाया। इनमें से कई जेल में हैं। हालांकि यह आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है।
पेपर लीक के 5 किरदार..
मास्टरमाइंड यह हैै सबसे बड़ा साजिशकर्ता। सारा तंत्र इसके हाथों में। पेपर लीक करने से लेकर क्लाइंट तक पहुंचाने की व्यवस्था करवाता है। तकनीक, रिश्ता, तंत्र और पॉलीटीशियन तक से गठजोड़।
कोचिंग एंड क्लाइंट परीक्षा की तारीख तय होते ही मास्टरमाइंड व उसके साथी क्लाइंट जुटाने में सक्रिय हो जाते हैं। कोचिंग सेंटर इनके राडार पर होते हैं। यहीं से पेपर बिक्री की डीलिंग और विद्यािर्थयों को लाने की कड़ी जुड़ती जाती है।
सेंटर प्राय: दो सेेंटर को टारगेट में रखा जाता है। फर्जी आईकार्ड का जुगाड़ व जैमर सेट करने वाले, सेंटर में नौकरी करने वाले क्लर्क, अध्यापक व प्रबंधक तक से सेटिंग होती है। इन्हीं के माध्यम से गैंग का सदस्य सेंटर पेपर बाहर लाता है।
साॅल्वर यह महंगा किरदार है। ये सब्जेक्ट एक्सपर्ट होता है। राजस्थान के कोटा और दिल्ली में बैठकर ये पेपर साल्व करता है। परीक्षा शुरू होते ही वाॅट्सएप पर पेपर की कॉपी इन्हें भेजी जाती है। 15 मिनट में सॉल्वर उत्तर भेजता है। जिसे सही क्लाइंट के पास सर्कुलेट कर दिया जाता है।
आयोग बड़ी परीक्षाओं के मामले में आयोग के सदस्य, कर्मचारी अथवा किसी आला अफसर से डीलिंग की जाती है। विवादित होने पर भी पेपर कैंसिल न हो इसके लिए बड़ी डील होती है। इसमें सत्ताधारी दल से लेकर विपक्ष तक के नेताओं का भी हाथ होता है।
क्लाइंट से डील के 2 तरीके
आंसर-की सेंटर पर: परीक्षार्थी को पेपर शुरू होने के 45 मिनट बाद आंसर-की उपलब्ध कराने का वादा किया जाता है। इसमें परीक्षार्थी को ब्लूटूथ से भी आंसर बताए जाते हैं। कई बार पर्ची सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें वैकल्पिक आंसर श्रेणीबद्ध तरीके से लिखे होते हैं।
ब्लैंक ओएमआर शीट:जो परीक्षा केंद्र पर पेपर नहीं लेना चाहते अथवा सॉल्व नहीं करना चाहते। उन्हें अपनी ओएमआर शीट पर नाम और रोल नंबर लिखकर ब्लैंक छोड़ने को कह दिया जाता है। परीक्षा के बाद सेंटर संचालक की सेंटिंग से उनकी ओएमआर शीट भर दी जाती है।

   

राम रहीम डेरे में चलाता था पर्सनल करंसी, बना रखा था खुद का ऐसा साम्राज्य

बठिंडा.साध्वियों से बलात्कार के दोषी डेरामुखी गुरमीत राम रहीम की अपनी अलग ही दुनिया बया रखी थी। वो खुद की करंसी भी चलाता था। करंसी के सिक्के हजारों भक्तों के पास अब भी है। पूरे भारत में चलने वाले डेरों में एक, दो, पांच और दस रुपए की करंसी यूज की जाती थी। डेरे में आने वाले उसके अनुयायी बड़ी तादाद में इन सिक्कों को खरीदते थे। समान खरीद सकते थे करंसी से...
- इसके करंसी के ऊपर बाकायदा डेरा सच्चा सौदा के स्लोगन की मोहर लगी होती थी।
- डेरा अनुयायी इस करंसी से डेरे में बिकने वाला कोई भी समान खरीद सकते थे।
- कानून है कि करंसी की नकल करना गैर कानूनी है लेकिन डेरामुखी मामले में सरकारें मौन रहीं।
- पंथक एडवोकेट अजीत सिंह भंगू ने बताया कि देश की करंसी की नकल करने पर धारा 484, 486 से लेकर 489 बी व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हो सकता है।
डेरे का कोई धर्म नहीं , पर डेरा प्रेमियों ने कराए भावनाएं भड़काने के मामले दर्ज
- बठिंडा के सलाबतपुरा डेरे में गुरु गोबिंद सिंह का स्वाग रचने वाले डेरामुखी पर पंथक जत्थेबंदियों ने सिखों की धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज करया था।
- डेरा प्रेमियों ने 10 साल में डेरामुखी की फोटो के साथ छेड़छाड कर उसे व्हएट्स्प पर वायरल करने वाले दस लोगों के खिलाफ उनकी धार्मिक भावना को भड़काने के तहत धारा 295 ए के मामले दर्ज करवाए गए।
- जिनकी पुरे पंजाब में संख्या एक हजार पाई गई है।

 

20 दिन की बेटी को पालने में छोड़ गया परिवार,

फिरोजपुर. भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढाओ का नारा देकर लोगों को बेटियों के प्रति सोच बदलने का प्रयास किया पर अब भी यह नारा पूरी तरह से बुलंद होता प्रतीत नहीं हो रहा। वीरवार को फिरोजपुर के रेडक्रॉस के पालने में कोई 20 दिन की मासूम को छोड़कर चला गया जिसके बाद कहा जा सकता है कि अब भी लोग बेटियों को अपनाने में कहीं कहीं गुरेज कर हैं। ये था मामला...
प्रशासन ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवाया है। चार साल में ये पहला बच्चा है जिसको कोई पालने में रख कर गया हो। सुबह इस बच्ची को रेड क्रॉस के कर्मचारियों ने देखा और अधिकारियों को सूचित कर दिया। संस्था के सचिव अशोक बहल ने बच्ची को एक प्राईवेट अस्पताल में दाखिल करवाया। उन्होंने बताया कि बच्ची की सेहत बिल्कुल ठीक है।
डीसी रामवीर ने बताया कि इस बच्ची को जल्द ही फरीदकोट स्थित संभाल केंद्र में भेज दिया जाएगा और वहीं पर इसका पालन पोषण होगा।

   

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