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आईएमए में 10 किमी की दौड़, बठिंडा के दीपक समेत 2 कैडेट्स की मौत

देहरादून. इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए) देहरादून में 10 किलोमीटर की दौड़ में भाग ले रहे सात कैडेट बीमार हो गए। इनमें से दो की मौत हो गई। अकादमी ने शुक्रवार को शहर के बाहर पहले टर्म के कैडेट्स के लिए पहला कदम नाम से 10 किमी की दौड़ का ट्रेनिंग सेशन रखा था। इस दौरान सात कैडेट्स को डिहाइड्रेशन हो गया। बठिंंडा के दीपक शर्मा (22) की शुक्रवार को और दार्जिलिंग के नबीन कुमार क्षेत्री (23) की रविवार को मौत हो गई। दीपक का जनवरी में ही आईएमए में सिलेक्शन हुआ था।

 

2 साल पहले खाक हुए डीसी ऑफिस को 3 राज्यों के कारीगर दे रहे नया रूप

अमृतसर.दो साल पहले आग से जल कर खाक हुआ जिले के सारे प्रबंधकीय और प्रशासकीय कामों को अंजाम देने वाला डिप्टी कमिश्नर ऑफिस मार्च 2017 तक हेरिटेज के रूप में तैयार कर लिया जाएगा। इसे हेरिटेज का पुराना लुक राजस्थान, बिलासपुर तथा शाहजहांपुर के कारीगर दे रहे हैं। करीब चार करोड़ की लागत से संरक्षित की जा रही यह इमारत शहर में आने वाले टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। क्योंकि इसी ऑफिस में बैठ कर बर्तानवी डिप्टी कमिश्नर्स ने जलियांवाला बाग जैसी घटनाओं को अंजाम देने तथा तमाम स्वाधीनता सेनानियों को फांसी, कालेपानी की सजा जैसेे आदेश जारी किए थे।
4 नवंबर 2015 को लगी थी भयानक आग
करीब 10,000 गज में फैली लाल ईंटों वाली इस इमारत में चार नवंबर 2015 को आग लगी थी और काफी कुछ जल कर खाक हो गया था। इसके कारण इमारत की दीवारें, छत और पुरातन फर्नीचर भी जल गए थे। इसके बाद यहां का सारा कामकाज दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया और इसे विरासत के रूप में संरक्षित किया जाने लगा। यहां काम करवा रहे इंजीनियर राज कुमार ने बताया कि करीब एक महीने पहले इसके संरक्षण का काम शुरू किया गया है और अगले साल मार्च महीने तक इसे उसी पुराने पैटर्न पर तैयार कर लिया जाएगा।
राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के कारीगर जुटे हैं हेरिटेज लुक देने में
चूंकि यह काम बारीक और पुरातन है इसलिए इसके लिए कारीगर ही नहीं बल्कि लेबर भी माहिर लगाई गई है। राजकुमार का कहना है कि पत्थर के लिए राजस्थान, छत के लिए शाहजहांपुर यूपी और बारीक कामों के लिए बिलासपुर, मध्यप्रदेश के लोग काम कर रहे हैं। आर्किटैक्ट पूजा शर्मा का कहना है कि उनकी टीम हर काम को अपनी निगरानी में करवा रही है, ताकि इमारत को वैसा ही तैयार किया जाए जैसा यह शुरुआती दौर में थी।
23 अगस्त 1849 को बैठा था पहला डीसी
डीसी ऑफिस के रिकार्ड के मुताबिक इसी इमारत में बर्तानवी सरकार के दौर में 20 अप्रैल 1849 को अंग्रेज डीसी एल. सांडर्स बैठा था। वर्तमान डीसी कमलदीप सिंह संघा जिले के 172वें डीसी हैं। जब आगजनी हुई थी तो रवि भगत 167वें डीसी थे। खैर, जब 15 अगस्‍त 1947 को देश आजाद हुआ तो उसके बाद 23 अगस्त 1947 को आजाद देश की तरफ से 122वें डीसी मुकुल सेन ने कार्यभार इसी इमारत में संभाला था।

 

डीसी ने की अपील-सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मैसेज और वीडियो को करें अनदेखा

अमृतसर.सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरें और वीडियो डालकर कुछ लोगों की ओर से लगातार आम जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। शरारती तत्व कई वीडियो और तस्वीरें डाल देते हैं जिससे धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत होने पर लोग भड़क जाते हैं और ऐसे लोग अपने मंसूबों में सफल हो जाते हैं।
इसी के तहत डीसी कर्मदीप सिंह संघा और डीसीपी अमरीक सिंह पवार ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस तरह के किसी भी वीडियो, फोटोग्राफ या सूचना पर भरोसा न करें। क्योंकि सोशल मीडिया ऐसे हाथों में चला गया है जिनका मकसद केवल और केवल आम लोगों की भावनाओं को भड़काना है, ताकि किसी न किसी तरह से अमन-शांति को भंग किया जा सका। जबकि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मैसेज पूरी तरह फर्जी साबित हो रहे हैं।
नहीं है कोई प्रामाणिकता
सोशल मीडिया का दुरुपयोग बहुत ज्यादा हो रहा है। हर नागरिक को चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारी को समझे और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फर्जी मैसेज पर ध्यान न दे। क्योंकि सोशल मीडिया पर आने वाले मैसेज की कोई भी प्रामाणिकता नहीं है। इस पर आने वाले मैसेज या घटना सालों पुरानी होती है। मगर उसे नए तरीके से पेश करने की कोशिश की जाती है। आने वाले दिनों में भी राज्य में धार्मिक और सामाजिक फैसले आने वाले हैं। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित अभी से मैसेज आने शुरू हो गए हैं ताकि माहौल खराब किया जा सके। इसके तहत सभी से निवेदन है कि वह एक अच्छे नागरिक की जिम्मेदारी समझते हुए, इस तरह के मैसेज को अनदेखा करें।

   

कैप्टन ने दी पातर को पंजाब कला परिषद का चेयरमैन लगाने को मंजूरी, सिद्धू नियुक्ति पत्र देने घर पहुंचे

चंडीगढ़. पंजाबी के प्रसिद्ध शायर सुरजीत पातर पंजाब कला परिषद के नए चेयरमैन होंगे। उनके नाम को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंजूरी दे दी है। कल्चर अफेयर्स मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू मंगलवार सुबह ही लुधियाना में पातर के आवास पर उनको नियुक्ति पत्र देने पहुंचे।
वैसे तो सोमवार को ही यह तय हो गया था कि सुरजीत पातर को इस पद पर बिठाया जा सकता है। सोमवार को कल्चरल पॉलिसी को लेकर हुई मीटिंग में इस बात पर संकेत दे दिया गया था लेकिन किसी भी तरह की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
बेहद मृदुभाषी डॉ सुरजीत पातर का साहित्यक क्षेत्र में बड़ा कद है। नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हें पंजाब कला परिषद का चेयरमैन लगाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनको कला परिषद का चेयरमैन लगाने से इस पद की ही शान बढ़ी है। उन्होंने कहा, डॉ सुरजीत पातर ने यह पद स्वीकार करके पंजाब सरकार का गौरव बढ़ाया है।
डॉ पातर को नियुक्ति पत्र देने के अवसर पर नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू,विधायक भारत भूषण आशू, सुरिंदर डाबर, सांस्कृतिक विभाग के डायरेक्टर शिव दुलार सिंह और नगर निगम के कमिश्नर जसकरण सिंह के अलावा प्रसिद्ध लोक गायक पम्मी बाई भी मौजूद थे।
काबिले गौर है कि पूर्व अकाली भाजपा सरकार ने इस पद पर लोक गायिका सतिंदर सत्ती को लगाया था जिसकी काफी आलोचना हुई थी। साहित्यक हलकों में उनके नाम पर कोई सहमति नहीं बनी थी इसके बावजूद पूर्व सरकार ने उन्हें इस पद पर लगा दिया। इस गुस्से को शांत करने के लिए नवजोत सिद्धू ने अपनी पहली ही मीटिंग में इस पर किसी नामवर साहित्यिक शख्सियत को बिठाने की बात की थी। डॉ सुरजीत पातर का नाम आते ही सभी ने इसे एकमत से स्वीकार कर लिया।

 

एटीएम में ऐसे भांपते थे नोटों की संख्या, आरोपियों से 641 एटीएम कार्ड,166 चेकबुक, 117 पासबुक बरामद

लुधियाना. एटीएम मशीन की खर्रर... सुन नोटों की संख्या भांप कर ट्रांजेक्शन कैंसिल करने पर भी एटीएम से कैश निकलता था। इसके बाद टोल फ्री नंबर पर फोन कर कैश निकलने की कंप्लेंट करते थे। इस तरह से पिछले पांच सालों में डेढ़ करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के पांच लोगों को स्पेशल टॉस्क फोर्स पुलिस कमिश्नरेट के मुलाजिमों ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 18 बैंकों के 641 एटीएम कार्ड, 166 चेक बुक्स 117 पासबुक्स बरामद की हैं।
गिरोह के सदस्यों ने ये एटीएम कार्ड अपने जानकारों रिश्तेदारों से पांच हजार रुपए किराए पर लिए थे या फिर उन्हें अंधेरे में रख उनके खाते खुलवा कर खुद एटीएम इस्तेमाल कर रहे थे।
आरोपी 1 हजार से अधिक एटीएम इस्तेमाल कर फेंक भी चुके हैं। आरोपी पंजाब के बाहर ही मुंबई, बंगलौर, देहरादून हिल स्टेशनों पर जाकर एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ कर बैंकों के साथ धोखाधड़ी करते थे। गिरफ्तार किए आरोपियों में गिराेह का मास्टर माइंड सतीश अग्रवाल, सरगना जोनी गोयल, पंकज गोयल, विजय गर्ग उर्फ विक्की राजेश कुमार उर्फ राकेश शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियाें से बंैक दस्तावेजों के अलावा एक इनोवा कार, इयोन, आई-20, रिवॉल्वर, 12 कारतूस, 3 लाख रुपए कैश, 8 मोबाइल अन्य सामान बरामद किया है।
आरोपियों के खिलाफ थाना हैबोवाल में मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। गिरोह के सदस्य प्रॉपर्टी डीलर की आड़ में धंधा चला रहे थे। सतीश अग्रवाल ने अपने एक उस्ताद पंडित से बैंकों से धोखाधड़ी की तकनीक सीखी थी। फिर एक मामले में पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर उसका संपर्क जोनी गोयल से हुआ। बाद में सरगना बन जोनी गोयल ने गिरोह चलाना शुरू कर दिया। जोनी से प्रेस कार्ड भी बरामद हुए। जोनी खुद को पत्रकार होने गारमेंट्स का धंधा करने की बात कहता था। आरोपी सतीश अग्रवाल पंकज के खिलाफ देहरादून में एटीएम की धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। आरोपी पंकज के खिलाफ पटियाला में एटीएम तोड़ने, एटीएम मशीन से धोखाधड़ी करने कपूरथला में एटीएम से धोखाधड़ी करने के मामले दर्ज हैं। आरोपी सतीश ने धोखाधड़ी से कमाई राशि से गांव लादियां में 50-50 वर्ग गज के तीन प्लॉट, इनोवा इयोन कार खरीदी।

   

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