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हर शहर की पाॅपुलेशन के हिसाब से तय की गई दरें, महंगा पड़ेगा घर बनाना

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जालंधर. लोकल बाॅडीज विभाग ने अवैध काॅलोनियों में घर बनाने वालों के लिए (ईडीसी) एक्सटर्नल डिवेलपमेंट चार्जेज में इजाफा किया है। अब किसी ने खेतीबाड़ी या फिर किसी दूसरी किस्म की जमीन को काॅलोनी में तबदील करना है तो चेंज आॅफ लैंड यूज के 25 फीसदी ज्यादा पैसे देने होंगे। हर शहर की पाॅपुलेशन के हिसाब से दरें तय की गई हैं।
जालंधर में हदों के 10 किलोमीटर के रेडियस में पहले जहां प्रति एकड़ साढ़े 9 लाख रुपये दिए जाते थे, अब इसकी जगह 13.50 लाख रुपये देने होंगे। इस बीच सरकार ने मैरिज पैलेसों पेट्रोल पंपों पर दरें घटा दी हैं। जबकि इंडस्ट्री, वियर हाउस, कोल्ड स्टोरेज के लिए फिक्स प्रति एकड़ 4.13 लाख रुपये ईडीसी देनी होगी।
जालंधर सिटी में करीब 600 अवैध काॅलोनियां हैं। अवैध प्लाट 50000 के करीब हैं। अब जिस ने घर बनाने के लिए बैंक से हाउसिंग लोन लेना होता है, उसने बैंक में प्लाट की मंजूरी की एनओसी देनी है। अब ऐसे लोगों को अधिक पैसे देकर मंजूरी मिलेगी। प्लाट रेगुलराइजेशन की लोकल बाॅडीज विभाग की फीसें अलग से लगेंगी। इसी महीने से नए रेट लागू हैं। विभागों को लैटर भेज दी गई है। हाउसिंग लोन अप्लाई कर रहे बीके बाली कहते हैं - चुनाव से पहले सरकार ने कहा था कि प्लाट रेगुलराइजेशन पाॅलिसी लाएंगे। उसमें दरें कम करेंगे ताकि आम आदमी को राहत मिले। लेकिन यहां तो खर्च बढ़ गया है।
मैरिज पैलेस और पेट्रोल पंप| मैरिजपैलेस के लिए पहले बाहरी विकास चार्जेज 9 लाख रुपये प्रति एकड़ थे जबकि सीएलयू 28 लाख रुपये एकड़ हाईवे के किनारे था। अब 16 लाख रुपये देने हैं। पहले पेट्रोल पर पंप पर ईडीसी 18 लाख रुपये थे, अब घटाकर 13.5 लाख रुपये कर दिए गए हैं।
सीएलयू चार्जेज
पहले फ्लैट के लिए बाहरी विकास चार्जेज 27.50 लाख रुपये थे। अब 41.25 लाख देने होंगे। सीएलयू चार्जेज में पहले नेशनल हाईवे के प्लाटों पर 6 लाख, राज्य मार्ग पर 5 लाख दूसरी रोड्स के किनारे प्लाट पर 4 लाख रुपये, आंतरिक रोड्स पर 1.50 लाख रुपये प्रति एकड़ थी। अब 9, 7, 7.5 लाख, 6 और 2.25 लाख रुपये देने होंगे।
रीयल एस्टेट कारोबारी सुरिंदर सिंह कहते हैं- हमें दरें बढ़ने का आॅर्डर मिल गया है। दिक्कत ये है कि बढ़ी घरों की मांग को पूरा करने के लिए जो फ्लैट कल्चर विकसित हुआ है, वहां भी सरकार ने चार्जेज में इजाफा किया है। पहले फ्लैट के लिए बाहरी विकास चार्जेज 27.50 लाख रुपये थे। अब 41.25 लाख रुपये देने होंगे। सरकार ने काॅलोनी में सड़कें, सीवरेज आदि डालकर देना है लेकिन ये सारी सुविधाएं तो सामान्य ही होती हैं। फिर तमाम काॅलोनियों में प्लाट रेगुलर करके निगम ने 65 करोड़ रुपये कमाए थे, इनकी सुविधाएं काॅलोनियों में दी ही नहीं गईं थीं। ये गलत है। उधर, लोकल बाॅडीज विभाग के जानकारों का कहना है कि सरकारी खजाना खाली होने के बाद नगर निगमों की आमदनी बढ़ाने के लिए उक्त दरें बढ़ाई गई हैं।
डोमेस्टिक कैटेगरी के चार्जेज में किया गया बदलाव
ईडीसी : शहर की हद में घर बनाने के लिए पहले एक्सटर्नल डिवेलपमेंट चार्जेज (ईडीसी) 9 लाख रुपये प्रति एकड़ थे। अब 13.50 लाख रुपये देने होंगे।
सीएलयू : नेशनलहाईवे के प्लाटों पर 4 लाख, राज्य मार्ग पर 3 लाख दूसरी सड़कों के किनारे प्लाट पर ढाई लाख रुपये, आंतरिक रोड्स पर 1 लाख रुपये प्रति एकड़ थे। साथ में प्लाट की कीमत का 5% अलग से। अब बढ़ाकर 6 लाख, 4.5 लाख, 3.75 लाख और 1.50 लाख देने होंगे। जो प्लाट की कीमत होगी, उसका 5% अलग से होगा।

 

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