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एसडीएम के बाद अब 100 करोड़ी स्कैम के बाकी हिस्सेदारों की बारी , ईडी की नजर

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होशियारपुर.होशियारपुर-जालंधर हाईवे के फोरलेन प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण के दौरान हुए 100 करोड़ रुपए के लैंड स्कैम के मुख्य सूत्रधार रहे होशियारपुर के पूर्व एसडीएम आनंद सागर शर्मा के पटियाला स्थित आवास पर रेड के बाद स्कैम में फंसे अन्य आरोपियों पर भी ईडी शिकंजा कस सकती है। इनमें होशियारपुर के खास तौर से वो लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ ईडी ने 5 जून 17 को मामला दर्ज कराया था। मामले में 50 के करीब ऐसे और लोग भी हैं, जिनको की गई अदायगियां शक के घेरे में है। ईडी उनको भी जांच के दायरे में ला सकती है। कयास लगाया जा रहा है कि स्कैम में नामजद अकाली नेताओं के पारिवारिक सदस्यों के साथ होशियारपुर के कई बड़े नामी चेहरे भी बेपर्दा हो सकते हैं, जो अब तक बचते रहे हैं।
आरोपियों को बचाती रही विजिलेंस, एक भी रेड नहीं
विजिलेंस ने बेशक मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन जांच से लेकर अब तक लैंड स्कैम में विजिलेंस की भूमिका शक के घेरे में रही। आरोप है कि इतना बड़ा मामला होने के बावजूद स्कैम में इसमें शामिल कई आरोपियों को बड़ा फायदा पहुंचाते हुए उनके परिवार के बाकी सदस्यों के साथ कई लोगों को इससे बाहर कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक 50 के करीब कई ऐसे बड़े लोग हैं, जिनके खातों में कथित संदेहास्पद पैसे की ट्रांजेक्शन हुई है। वहीं इतने बड़े मामले में विजिलेंस ने एक भी रेड नहीं मारी और किसी आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश भी नहीं की। उल्टा अदालतों में आरोपियों के लिए जमानत के मौके पैदा किए। आखिरकार आनंद सागर शर्मा को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी, जबकि बाकियों की जमानत लुधियाना की अदालत ने ले ली थी। दिलचस्प है कि जितने भी जमानत के आदेश सामने आए हैं, उसमें भी कई ऐसे नुक्ते निकल कर सामने आए कि किस तरह से विजिलेंस इनको बचाती रही।
स्कैम में आनंद सागर शर्मा की बड़ी भूमिका
नेशनल हाईवे अथॉरिटी को जमीन एक्वायर करवाने के लिए पंजाब सरकार ने एसडीएम आनंद सागर शर्मा को कलेक्टर बनाया था। आरोप है कि शिअद-भाजपा के बड़े नेताओं से मिलकर नोटिफिकेशन के बाद किसानों से हजारों में जमीन खरीदी गई। अकेले पिपलावांला बाईपास में ही करीब 60 रजिस्ट्रियां नोटिफिकेशन के बाद की गईं। बाद में इसी जमीन पर फर्जी कॉलोनियां बना दी गईं। यह दिखाने के लिए यह जमीन कमर्शियल है। एक मामले में तो 30 हजार रुपए मरला खरीदी जमीन 7 लाख मरला तक बेची गई। जो लोग स्कैम में शामिल थे सबसे पहले उनको पैसे ट्रांसफर किए गए। हर ट्रांजेक्शन में एसडीएम की भूमिका संदेह में रही। यही नहीं कि इस लैंड स्कैम में एक मरले का मूल्य 17 लाख रुपए तक भी लग चुका है। लैंड स्कैम के बाद आनंद सागर शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन 27 सितंबर को उन्हें बहाल करने के बाद 29 सितंबर को ही शर्मा को श्री फतेहगढ़ साहिब में जीए टू डीसी की बढिय़ा पोस्टिंग दे दी गई।

 

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