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गेंदबाज हरभजन सिंह ने पूछा, कहां हैं करुण नायर? चयन पर सवाल उठाने के बाद डिलीट किया ट्वीट...

नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया ने टेस्ट में बड़ी जीत के बाद अब वनडे और टी20 सीरीज में भी धमाल मचाने की तैयारी कर ली है. विराट कोहली के तीनों फॉर्मेट का कप्तान बनने के साथ ही टीम को मजबूती देने के लिए युवराज सिंह और आशीष नेहरा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी वापस बुलाया गया है, लेकिन इनकी वापसी पर कई विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने चयनकर्ताओं की मंशा पर सवाल उठाने भी शुरू कर दिए हैं. अब इस सूची में दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का नाम भी शुमार हो गया है.
हरभजन सिंह ने ट्वीट करके इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे और तीन टी-20 के लिए भारतीय टीम के चयन पर सवाल उठाया. भज्जी खुद भी टीम से बाहर चल रहे हैं. उन्हें बीच में टेस्ट टीम में शामिल भी किया गया था, लेकिन कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे.
हरभजन ने लिखा, "हैलो... करुण नायर कहां हैं, जिसने इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक लगाया था, वह किसी भी टीम में शामिल नहीं हैं... यहां तक कि अभ्यास मैच में भी नहीं हैं... वाह... कमाल है."
harbhajan singh tweet
हरभजन सिंह ने इस ट्वीट को बाद में डिलीट कर दिया और यह उनके हैंडल पर अब नहीं है...
हालांकि इस ट्वीट को बाद में ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने डिलीट कर दिया. NDTV इसकी सत्यता की पुष्टि भी नहीं करता, लेकिन इसकी खबर आने के बाद से एक वाजिब सवाल जरूर खड़ा हो गया है. सही भी है... यह पूछना वाजिब लगता है कि आखिर कहां हैं करुण नायर.. और चयनकर्ताओं का फोकस आखिर किस ओर है?
आखिर चयनकर्ताओं ने क्यों भविष्य की बात करते करते ऐसे खिलाड़ी को नज़रअंदाज़ कर दिया और पीछे मुड़कर पुराने खिलाड़ियों पर क्यों चले गए. इंग्लैंड के खिलाफ टीम में युवराज सिंह, सुरेश रैना और आशीष नेहरा जैसे सीनियर खिलाड़ियों की वापसी हुई है.
गौरतलब है कि युवराज ने 2013 दिसंबर के बाद से 3 वर्ष से कोई वनडे नहीं खेला तो टी-20 टीम से भी वो विश्व कप के बाद से बाहर रहे हैं, उनकी टीम में वापसी की वजह घरेलू रणजी ट्रॉफी में प्रदर्शन को बताया गया, तो फिर क्या करुण नायर का अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन इस लायक नहीं है. वहीं सुरेश रैना डेढ़ साल से भारतीय टीम से बाहर रहे हैं..और आशीष नेहरा भी टी20 वर्ल्ड कप के बाद वापसी कर रहे हैं.
बड़ा सवाल यह कि अगर चयनकर्ताओं की नज़र ICC चैंपियन्स ट्रॉफ़ी पर है.. तो क्या वाकई हमारे पास यही खिलाड़ी जीत की उम्मीद हैं जिन्हें  बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम में शामिल कर लिया जाता है.. फिर घरेलू क्रिकेट में लगातार धूम मचा रहे युवाओं का क्या होगा...

   

AUSvsPAK : जानिए पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह उल हक ने संन्यास के बारे में क्या कहा...

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 0-3 से गंवाने वाली पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान मिस्बाह उल हक ने संन्यास लेने पर कोई हड़बड़ी व्यक्त नहीं की है. मिस्बाह ने सिडनी में हुए तीसरे टेस्ट मैच में मिली हार के बाद शनिवार को कहा कि संन्यास के बारे में सोचने के लिए उनके पास अभी काफी समय है.
तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को 220 रनों से हराया और सीरीज 3-0 से अपने नाम की. पूरी सीरीज के दौरान मिस्बाह का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और दूसरे टेस्ट मैच में मिली हार से तो वह इतने निराश हो गए थे कि वह तीसरे टेस्ट मैच से पहले ही संन्यास पर विचार करने लगे थे.
वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने मिस्बाह के हवाले से लिखा है, "भविष्य के बारे में सोचने के लिए अभी मेरे पास काफी समय है. हम पाकिस्तान वापस जाएंगे. इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज भी है और उसके बाद पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) है. इसलिए मुझे क्या करना है इस बारे में सोचने के लिए मेरे पास काफी समय है."
2015-16 में इंग्लैंड के खिलाफ संयुक्त अरब अमीरात में हुई सीरीज में मिली हार के बाद भी मिस्बाह ने संन्यास का मन बना लिया था, लेकिन पीसीबी के कहने पर उन्होंने कप्तानी जारी रखी.
मिस्बाह ने कहा, "क्रिकेट में आत्मविश्वास अहम रोल अदा करता है. अगर आप रन बना रहे होते हैं और आपको अच्छी शुरुआत मिलती है. यहां आपके लिए अच्छा होता है. जब आप नई जगह आते हो तो कुछ चीजें बहुत जरूरी होती हैं. ऐसा यहां नहीं हुआ."
उन्होंने कहा, "न्यूजीलैंड में भी रन नहीं बने थे. मेरा मानना है कि इस कारण आत्मविश्वास में आई कमी यहां भी रही और इसका प्रभाव पड़ा. जब आप दवाब में होते हो तो आप गलतियां करते हो."

   

लोढा पैनल का पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर भी असर, इस प्रावधान पर कर रहा विचार...

कराची: उच्चतम न्यायालय के निर्देश के तहत भारतीय क्रिकेट बोर्ड अपने प्रशासकों के लिये 70 साल की उम्र की सीमा अनिवार्य कर देगा और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भी अपने अधिकारियों पर इस तरह की उम्र सीमा रखने पर विचार कर रहा है.
इस समय पीसीबी के अध्यक्ष शहरयार खान हैं जिनकी उम्र 82 वर्ष है. बोर्ड अधिकारी भी उन अधिकारियों को जिम्मेदारी नहीं देने के बारे में सोच रहे हैं जो इस 70 साल की उम्र सीमा को पार कर गए हैं.
एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘बोर्ड ने सभी पूर्व टेस्ट खिलाड़ियों की संभावित उम्मीदवारी बना ली है जिन्हें भविष्य में टीम के साथ जिम्मेदारी दी जाएगी.’’
पिछले साल इंग्लैंड के दौरे के बाद बोर्ड ने पूर्व कप्तान इंतिखाब आलम के सीनियर टीम के मैनेजर के तौर पर और बोर्ड के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया था क्योंकि वह 76 वर्ष के थे.
बोर्ड ने 68 वर्षीय वसीम बारी को पाकिस्तान के टीम मैनेजर के तौर पर नियुक्त किया. सूत्र ने कहा कि इन चुने गए पूर्व खिलाड़ियों की नियुक्ति बोर्ड चेयरमैन द्वारा मंजूरी के बाद की जाएगी जो 60 या इससे ज्यादा उम्र के हैं.
पूर्व खिलाड़ी, जिन्हें विभिन्न टीमों के लिए बतौर मैनेजर नियुक्त किया जाएगा, उनमें इकबाल कासिम, हारून राशिद, तलत अली, मोईन खान, जलालुद्दीन, नदीम खान और इकबाल सिकंदर शामिल हैं.

   

BCCI vs Lodha Panel : अब पांच में से दो चयनकर्ता परांजपे और खोड़ा भी बाहर हो जाएंगे

नई दिल्ली: BCCI में सुधारों को लेकर लोढा पैनल की सिफारिशों को लागू करने संबंध सुप्रीम कोर्ट का असर अब बोर्ड पर दिखने लगा है. खबरों के अनुसार जहां 21 राज्य संघों ने लोढा पैनल की सिफारिशों को पूर्णतया लागू करने के बारे में बोर्ड को लिखित में दे दिया है, वहीं अब सीनियर टीम के चयनकर्ताओं पर भी इसका असर नजर आने वाला है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखें, तो दो चयनकर्ता मापदंडों पर खरे नहीं उतरते. ये हैं जतिन परांजपे और गगन खोड़ा.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक लोढा पैनल की सिफारिशों के अनुसार चयन समिति में केवल तीन चयनकर्ता ही हो सकते हैं, वहीं उनका पर्व टेस्ट खिलाड़ी होना आवश्यक है. इन दोनों मापदंडों को देखते हुए जतिन परांजपे और गगन खोड़ा पर गाज गिरनी तय है.
प्रसाद, सरनदीप, गांधी ने ही खेले हैं टेस्ट
हालांकि प्रशासनिक संकट के बीच बीसीसीआई ने इंग्लैंड श्रृंखला के लिए चयन समिति में परांजपे और खोड़ा सहित पांच सदस्यों को ही शामिल रखा. खोड़ा और परांजपे के पास टेस्ट क्रिकेट का अनुभव नहीं है. ऐसे में एमएसके प्रसाद, देबांग गांधी और सरनदीप सिंह ही अब चयन समिति में बचेंगे.
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टी-20 टीम के चयन के समय लोढा समिति ने इसे अपवाद मानते हुए विशेष प्रावधान के तहत पांच सदस्यों की चयन समिति को मंजूरी दी थी, लेकिन अब बोर्ड को सुप्रीम आदेश का पालन करना होगा. गौरतलब है कि चयन समिति की अगली बैठक अब बांग्लादेश के खिलाफ 8 से 12 फरवरी तक होने वाले एकमात्र टेस्ट के लिए टीम इंडिया के चयन के लिए होनी है.
लोढा समिति के सचिव गोपाल शंकरनारायणन ने शुक्रवार को टीम के चयन से पहले बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी को ईमेल से जवाब देते हुए कहा भी था, ‘‘मौजूदा समिति को चयन के लिए अपवाद के तौर पर स्वीकृति दी गई है. भविष्य में यह उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार ही हो.’’
लोढा समिति से मांगी थी लिखित मंजूरी, बैठक में हुई थी देरी
बीसीसीआई ने शुक्रवार को चयन समिति की बैठक के लिए लोढ़ा समिति से लिखित मंजूरी मांगी थी, जिसके चलते तकनीकी कारणों से बैठक में लगभग तीन घंटे विलंब हुआ था. असमंजस की स्थिति तब पैदा हुई थी, जब पूर्व संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी ने सीईओ राहुल जौहरी से पूछा कि उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम के चयन के लिए होने वाली बैठक के बारे में सूचना क्यों नहीं दी गई. बीसीसीआई के संविधान के तहत वह ही बैठक बुला सकते हैं.
लोढ़ा समिति के सचिव गोपाल शंकरनारायण ने जौहरी को साफ शब्दों में लिखे ई-मेल में कहा कि पूर्व संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी सुप्रीम कोर्ट के दो और तीन जनवरी के फैसले के बाद अयोग्य हैं और बैठक नहीं बुला सकते.

   

क्रिकेटर ऋषभ पंत ने ताबड़तोड़ पारी खेलकर टीम इंडिया में चुने जाने का मनाया जश्न

मुंबई: दिल्ली के बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए राष्ट्रीय टी-20 टीम में चुने जाने का जश्न यहां 13वें डीवाई पाटिल टी20 कप में ताबड़तोड़ पारी खेलकर मनाया.
रिलायंस वन की ओर से खेल रहे ऋषभ पंत ने पांच छक्कों और दो चौकों की मदद से 14 गेंद में 43 रन की पारी खेलकर टाटा स्पोर्ट्स क्लब पर टीम की तीन विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाई. टीम इंडिया में पंत के साथी हार्दिक पंड्या ने भी 28 गेंद में दो छक्कों और एक चौके की मदद से 36 रन बनाए.
टाटा स्पोर्ट्स क्लब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 149 रन बनाए. पंत की पारी के बाद रिलायंस ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन टीम 10 गेंद शेष रहते जीत दर्ज करने में सफल रही.
भारत की वनडे टीम में शामिल मनीष पांडे ने 26 गेंद में 30 रन बनाए, लेकिन उसके बावजूद बीपीसीएल की उनकी टीम को डीवाई पाटिल ‘बी’ टीम के खिलाफ दो विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी.
इससे पहले आरबीआई स्पोर्ट्स क्लब ने कैनरा बैंक को सात विकेट से हराया जबकि कैग ने ओएनजीसी को नौ विकेट से शिकस्त दी.

   

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