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ली के खिलाफ खेलने में मजा आता था: तेंदुलकर

 नई दिल्ली, 15 जुलाई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इन दोनों प्रतिद्वंद्वियों की भिड़ंत सबसे रोमांचक लम्हों में शामिल हुआ करती थी और आस्ट्रेलिया के ब्रेट ली ने जब संन्यास ले लिया है तब सीनियर भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा है कि तेज गेंदबाज के खिलाफ खेलने में लुत्फ आता था। तेंदुलकर ने ट्विटर पर अपने पेज पर लिखा, ‘‘ब्रेटली––58 बिंगा (ली को इस नाम से भी जाना जाता है) तुम्हारे खिलाफ खेलने में मजा आता था। सफल कैरियर के लिए बधाई। आपके भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’’ ली ने भी पूरे सम्मान के साथ जवाब देते हुए कहा कि भारत के खिलाफ उन्हें हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘सचिन––आरटी: हां दोस्त इसमें काफी लुत्फ आया। पिच पर कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए धन्यवाद। निश्चित तौर पर तुमने मुझसे मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाया।’’ ली ने 13 साल के सफल अंतरराष्ट्रीय कैरियर के बाद शुक्रवार को संन्यास ले लिया था। तेंदुलकर ही नहीं कैंसर से उबर रहे युवराज सिंह ने भी इस आस्ट्रेलियाई की तारीफ की। युवराज ने कहा, ‘‘एक ऐसा इंसान जिसने हमेशा पूरे जज्बे के साथ गेंदबाजी की। एक मैच विजेता चैम्पियन गेंदबाज। विश्व स्तरीय एथलीट, एक शानदार दोस्त, एक अच्छा इंसान, मैं दुखी हूं कि ब्रेट ली ने संन्यास ले लिया है।’’ युवराज ने पुराने लम्हों को याद करते हुए कहा, ‘‘ली के साथ मेरा सबसे पसंदीदा पल 2004 भारत बनाम आस्ट्रेलिया वीबी श्रृंखला का पर्थ मैच था। गिली 30 गज के घेरे पर खड़े थे और बिंगा 155 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहा था।’’ ली ने भी युवराज को धन्यवाद दिया और उनकी मजबूत वापसी की उम्मीद की।तेंदुलकर ने आंख में चोट के बाद संन्यास लेने के लिए बाध्य हुए दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर मार्क बाउचर की भी तारीफ की। उन्होंने लिखा, ‘‘मार्कबी46: कैसी त्रासदीपूर्ण चोट के साथ मार्क बाउचर का कैरियर समाप्त हुआ। निश्चित तौर पर खेल के महानतम विकेटकीपरों में से एक। दक्षिण अफ्रीका को उनकी कमी खलेगी।’’

   

मुझे नहीं लगता कि ‘तीसरा’ जैसा कुछ है: अश्विन

 नई दिल्ली, 15 जुलाई। दुनिया भर के स्पिन गेंदबाज प्रयोग करते हुए दावा कर रहे हैं कि उनके पास गेंदबाजी में नयी विविधता है लेकिन भारतीय आफ स्पिनर आर अश्विन ‘तीसरा’ को लेकर चल रही हाइप को समझ नहीं पा रहे हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि एक आफ स्पिनर के पास काम करने के लिए सिर्फ दो तरह की मूल गेंद हैं। कैरम गेंद का सफलतापूर्वक इस्तेमाल करने वाले अश्विन का नजरिया एक आफ स्पिनर के पास मौजूदा विविधताओं को लेकर बिलकुल सामान्य है। यह पूछने पर कि क्या उन्हें लगता है कि ‘तीसरा’ जैसी गेंद हो सकती है जैसा कि पाकिस्तान के सईद अजमल ने दावा किया है, अश्विन ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि तीसरा, चौथा या पांचवां जैसी कुछ चीज है। सिर्फ दो तरह की मूल गेंद होती हैं.. एक जो बल्लेबाज के लिए अंदर की तरफ आती है और दूसरी जो बाहर की ओर जाती है।’’अश्विन ने हरभजन सिंह के साथ किसी तरह की तुलना को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हरभजन सिंह के साथ तुलना के बारे में कभी नहीं सोचा। मैदान पर उतरने के बाद मेरा ध्यान पूरी तरह से मेरे काम पर होता है। इसके अलावा किसी अन्य चीज का मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरा मानना है कि मैं उसी तरह अपना काम करता हूं जिस तरह आप पत्रकार लोग अपना काम करते हैं।’

   

भूपति-बोपन्ना की पदक की संभावना अच्छी नहीं: मुखर्जी

 नई दिल्ली, 15 जुलाई। महेश भूपति और रोहन बोपन्ना ने ओलंपिक में अपनी जोड़ी को टीम के रूम में भेजे जाने के लिए भले ही कड़ी मशक्कत की हो लेकिन पूर्व डेविस कप कप्तान जयदीप मुखर्जी का मानना है कि लंदन खेलों की टेनिस स्पर्धा में हिस्सा लेने वाले स्टार खिलाड़ियों को देखते हुए इनके पदक जीतने की अधिक संभावना नहीं है। वर्ष 2012 सत्र की शुरूआत में भूपति और बोपन्ना ने जोड़ी बनाने के बाद 14 टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और इस दौरान सिर्फ एक खिताब फरवरी में दुबई चैम्पियनशिप के रूप में जीता। इस टीम ने हालांकि तीन एलीट मास्टर टूर्नामेंट सहित पांच टूर्नामेंटों के सेमीफाइनल में जगह बनाई लेकिन यह जोड़ी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में विफल रही। मुखर्जी ने कहा कि मौजूदा फार्म को देखते हुए भूपति और बोपन्ना से अधिक उम्मीद नहीं है। विम्बलडन से लौटने के बाद मुखर्जी ने कहा, ‘‘मौजूदा फार्म में देखते हुए उनकी संभावनाएं उतनी अच्छी नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने विम्बलडन में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और फ्रेंच ओपन में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा। उन्हें फेडरर, वावरिंका, नडाल और जोकोविच जैसे खिलाड़ियों का सामना करना होगा और मौजूदा फार्म को देखते हुए उनकी संभावनाएं काफी अच्छी नहीं हैं।’’पिछले चार टूर्नामेंटों में भूपति और बोपन्ना का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लंदन में क्वीन्स क्लब प्रतियोगिता में रहा जहां यह जोड़ी क्वार्टर फाइनल में पहुंची। विंबलडन में यह जोड़ी दूसरे दौर में बाहर हो गई जबकि फ्रेंच ओपन में पहले दौर की बाधा भी पार नहीं कर सकी। भूपति और बोपन्ना ने हालांकि मई में मैक्स मिर्नयी और डेनियल नेस्टर की दुनिया की नंबर एक युगल जोड़ी को रोम मास्टर्स में हराया था और मुखर्जी ने कहा कि अब काफी कुछ ड्रा पर निर्भर रहेगा। मुखर्जी ने कहा, ‘‘देखते हैं कि उन्हें पहले और दूसरे दौर में किससे भिड़ना है। पदक तय नहीं है।’’ इस पूर्व डेविस कप खिलाड़ी का साथ ही मानना है कि चयन विवाद के बाद भूपति और बोपन्ना पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए काफी दबाव होगा। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें कुछ साबित करने की जरूरत है। विवाद के बाद उन पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव है।’’

   

कलमाड़ी की मौजूदगी से प्रेरणा मिलेगी: एथलेटिक्स कोच

नयी दिल्ली, ।4 जुलाई। सुरेश कलमाड़ी के लंदन ओलंपिक में जाने के फैसले से भले ही विवाद पैदा हो गया हो लेकिन राष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच बहादुर सिंह का कहना है कि आईओए के पूर्व अध्यक्ष की मौजूदगी खिलाड़ियों के लिये प्रेरणास्रोत होगी। राष्ट्रमंडल खेल घोटालों में आरोपी कलमाड़ी तिहाड़ जेल में एक साल बिताने के बाद जमानत पर हैं। अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ के सदस्य कलमाड़ी को 26 जुलाई से 13 अगस्त तक होने वाले ओलंपिक खेलों के लिये लंदन जाने की अनुमति मिल गई है। सिंह ने कहा ,‘‘ कलमाड़ी की लंदन में मौजूदगी से खिलाड़ियों का मनोबल कैसे गिरेगा। बल्कि वे उनसे मिलेंगे तो इससे उनका हौसला बढेगा ही।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ वह 15 . 20 साल से भारतीय एथलेटिक्स से जुड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में वह जाना माना चेहरा है। इसके अलावा अदालत का फैसला आने तक उन्हें दोषी नहीं कहा जा सकता।’’ इससे पहले कलमाड़ी के लंदन दौरे पर खेलमंत्री अजय माकन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि कलमाड़ी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे।

   

डिजाइनर पोशाक नहीं पहन सकेंगे अमेरिकी ओलंपिक खिलाड़ी

लास एंजिलिस, ।4 जुलाई। लंदन के लिये भले ही देर हो गई हो लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी 2014 के शीतकालीन खेलों में फैशन फर्म राल्फ लारैन द्वारा डिजाइन की गई पोशाकें पहन सकेंगे। अमेरिकी राजनेताओं ने इस बात को लेकर काफी आलोचना की थी कि उनके खिलाड़ी लंदन ओलंपिक के उद्घाटन और समापन समारोह में चीन में बनी पोशाकें पहनेंगे। उसके बाद कल यह घोषणा की गई।
अमेरिकी ओलंपिक समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्काट ब्लैकमन ने कहा ,‘‘खिलाड़ी लंदन पहुंचने शुरू हो गए हैं और उन्हें इस सप्ताह पोशाकें बांटने का काम भी शुरू हो जायेगा। लंदन ओलंपिक में हम कोई बदलाव नहीं कर पायेंगे।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ हम हालांकि अपने प्रायोजकों के साथ मिलकर चिंताओं का निवारण करने का आश्वासन देते हैं। राल्फ लौरेन 2014 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह के लिये पोशाकें बनाने को तैयार हो गया है।’’

   

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