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लंदन ओलंपिक को यादगार बनाने उतरेंगे टेबल टेनिस खिलाड़ी

नयी दिल्ली ।4 जुलाई। लंदन ओलंपिक में अपने शीर्ष टेबल टेनिस खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में सौम्यजीत घोष और अंकिता दास पर भारत के प्रदर्शन का दारोमदार है जो पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे हैं। सौम्यजीत और अंकिता में उलटफेर करने का माद्दा है लेकिन 19 बरस के इन खिलाड़ियों से ओलंपिक में किसी चमत्कार की उम्मीद करना बेमानी है। दोनों युवा इस मौके का पूरा फायदा उठाकर ऐसा प्रदर्शन करना चाहते हैं जो लोग सालों तक याद रखें। अंकिता ने कहा ,‘‘ यह मेरे लिये काफी महत्वपूर्ण है। मेरा पहला ओलंपिक हैं। मैं ऐसा प्रदर्शन करना चाहती हूं जो भारत के किसी टेबल टेनिस खिलाड़ी ने नहीं किया हो।’’ अगर किस्मत ने साथ दिया तो सौम्यजीत जरूर कोई उलटफेर कर सकता है। उसने कहा ,‘‘ ईमानदारी से कहूं तो पदक जीतना काफी मुश्किल है लेकिन बहुत कुछ ड्रा पर निर्भर करेगा। इसके बाद ही पता चलेगा कि मैं कहां तक जाता हूं।’’ उसने कहा ,‘‘ मैने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर सकूंगा। यह सपना था। मैं 2016 के बारे में सोच रहा था लेकिन चूंकि मैने क्वालीफाई कर लिया है तो चुनौती दिये बिना हार नहीं मानूंगा।’’ दोनों ने कहा कि उन पर कोई दबाव नहीं है।

   

हालात से लड़कर ओलंपिक पहुंचेंगे सोमालियाई खिलाड़ी

मोगादिशू,14 जुलाई। जंग, गोलियों और अल कायदा से जुड़े इस्लामी संगठनों से मिली धमकियों को धता बताते हुए सोमालियाई खिलाड़ी ओलंपिक पहुंचे हैं। इस तरह की चुनौतियों से सामना शायद ही किसी और देश के खिलाड़ियों का हुआ हो। सोमालिया की 18 बरस की खिलाड़ी जमजम महमूद फराह ने कहा ,‘‘सोमालिया में पिछले 20 साल से कोई सरकार नहीं है लेकिन दृढता, किस्मत और उम्मीद हमें जीत के करीब ले जायेगी।’’ लंबे समय से हिंसा झेल रहे देश में ओलंपिक की तैयारियां गोलियों से छलनी हुए स्टेडियमों में हुई है। टीम में दो पुरूष और दो महिला खिलाड़ी शामिल है जिनसे देशवासियों की उम्मीदें बंधी है। हिंसाग्रस्त देश में अमन की बहाली में कई सरकारें नाकाम रही है। पिछले दो दशक से यहां गृहयुद्ध जारी है लिहाजा खेलों के विकास की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। कोच अहमद अली अबिकार का मानना है कि अक्सर युद्ध, अकाल या पाइरेसी के लिये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खबरों में रहने वाले सोमालिया को ओलंपिक जा रहे खिलाड़ियों से उम्मीदें हैं। दूसरे देशों की तरह सोमालिया को भी एथलेटिक्स में दो कोटा स्थान मिले हैं। सोमालिया के लिये दो खिलाड़ियों का लंदन में देश का ध्वज थामना ही एक उपलब्धि है लेकिन अबिकार को बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे उम्मीद है कि लंदन ओलंपिक में जा रहे खिलाड़ी अच्छे नतीजों के साथ लौटेंगे।

   

मिताली आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर लौंटी

दुबई , 13 जुलाई। भारतीय कप्तान मिताली राज ने इंग्लैंड के खिलाफ हालिया श्रृंखला में 251 रन बनाकर आईसीसी महिला वनडे रैंकिंग की बल्लेबाजी सूची में शीर्ष पर वापसी की है। भारतीय टीम हालांकि यह श्रृंखला हार गयी थी लेकिन मिताली ने शीर्ष पर वापसी से आईसीसी 2011 की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर वेस्टइंडीज की स्टेफानी टेलर को पहले स्थान से हटा दिया। इंग्लैंड की कप्तान चालरेट एडवर्डस ने अपनी टीम को श्रृंखला में भारत पर 3–2 से जीत दिलायी थी लेकिन वह बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी थी जिससे बल्लेबाजी सूची में छठे स्थान पर खिसक गयीं। भारत की हरमनप्रीत कौर श्रृंखला में रन बटोरने वाली दूसरे नंबर की खिलाड़ी रहीं जो अब रैंकिंग में सातवें स्थान पर हैं और यह उनकी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। इंग्लैंड की सारा टेलर और लिडिया ग्रीनवे ने भी रैंकिंग में सुधार किया है और दोनों क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर पहुंच गयीं। गेंदबाजी सूची में पूर्व भारतीय कप्तान झूलन गोस्वामी चौथे स्थान पर बरकरार हैं, उन्होंने श्रृंखला में सात विकेट चटकाये थे। आस्ट्रेलिया की लिसा स्थालेकर शीर्ष पर काबिज हैं जबकि श्रृंखला में आठ विकेट लेने वाली इंग्लैंड की कैथरीन ब्रंट दूसरे नंबर पर हैं।

   

पदक का वादा नहीं, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे: सानिया

मुंबई , 13 जुलाई। भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने आज यह भविष्यवाणी करने से इन्कार कर दिया कि भारत लंदन ओलंपिक खेलों में कितने पदक जीत सकता है लेकिन उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का वादा किया। सानिया ने कहा, ‘‘मैं समझती हूं कि पदकों की कोई संख्या तय करना सही नहीं होगा। लंदन ओलंपिक जाने से पहले हम सभी पर दबाव है। हम पदक का वादा नहीं कर सकते लेकिन अपना शत प्रतिशत योगदान देंगे।’’ सानिया 27 जुलाई से शुरू होने वाले ओलंपिक खेलों में महिला युगल में रश्मि चक्रवर्ती और मिश्रित युगल में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाएगी। यह हैदराबादी खिलाड़ी एनडीटीवी के ‘मार्क्‍स फोर स्पोर्ट्स’ अभियान के पैनल वक्ताओं में शामिल थी।
उनके अलावा टेनिस स्टार महेश भूपति, केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन, भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान बाईचुंग भूटिया और क्रिकेट स्टार वीरेंद्र सहवाग भी वक्ताओं में शामिल थे। ओलंपिक में भारत की संभावना के बारे में पूछने पर माकन ने कहा कि उनके लिये देश के पदकों की संख्या की भविष्यवाणी करना सही नहीं होगा। माकन ने कहा, ‘‘मैं इस पर कुछ भी नहीं कहना चाहूंगा क्योंकि यह अनुचित होगा। हमारे सबसे अधिक खिलाड़ी इन ओलंपिक में भाग ले रहे हैं। पिछली बार हमारे लगभग 50 खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया था जबकि इस बार 81 ने क्वालीफाई किया है।’’

   

ली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा

मेलबर्न , 13 जुलाई। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में शामिल रहे आस्ट्रेलिया के ब्रेट ली ने आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की। यह तेज गेंदबाज 13 साल के अपने कैरियर के दौरान चोटों से जूझता रहा और भारत उनके लिए दूसरे घर की तरह था। वर्ष 2010 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले 35 वर्षीय ली हाल में पिंडली की चोट से परेशान रहे थे। क्रिकेट के इतर ‘बैस गिटार’ बजाने वाले ली के भारत में काफी समर्थक हैं और उन्होंने कहा कि शरीर को पहुंच रहे नुकसान के कारण वह अपने कैरियर को आगे जारी नहीं रख सकते। ली ने ‘चैनल नाइन’ से कहा, ‘‘यह कैरियर सपने की तरह था, मुझे लगता है कि मैं 13 साल शीर्ष पर रहा। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं मांग सकता था।’’ इस तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्होंने शुरूआत में श्रीलंका में होने वाले वाले आगामी टी20 विश्व कप के बाद संन्यास लेने की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘13 साल, 13 तारीख का शुक्रवार, यह मेरे लिए जाने का उचित समय है। रात को मुझे काफी अच्छी नींद नहीं आई और जब सुबह मैं उठा तो यह जाने का सही समय था। मुझे आज सुबह ऐसा अहसास हुआ और मुझे महसूस हुआ कि यह खेल छोड़ने का सही समय है।’’ ली ने कहा, ‘‘यह पिछले कुछ महीनों से मेरे दिमाग में चल रहा था।’’ ली ने कहा कि खुशी है कि उन्हें शानदार समय में शेन वार्न, ग्लेन मैकग्रा, एडम गिलक्रिस्ट तथा स्टीव और मार्क वा जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला जो उनके हीरो रहे थे। इस तेज गेंदबाज ने फरवरी 2010 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उन्होंने 76 टेस्ट मैचों में 310 विकेट हासिल किए। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बावजूद ली ने वनडे और टी20 क्रिकेट में आस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व जारी रखा था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बावजूद ली आस्ट्रेलियाई बिग बैश और इंडियन प्रीमियर लीग में खेलना जारी रखेंगे। आधुनिक युग के सबसे तूफानी गेंदबाजों में शामिल ली ने 221 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 380 जबकि 25 टी20 मैचों में 28 विकेट चटकाए। ली ने अपने टेस्ट कैरियर की शुरूआत भारत के खिलाफ की और क्रिकेट के अलावा भी कई कारणों से उन्होंने इस देश का दौरा कई बार किया। टेस्ट क्रिकेट में 1999 में ली का पदार्पण शानदार रहा और उन्होंने पहले ही टेस्ट में सात विकेट चटकाए जिसमें पहली पारी में लिए गए पांच विकेट भी शामिल हैं। यह तेज गेंदबाज हालांकि अपने कैरियर के दौरान चोटों से काफी परेशान रहा। उनके दायें टखने के चार आपरेशन हुए जबकि वह कंधे की चोट से भी परेशान रहे। हालांकि इससे आस्ट्रेलिया या भारत में ली के व्यावसायिक हित प्रभावित नहीं हुए। उन्होंने महान गायिका आशा भोसले के साथ मिलकर हिट गाना गया जबकि बॉलीवुड फिल्म में संक्षिप्त भूमिका भी निभाई। वह 2003 में दक्षिण अफ्रीका में विश्व कप जीतने वाली आस्ट्रेलियाई टीम के भी सदस्य थे लेकिन टखने में चोट के कारण वह वेस्टइंडीज में 2007 विश्व कप में हिस्सा नहीं ले पाए। ली अचानक संन्यास के कारण आस्ट्रेलिया की ओर से ग्लेन मैकग्रा के सर्वाधिक 381 वनडे विकेट से भी एक विकेट पीछे रह गए। ली ने मैकग्रा के संन्यास के बाद नौ टेस्ट में 21.55 की औसत से 58 विकेट हासिल किए थे और 2008 में एलेन बोर्डर मेडल भी हासिल किया था।

   

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