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अर्जुन अवार्ड के लिए फिर भेजा गया युवराज का नाम

नई दिल्‍ली. लंबे समय बाद मैदान पर वापसी की उम्‍मीदों के बीच क्रिकेटर युवराज सिंह का नाम एक बार फिर अर्जुन अवार्ड के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही बीसीसीआई ने हाल में संन्‍यास लेने वाले राहुल द्रविड़ को राजीव गांधी खेल रत्‍न अवार्ड के लिए नॉमिनेट किया है। 
युवराज ने कहा है कि इस बार उन्‍हें यह अवार्ड मिलने की उम्‍मीद है। क्रिकेटर ने यह भी कहा कि वह अब पूरी तरह फिट हैं। कैंसर से जंग जीतने के बाद युवराज ने बेंगलुरू स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी में अभ्यास भी शुरू कर दिया है। युवराज सिंह फाउंडेशन की ओर शुरू किए गए अभियान "YouWeCan" की लॉन्चिंग (तस्‍वीर) के दौरान पत्रकारों से बातचीत में युवराज ने कहा कि कीमोथेरेपी के दौर से गुजरना बेहद मुश्किल पल रहा। यह कैंसर से लड़ने के लिए लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का अभियान है। उन्‍होंने यह भी कहा कि मैदान पर वापसी के साथ वह टी-20 वर्ल्‍ड कप में खेलना चाहते हैं। हाल में श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम का चुनाव करने के बाद चीफ सेलेक्‍टर श्रीकांत ने कहा था कि युवराज ने उम्मीद की जानी चाहिए कि ट्वेंटी20 वल्र्डकप से पहले वे पूरी तरह से फिट हो जाएंगे।

   

चैपल का तीर-द्रविड़ को सपोर्ट मिलता तो बेस्ट कप्तान होते

मुंबई. भारत के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने राहुल द्रविड़ पर अपनी नई किताब में यह कहकर ताजा विवाद को जन्म दे दिया है कि अगर द्रविड़ को उतना ही सहयोग मिल पाता जितना उसने बाकी कप्तानों को दिया तो वह देश का सबसे सफल कप्तान होता। चैपल ने लिखा है कि द्रविड़ ने भारत को कई मैचों में जीत दिलाई लेकिन टीम के कुछ सदस्य उसकी कामयाबी पर खुश नहीं होते थे। उन्होंने अपनी किताब‘राहुल द्रविड़: टाइमलेस स्टील’ में लिखा है, ‘टीम की कामयाबी का जश्न सभी नहीं मनाते थे। कुछ खिलाड़ियों को इससे डर लगता था और वे राहुल के खिलाफ रहते थे।’ 
अपनी किताब में चैपल ने लिखा है, ‘यदि उन्होंने पूरे दिल से राहुल का उसी तरह साथ दिया होता जितना राहुल ने दूसरों का दिया है तो भारतीय क्रिकेट का ताजा इतिहास अलग होता। वह भारत का सबसे सफल कप्तान बन सकता था।’ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ने बताया कि कैसे द्रविड़ की अगुवाई में भारत ने लगातार नौ वनडे जीते थे। टॉस जीतकर उसने विरोधी टीम को बल्लेबाजी का न्यौता दिया और बाद में बल्लेबाजी करते हुए लगातार रिकार्ड 17 जीत दर्ज की। चैपल ने कहा, ‘लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहतर प्रदर्शन के लिए राहुल विरोधी टीम को पहले बल्लेबाजी का न्यौता देता था। हालात चाहे जो हो। उसकी कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार नौ वनडे जीते। इसके अलावा लक्ष्य का पीछा करते हुए रिकार्ड लगातार 17 जीत दर्ज की।’  
द्रविड़ ने 2005 से लेकर 2007 तक भारत की कप्तानी की थी। गौरतलब है कि गांगुली ने द्रविड़ की कप्तानी के बारे में कहा था, 'द्रविड़ हमेशा चाहते थे कि सब कुछ बढ़िया हो। लेकिन जब चीजें गलत होने लगीं तो उनमें हिम्मत नहीं थी कि वे उन चीजों को बदल देते।'  
बावजूद इसके द्रविड़ गांगुली और धोनी को भारत का बेस्ट कप्तान मानते हैं। राहुल द्रविड़ ने अपने ताज़ा बयान में कहा है कि गांगुली और धोनी में जीत के लिए भूख है। अपनी कप्तानी के बारे में द्रविड़ का मानना है कि वह बतौर कप्तान किसी के हाथ का खिलौना नहीं थे। द्रविड़ ने ग्रेग चैपल के बारे में कहा है कि उन्हें क्रिकेट की बहुत अच्छी समझ थी। द्रविड़ के मुताबिक चैपल से क्रिकेट पर बात करना उन्हें अच्छा लगता था।

   

धोनी की कप्तानी नहीं, टीम से जीते वर्ल्ड कप: सहवाग

नई दिल्ली. वीरेंद्र सहवाग और टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बीच एक बार फिर ठन गई है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए सहवाग ने धोनी और उनकी कप्तानी को निशाने पर लेते हुए कहा, 'हम सिर्फ धोनी की अच्छी कप्तानी की वजह से ही वर्ल्ड कप नहीं जीते। बल्कि हमारी टीम बहुत अच्छी थी। हमने हाल के कुछ सालों में दो विश्व कप जीते हैं। दोनों में जीत की वजह अच्छी टीम थी।' भारत ने 2007 में टी-20 और 2011 में वनडे का वर्ल्ड कप अपने नाम किया है।  
सहवाग ने साफ कहा कि किसी भी कप्तान के पास अच्छी टीम होती है तो वह जीतता है। वीरू ने 1999, 2003 और 2007 में विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का उदाहरण देते हुए कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई टीम ने विश्व क्रिकेट पर इतने साल राज किया है। इसकी वजह कप्तानी नहीं थी। ऑस्ट्रेलिया की कामयाबी की वजह उनकी अच्छी टीम थी।'  सहवाग ने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया था कि धोनी में ऐसी क्या खूबी है कि उन्होंने अपनी कप्तानी में दो विश्व कप जीते।  
गौरतलब है कि धोनी और सहवाग के बीच तनातनी नई नहीं है। इस साल फरवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ही धोनी की सहवाग के साथ खटास दुनिया के सामने आ गई थी। धोनी ने टीम के तीन खिलाड़ियों-सचिन तेंडुलकर, वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंडुलकर को एक साथ टीम में न रखे जाने की बात पर कहा था कि ये तीनों धीमे फील्डर हैं। लेकिन अगले ही मैच में काम चलाऊ कप्तानी कर रहे सहवाग ने शानदार कैच लपका। मैच के बाद जब उनसे धोनी के बयान के संदर्भ में सवाल पूछा गया कि क्या सहवाग स्लो फील्डर हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, 'क्या आपने मेरा कैच देखा?' 
धोनी और सहवाग के बीच मतभेद की खबरें अक्सर आती रहती हैं। यह भी बताया जाता है कि पूरी टीम इंडिया धोनी और सहवाग के खेमों में बंटी हुई है। सहवाग कई बार कप्तान बनाए जाने की इच्छा जता चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि सहवाग को इस बात का मलाल है कि धोनी से सीनियर होने के बावजूद उन्हें अब तक कप्तानी नहीं मिली।

   

इंडोनेशिया ओपन : चीन की खिलाड़ी को हराकर साइना ने जीता खिताब

जकार्ता. दुनिया की पांचवीं वरीयता प्राप्त भारत की स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल ने तीसरी बार इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन का खिताब जीत लिया है। साइना ने चौथी वरीयता प्राप्त चीनी खिलाड़ी झु रुई ली को तीन गेमों तक चले मुकाबले में 13-21, 22-20, 21-19 से पराजित किया।सायना को यह मुकाबला जीतने के लिए एक घंटे और चार मिनट तक कोर्ट पर पसीना बहाना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला कांटे का रहा। पहला गेम ज्युरेई ने अपने नाम किया। इसके बाद सायना ने जबर्दस्त वापसी करते हुए दूसरा और तीसरा गेम जीतकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। 
साइना इससे पहले २००९ और २०१० में यहां चैंपियन बनी थीं। पिछले साल साइना को यहां रनर अप से संतोष करना पड़ा था, जब फाइनल में उन्हें यिहांग वांग ने हराया था। इस बार फाइनल में साइना की राह आसान नहीं थी, क्योंकि ली के खिलाफ इस पहले उनका रिकॉर्ड एक जीत व चार हार का रहा था। इस साल साइना की यह तीसरी खिताबी जीत है। उन्होंने मार्च में स्विस ओपन जबकि पिछले रविवार को थाईलैंड ओपन टूर्नामेंट अपने नाम किया था। लंदन ओलम्पिक में साइना भारत की ओर से पदक की दावेदारों में से एक हैं। ऐसे समय में सायना का बेहतरीन फॉर्म में होना भारतीय नजरिये से अच्छा है। 
इससे पहले साइना ने शनिवार के सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की जि ह्युन सुंग को २२-२०, २१-१८ से हराते हुए लगातार चौथी बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई थी। 
सांतोसो ने रोका कश्यप का सफर
इस बीच भारत के पी. कश्यप का विजय अभियान सेमीफाइनल में रुक गया। सातवीं वरीयता प्राप्त इंडोनेशिया के साइमन सांतोसो ने कश्यप को 46 मिनट चले मुकाबले में 21-15, 21-12 से हराया। कश्यप के खिलाफ सांतोसो ने अब तक के सभी चारों मैच जीते हैं। कश्यप का कोर्ट पर प्रदर्शन तो अच्छा था, लेकिन नेट पर सांतोसो ने उन्हें छकाते हुए कई अंक बटोरे। दोनों खिलाडिय़ों ने ११-11 स्मैश विनर लगाए, लेकिन नेट पर सांतोसो ने १२ अंक जीते, जबकि कश्यप पांच अंक ही हासिल कर पाए।
पहले गेम में दोनों खिलाड़ी १४-१४ के स्कोर तक बराबरी पर रहे, लेकिन फिर सांतोसो ने लगातार चार अंक लेने के बाद यह गेम २१-१५ से जीत लिया। दूसरे गेम के शुरू में कश्यप ने बढ़त बनाई, लेकिन फिर स्कोर ९-९ हो गया। सांतोसो ने इसके बाद अंक जुटाने का जो सिलसिला शुरू किया, वह फिर मैच समाप्ति के बाद ही थमा। सांतोसो ने १५-१२ के स्कोर के बाद लगातार छह अंक लेकर गेम और मैच समाप्त कर दिया।

   

फुल स्लीव टी-शर्ट पहनकर दुनिया को धोखा दे रहे हैं अजमल?

कोलंबो.पाकिस्तान का एक और क्रिकेटर विवाद में फंसता नज़र आ रहा है। पाकिस्तान के क्रिकेटर सईद अजमल के बॉलिंग एक्शन पर सवाल खड़े हो गए हैं। गॉल में पहले टेस्ट के बाद श्रीलंका में अजमल के एक्शन पर एक बार फिर उंगलियां उठ रही हैं। 
श्रीलंका के एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि संदेह भरे एक्शन के बावजूद कोई भी अजमल पर सवाल नहीं उठा रहा है। श्रीलंकाई अखबार द नेशन में एक श्रीलंकाई क्रिकेटर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'अजमल तो मानो मर्डर कर आसानी से निकलता जा रहा है और कोई उस पर कार्रवाई नहीं कर रहा है।' अखबार ने श्रीलंकाई खिलाड़ी के हवाले से आगे लिखा, 'अजमल सिर्फ पूरी बांह की टी-शर्ट पहनकर गेंदबाजी करता है। यहां तक कि वह प्रैक्टिस भी ऐसी ही टी-शर्ट में करता है। वह आधी बांह की टी-शर्ट सिर्फ बल्लेबाजी करते समय पहनता है। ऐसे में इस बात पर संदेह पैदा होता है कि वह अपनी बांह गेंदबाजी के समय मोड़ता भी है या नहीं?' 
श्रीलंका के क्रिकेट लेखक सादी थाफीक ने कहा, 'अजमल की कुछ गेंदों के दौरान उनकी बांह 15 डिग्री से ज़्यादा घूमती है। आईसीसी के नियमों के मुताबिक सिर्फ 15 डिग्री तक ही बांह को मोड़ा जा सकता है।'  थॉफीक ने एक कॉलम में लिखा है, 'ऐसा नहीं है अजमल की सभी गेंदों पर सवाल है। लेकिन उनकी टॉप स्पिनर गेंद जरूर शक के दायरे में है।' गौरतलब है कि श्रीलंकाई क्रिकेटर पिछले साल नवंबर में भी यूएई में भी अजमल के एक्शन पर सवाल खड़े कर चुके हैं। यूएई में सीरीज के दौरान और मौजूदा सीरीज़ में भी ऑस्ट्रेलिया के डेविड बून ही मैच रेफरी रहे हैं।  अजमल ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में 7 विकेट लिए थे। यह मैच श्रीलंका 209 रनों से जीता था।

   

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