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भारतीय टीम ने कहा, अभी तो शुरुआत है, बहुत कुछ जीतना बाकी है

लखनऊ, जूनियर विश्व कप जीतने के बाद जीत के जश्न में डूबे भारतीय खिलाड़ियों ने इसे टीम प्रयास का नतीजा बताते हुए कहा कि अभी तो उनका सफर शुरू हुआ है और उन्हें आगे बहुत कुछ जीतना है। भारत ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर 15 बरस बाद जूनियर विश्व कप जीत लिया और अपनी सरजमीं पर खिताब जीतने वाली यह पहली टीम बन गई।
जीत के बाद कोच हरेंद्र सिंह, मैनेजर रोलेंट ओल्टमेंस के साथ पूरी टीम प्रेस कांफ्रेंस में आई। हरेंद्र ने कहा कि आज मेरा नहीं मेरी टीम का दिन है। आप इन 18 लड़कों से बात करो क्योंकि आज के हीरो यही हैं। मैनेजर और सीनियर टीम के कोच ओल्टमेंस ने जब कहा चक दे इंडिया तो पूरी टीम और मीडिया ने उनके साथ सुर में सुर मिलाकर यह नारे लगाया।
फाइनल में टीम के प्रदर्शन को परफेक्ट करार देते हुए ओल्टमेंस ने कहा कि पहला हॉफ एकदम परफेक्ट था। दूसरे हॉफ में कुछ चूक हुई लेकिन ओवरआल प्रदर्शन उम्दा रहा। यह पिछले दो साल से की जा रही मेहनत का नतीजा है और इसका श्रेय कोच को जाता है। वहीं सेमीफाइनल और फाइनल में अहम गोल करने वाले गुरजंत सिंह ने कहा कि मैंने दो गोल इन्हीं मैचों के लिए बचाकर रखे थे। खुशी है कि सही मौके पर ये गोल हुए।
कप्तान हरजीत सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों ने अनुशासन में रहकर पूरे टूनार्मेंट में सरल हॉकी खेली। उन्होंने कहा कि टीम में जबर्दस्त ऊर्जा थी और खिलाड़ियों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। सभी ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई। जीत का जश्न कैसे मनाएंगे, यह पूछने पर वरुण कुमार ने कहा कि पिछले डेढ साल से टीम को मिठाई खाने को नहीं मिली है और आज सभी खिलाड़ी छककर मिठाई खाएंगे। बेल्जियम के कोच जेरोन बार्ट ने खिताब नहीं जीत पाने पर मलाल जताया लेकिन कहा कि वह अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश हैं। उन्होंने कहा कि हम पहली बार फाइनल खेल रहे थे और इतने सारे दर्श्शकों के सामने कभी खेला नहीं था। भारत को ऐसे समर्थन के बीच हराना मुश्किल था। इतना शोर था कि खिलाड़ी आपस में एक दूसरे की बात भी नहीं समझ पा रहे थे।

   

प्रो-रेस्लिंग से हटे योगेश्वर, बजरंग भारत के सबसे महंगे पहलवान

नई दिल्ली, प्रो-रेस्लिंग से हटे योगेश्वर, बजरंग भारत के सबसे महंगे पहलवान
स्टार पहलवान योगेश्वर दत्त ने पेशेवर कुश्ती लीग (पीडब्ल्यूएल) के दूसरे सत्र में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि उन्होंने नीलामी में शामिल नहीं होने का फैसला किया जिसमें बजरंग पूनिया भारत के सबसे महंगे खिलाड़ी बनकर उभरे। उन्हें दिल्ली की फ्रेंचाइजी ने 38 लाख रुपये में खरीदा।
रियो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता जॉर्जिया के व्लादिमेर खिनचेगाशविली को पंजाब ने 48 लाख रुपये में खरीदा और वह प्रो रेस्लिंग-2 के सबसे महंगे खिलाड़ी साबित हुए। दिल्ली ने मारिया स्टैडनिक पर 47 लाख रुपये खर्च किये और इस तरह से वह नीलामी में सबसे महंगी महिला पहलवान बनी जबकि भारतीय स्टार साक्षी मलिक को केवल 30 लाख रुपये ही मिले। यहां तक कि साक्षी मलिक को 2016 की राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता रितु फोगाट ने भी पीछे छोड़ दिया। उन्हें नई फ्रेंचाइजी जयपुर ने 36 लाख रुपये में खरीदा और इस तरह से वह सबसे महंगी भारतीय महिला पहलवान रहीं। फोगाट बहनों गीता, बबिता, रितु और संगीता चारों को कुल 70 लाख रुपये की राशि मिली।
साक्षी मलिक को मिले केवल 30 लाख, व्लादीमिर को 48 लाख
साक्षी हालांकि नीलामी में कम धनराशि मिलने के बावजूद खुश थी क्योंकि उनके मंगेतर सत्यव्रत कादियान को भी दिल्ली ने खरीदा है। रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता ने कहा, मुझे खुशी है कि मैं उसी टीम में हूं जिसमें सत्यव्रत है।
लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता और पिछले साल हरियाणा की फे्रंचाइजी से खेलने वाले योगेश्वर ने पहले भी कहा था कि उनका लीग में खेलना संदिग्ध है क्योंकि दो से 19 जनवरी के बीच होने वाले टूनार्मेंट के दौरान ही उनकी शादी भी होनी है। योगेश्वर ने कहा कि मेरी शादी और शादी से जुड़े कार्यक्रम भी इस दौरान होंगे, इसलिए मैंने इस साल पीडब्ल्यूएल में नहीं खेलने का फैसला किया। भारत के लिए दो ओलंपिक पदक जीतने वाले सुशील कुमार पहले ही लीग का हिस्सा नहीं हैं और अब योगेश्वर के हटने से इसकी चमक निश्चित तौर पर फीकी पड़ेगी। नीलामी में 2016 के विश्व चैंपियन रूस के मागोमद कुबार्नालीव को 47 लाख और तीन बार की विश्व चैंपियन स्वीडन की सोफिया मैटसन को 41.50 लाख रुपये में खरीदा गया। इन दोनों को हरियाणा ने खरीदा। मुंबई ने एरिका वीब और जॉर्जिया के जाबरायिल हसनोव दोनों को 43-43 लाख रुपये में खरीदा जबकि नाईजीरिया की महिला पहलवान ओडुनायो आडुकुरोये को पंजाब ने 32 लाख रुपये में अपनी टीम से जोड़ा।
लंदन ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अजरबेजान के तोग्रुल असगारोव को पंजाब ने 35 लाख रुपये में खरीदा।
पेशेवर कुश्ती लीग के दूसरे सत्र के लिए हुई नीलामी में 200 से अधिक पहलवानों ने किस्मत आजमाई जिनके लिए छह फ्रेंचाइजियों ने बोली लगाई।
विख्यात नीलामीकर्ता बॉब हेटन ने नीलामी का संचालन किया। नीलामी के दौरान पूर्व और मौजूदा विश्व चैम्पियन और ओलंपियन के लिए काफी उत्साह दिखा और फ्रेंचाइजियां उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करने से भी पीछे नहीं हटी। टूनार्मेंट के 2016-17 सत्र में पंजाब और दिल्ली के अलावा मुंबई, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जयपुर की फ्रेंचाइजी हिस्सा लेंगी।
नौ सदस्यीय टीम तैयार करने के लिए प्रत्येक टीम के पास दो करोड़ रुपये की राशि थी। टीम में पांच पुरुष और चार महिला पहलवानों को चुना जाना है जिसमें पांच भारतीय और चार अंतरराष्ट्रीय पहलवान हो सकते हैं।

   

BOXING : विजेंदर के सामने आज होगी फ्रांसिस चेका की कड़ी चुनौती

नई दिल्ली, पेशेवर मुक्केबाजी में अपनी छाप छोड़ चुके भारतीय खिलाड़ी विजेंदर सिंह के सामने आज अभी तक की सबसे मुश्किल चुनौती होगी। वह इस बार डब्ल्यूबीओ एशिया पेसिफिक सुपर मिडिलवेट का खिताब बचाने अपने से अनुभवी तंजानिया के मुक्केबाज फ्रांसिस चेका से भिड़ेंगे। विजेंदर ने इसी साल ऑस्ट्रेलिया के कैरी होप को मात देते हुए यह खिताब अपने नाम किया था। अब उनके सामने इसे बचाने की मुश्किल चुनौती है।
तंजानिया के चेका के पास 43 मुकाबलों का अनुभव है जिसमें से उन्होंने 32 में जीत हासिल की है। 34 साल के चेका इस समय अंतरार्ष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (आईबीएफ) की सुपर मिडिलवेट डिवीजन में मौजूदा अफ्रीकन चैम्पियन हैं।
सीटियां बजती रहेंगी, चेका पिटता रहेगा: विजेन्दर
महज 17 साल की उम्र में पेशेवर मुक्केबाजी की दुनिया में कदम रखने वाले चेका के पास 16 साल का अनुभव है। विजेंदर ने भारतीय मुक्केबाजी इतिहास में याद रखने लायक कई कारनामे किए हैं। हरियाणा के इस खिलाड़ी ने बीजिंग ओलंपिक-2008 में भारत को मुक्केबाजी में पहला पदक दिलाया था। उनके पास शनिवार को एक और इतिहास रचने का मौका है।
प्रो-रेस्लिंग से हटे योगेश्वर, बजरंग भारत के सबसे महंगे पहलवान
विजेंदर के अलावा शनिवार को पांच अंडरकार्ड मुकाबले खेले जाएंगे जिसमें प्रदीप खारकेरा (67 किलोग्राम भारवर्ग), कुलदीप धांडा (61 किलोग्राम भारवर्ग), धर्मेंद्र (91 किलोग्राम भारवर्ग), दीपक तंवर (67 किलोग्राम भारवर्ग) और राजेश कुमार (61 किलोग्राम भारवर्ग) के मुकाबले शामिल हैं।

   

बजरंग पूनिया 38 लाख के सबसे महंगे पहलवान, साक्षी से आगे निकलीं रितु

नई दिल्ली/पानीपत.रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास बनाने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक को प्रो रेसलिंग लीग सीज़न -2 की शुक्रवार को हुई नीलामी में दिल्ली ने सिर्फ 30 लाख रुपए में खरीदा, जबकि 2016 की राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली रितु फौगाट को जयपुर ने 36 लाख रुपए में। ओलिंपिक चैंपियन जॉर्जिया के व्लादीमिर खिनचेगश्वली को पंजाब ने सबसे महंगा 48 लाख में खरीदा।
कुश्ती लीग की छह टीमों (हरियाणा हैमर, यूपी वॉरियर्स, दिल्ली वीर, जयपुर, मुंबई गरूड़, पंजाब राॅयल) के लिए नीलामी में दो-दो करोड़ रुपए का पर्स था। हर टीम को नौ खिलाड़ी खरीदे हैं, जिसमें 5 पुरुष और 4 महिला पहलवान शामिल हैं। हर टीम में पांच भारतीय और चार विदेशी पहलवान हैं। नीलामी में तीन बार की ओलिंपिक पदक विजेता मारिया स्टेडनिक को दिल्ली ने 47 लाख, रूस के माजोरेड कुर्बानालीव को हरियाणा ने 47 लाख, रियो ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता जॉर्जिया के जैबरिल हेसानोव को मुंबई ने 43 लाख, रियो की स्वर्ण पदक विजेता कनाडा की एरिका वीब को मुंबई ने 43 लाख में खरीदा। 2 से 19 जनवरी तक होने वाली प्रो रेसलिंग लीग सीजन दो की पहली प्रेस काॅन्फ्रेंस में साक्षी मलिक को भारतीय कुश्ती महासंघ ने स्टार खिलाड़ी के रूप में पेश किया था।
योगी के हटने से लीग की रौनक पर असर
मशहूर पहलवान योगेश्वर दत्त ने अंतिम क्षणों में प्रो-कुश्ती लीग की नीलामी से अपना नाम वापस ले लिया। योगेश्वर ने अपनी शादी का हवाला दिया है। योगेश्वर का हटना लीग के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। लीग की रौनक पर भी इसका असर पड़ेगा।

   

झूठे साक्ष्य के आरोप साबित हुए तो ठाकुर जा सकते हैं जेल, बीसीसीआई चीफ की मुश्किल बढ़ीं

नई दिल्ली। लोढा समिति की सिफारिशों को लेकर जारी विवाद में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को कहा कि यदि ठाकुर पर अदालत में झूठे साक्ष्य पेश करने के आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।
शीर्ष अदालत ने न्याय मित्र गोपाल सुब्रह्मण्यम की दलीलें सुनने के बाद पहली दृष्टि में अनुराग को इसका दोषी पाया। संभव है कि न्यायालय इससे संबंधित फैसला भी सुनाए। न्यायालय ने न्याय मित्र से पूछा था कि ठाकुर ने इस मामले में झूठ बोला है या नहीं। सुब्रह्मण्यम ने अपने जवाब में कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष ने झूठ बोला है।
ठाकुर ने ये कहा था हलफनामे में
ठाकुर ने शीर्ष अदालत में पेश किए गए हलफनामे में कहा था कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष शशांक मनोहर से केवल यह कहा था कि इस मामले पर उनका स्टैंड क्या होता जब वह (मनोहर) बीसीसीआई अध्यक्ष थे जबकि मनोहर इस बात से इनकार कर चुके हैं।
एक हफ्ते में प्रशासकों के नाम सुझाए बोर्ड : कोर्ट
शीर्ष अदालत ने कहा, अगर आप झूठे साक्ष्य के आरोपों से बचना चाहते हैं, तो आपको माफी मांगनी चाहिए। आप कोर्ट की सुनवाई में बाधा डाल रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी आपको न्यायालय के फैसले से असहमत होने का अधिकार देती है, उसको लागू होने से रोकने का अधिकार आपके पास नहीं है। उन्होंने बीसीसीआई के वकील कपिल सिब्बल से दो टूक शब्दों में कहा, 'आपके मुवक्किल (अनुराग ठाकुर) को जेल चले जाना चाहिए।' सुनवाई के बाद न्यायालय ने बीसीसीआई से कहा कि वह एक हफ्ते में प्रशासकों के पैनल के लिए नाम सुझाये। इस मामले में कई तारीखें आगे बढ़ चुकी हैं और न्यायालय ने अपना अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।

   

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