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ऋद्धिमान साहा ने दोहरा शतक जमाकर शेष भारत को ईरानी ट्रॉफी दिलाई, टेस्‍ट टीम में दावा किया मजबूत

मुंबई: टीम इंडिया के टेस्ट स्क्वाड में विकेटकीपर की जगह के लिए पार्थिव पटेल से मिल रही चुनौती के बीच विकेटकीपर बल्‍लेबाज ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) ने दोहरा शतक जमाकर अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है. साहा के नाबाद 203 रन (272 गेंदें, 26 चौके और छह छक्‍के) और चेतेश्‍वर पुजारा के नाबाद शतक (116 रन, 16 चौके) की मदद से शेष भारत ने रणजी ट्रॉफी चैंपियन गुजरात को आज यहां 6 विकेट से हराकर ईरानी ट्रॉफी अपने नाम पर कर ली. जीत के लिए जरूरी 379 रनों का लक्ष्‍य शेष भारत की टीम ने महज चार विकेट खोकर हासिल कर लिया. इस जीत में साहा के बेहतरीन पारी का प्रमुख योगदान रहा. उन्‍होंने दोहरा शतक लगाकर चयनकर्ताओं के सामने अपने फर्स्‍ट च्‍वॉइस टेस्‍ट विकेटकीपर का दावा बेहद मजबूती के साथ पेश किया.
गौरतलब है कि साहा के चोटग्रस्‍त होने के कारण इंग्‍लैंड के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज में पार्थिव पटेल ने भी बल्‍ले से शानदार प्रदर्शन किया था. पार्थिव के इस प्रदर्शन के बाद इस बात की चर्चाएं शुरू हो गई थीं कि साहा और पार्थिव में से किसी टेस्‍ट टीम में विकेटकीपर चुना जाए. साहा को उनकी बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया.
चेतेश्‍वर पुजारा ने भी ईरानी ट्रॉफी मुकाबले में नाबाद शतक जमाया
मैच के पांचवें दिन आज शेष भारत की टीम ने दूसरी पारी में, चार विकेट पर 266 रन से आगे खेलना शुरू किया और बिना कोई और विकेट खोए विजयी लक्ष्‍य तक पहुंच गई. चौथे दिन के नाबाद बल्‍लेबाज साहा और चेतेश्‍वर पुजारा के समक्ष गुजरात के गेंदबाज कोई परेशानी खड़ी नहीं कर पाए. मैच के चौथे दिन पुजारा 83 और साहा 123 रन बनाकर नाबाद थे.
63 रन पर गिर गए थे  शेष भारत के 4 विकेट
शेष भारत की टीम जब 379 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो पहली पारी में उसके हाल को देखने के बाद हर कोई सोच रहा था कि वह मैच गंवा देगी. शुरुआत में ऐसा लगा भी जब  63 रन पर उसके 4 मुख्य बल्लेबाज लौट गए. इसके बाद कप्तान चेतेश्वर पुजारा और ऋद्धिमान साहा ने पारी संभाली और टीम को जीत तक पहुंचा दिया चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पुजारा 83 और साहा 123 रन पर नाबाद थे और इन दोनों के बीच 203 रन की अटूट साझेदारी हो चुकी थी. मैच के चौथे दिन मुश्किल लक्ष्य के सामने शेष भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और ओपनर अखिल हेरवादकर (20) और अभिनव मुकुंद (19) दोनों जल्दी लौट गए. इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में पांचवें टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़कर सुर्खियां बटोरने वाले करुण नायर भी निराश कर गए. उन्होंने 7 रन बनाए.
तिहरा शतक लगा चुके करुण नायर लगातार हो रहे फेल
हेरवादकर ने करण पटेल पर लांग ऑन पर छक्का जड़ा, लेकिन इसी ओवर में ऑफ स्टंप से बाहर जा रही गेंद पर ड्राइव करने के प्रयास में गली में कैच दे बैठे. बाएं हाथ के स्पिनर हार्दिक पटेल ने मुकुंद को शार्ट लेग पर ध्रुव रावल के हाथों कैच कराने के बाद अगले ओवर में नायर का लेग स्टंप उखाड़ा. नायर तिहरा शतक लगाने के बाद अगली 4 पारियों में 50 रन तक नहीं पहुंच पाए हैं. उनका स्थान लेने के लिए उतरे मनोज तिवारी (सात) भी आते ही पैवेलियन लौट गए. उन्होंने मोहित थडानी की गेंद पर विकेटकीपर पार्थिव पटेल को कैच दिया. इससे पहले, गुजरात ने चौथे दिन सुबह अपनी दूसरी पारी आठ विकेट पर 227 रन से आगे बढ़ाई, लेकिन उसने 19 रन के अंदर बाकी बचे दोनों विकेट गंवा दिए और इस तरह से उसकी पारी 246 रन पर सिमट गई थी.

   

...तो बीसीसीआई को चलाएंगे पूर्व दिग्गज इंजीनियर-बेदी

कोलकाता,  भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी और फारूख इंजीनियर सुप्रीम कोर्ट के उस छह सदस्यीय पैनल के हिस्सा हो सकते हैं, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के दैनिक कार्यों की देखरेख करेंगे. इंडिया टुडे ने इस पैनल में उनके चुने जाने की संभावना जताई है, जिसकी शुक्रवार को घोषणा की जा सकती है.
बिशन सिंह बेदी की आयु 70 वर्ष से ज्यादा है, जबकि इंजीनियर भी 78 वर्ष के हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को कैसे लागू किया जा सकता है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे किसी भी शख्स को बीसीसीआई में पद नहीं दिया जा सकता है, जो 70 साल से ज्यादा के हैं.
विनोद राय और रामचंद्र गुहा के भी नाम
इस छह सदस्यीय पैनल में पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय और इतिहासकार रामचंद्र गुहा के नाम भी शामिल हैं. जबकि पैनल के लिए सुझाये गये तीनों क्रिकेटर 70 की उम्र पार कर चुके हैं. यह भी पता पता चला है कि उन दो वकीलों ने लोढ़ा समिति से परामर्श नहीं किया है, जिन्हें शीर्ष अदालत ने नाम प्रस्तुत करने के लिए कहा था. यदि ऐसा मामला है, तो आने वाले दिनों में और अधिक अराजकता की स्थिति आ सकती है. इससे पहले 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई प्रेसिडेंट और अजय शिर्के को सेक्रेटरी के पद से हटा दिया था. कोर्ट ने माना था कि उसके ऑर्डर के बाद भी बीसीसीआई में लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं करने के लिए ये दोनों जिम्मेदार हैं.कोलकाता, 20 जनवरी 2017, अपडेटेड 13:02 IST
भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी और फारूख इंजीनियर सुप्रीम कोर्ट के उस छह सदस्यीय पैनल के हिस्सा हो सकते हैं, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के दैनिक कार्यों की देखरेख करेंगे. इंडिया टुडे ने इस पैनल में उनके चुने जाने की संभावना जताई है, जिसकी शुक्रवार को घोषणा की जा सकती है.
बिशन सिंह बेदी की आयु 70 वर्ष से ज्यादा है, जबकि इंजीनियर भी 78 वर्ष के हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को कैसे लागू किया जा सकता है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे किसी भी शख्स को बीसीसीआई में पद नहीं दिया जा सकता है, जो 70 साल से ज्यादा के हैं.
विनोद राय और रामचंद्र गुहा के भी नाम
इस छह सदस्यीय पैनल में पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय और इतिहासकार रामचंद्र गुहा के नाम भी शामिल हैं. जबकि पैनल के लिए सुझाये गये तीनों क्रिकेटर 70 की उम्र पार कर चुके हैं. यह भी पता पता चला है कि उन दो वकीलों ने लोढ़ा समिति से परामर्श नहीं किया है, जिन्हें शीर्ष अदालत ने नाम प्रस्तुत करने के लिए कहा था. यदि ऐसा मामला है, तो आने वाले दिनों में और अधिक अराजकता की स्थिति आ सकती है. इससे पहले 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई प्रेसिडेंट और अजय शिर्के को सेक्रेटरी के पद से हटा दिया था. कोर्ट ने माना था कि उसके ऑर्डर के बाद भी बीसीसीआई में लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं करने के लिए ये दोनों जिम्मेदार हैं.

   

युवराज सिंह के बाद अब ‘नजफगढ़ के नवाब’ वीरेंद्र सहवाग की होगी वापसी?

नई दिल्ली, युवराज सिंह ने वनडे क्रिकेट में जिस प्रकार तीन साल के बाद वापसी की और अपने करियर की सबसे बड़ी पारी (150 रन) खेली उससे अब एक और विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की वापसी की अटकलें लगाई जा रही हैं.
टीम इंडिया को एक अदद ओपनर की तलाश
पिछले एक साल के दौरान खेली गई 12 पारियों के दौरान भारत की ओर से केवल एक ओपनिंग शतकीय साझेदारी (जिम्बाब्वे के खिलाफ) हुई है. एक साल पहले रोहित शर्मा ने पर्थ में 151 और ब्रिसबेन में 124 रनों की पारी खेली थी तो शिखर धवन का बल्ला भी पिछले साल जनवरी में एक अर्धशतक (मेलबर्न में 68 रन) और एक शतक (कैनबरा में 126 रन) जमाने के बाद से लगभग खामोश रहा है.
बतौर ओपनर धवन और रहाणे नहीं चले
इस बीच शिखर धवन और रोहित शर्मा चोटिल होने की वजह से टीम से बाहर भी रहे. टीम इंडिया ने लोकेश राहुल और अजिंक्य रहाणे से भी पारी की शुरुआत कराई लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ राहुल के एक शतक के अलावा बात नहीं बनी. रोहित जहां अभी भी चोटिल हैं वहीं धवन की टीम में वापसी हुई लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो वनडे में ना तो वो चले और न ही राहुल. शिखर ने 1 और 11 तो राहुल ने 5 और 1 रन की पारी खेली.
क्यों हो सकती है सहवाग की वापसी?
सहवाग ने 251 वनडे मैचों के अपने करियर के दौरान 15 शतक, 38 अर्धशतकों और 35.06 के औसत की मदद से 8273 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 104.33 का रहा. होल्कर स्टेडियम में दिसंबर 2011 में महज 149 गेंदों पर 219 रनों की पारी वनडे में सहवाग का सर्वोच्च स्कोर है. 15 में से 14 शतक और 38 में से 35 अर्धशतक के साथ ही 8273 में से 7518 रन सहवाग ने बतौर ओपनर बनाए हैं. इतना ही नहीं, सहवाग के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में लगभग 17 हजार रन बनाने का अनुभव भी हैं. हालांकि उनकी उम्र 38 साल की हो गई है इस वजह से वो मास्टर्स क्रिकेट में खेलने चले गए थे. लेकिन जब सहवाग पिच पर डटे हों तो उनका खौफ किस कदर गेंदबाजों और विपक्षी कप्तान पर हावी होता है इसे यूं समझा जा सकता है.
सहवाग हैं ‘किंग ऑफ इंटरटेनमेंट’
सहवाग की विस्फोटक बल्लेबाजी पर कमेंटेटर और पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन ने एक बार कहा था कि ‘सहवाग बॉल को हिट करना चाहते हैं तो बॉलर कितना भी अच्छा क्यूं न हो भगवान उसे बचाए जो उनकी राह में खड़ा है.’
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ब्रेट ली ने सहवाग के विषय में कहा था कि ‘इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने भी अनुभवी और बेहतर हैं, सहवाग आपके मनोभाव को तहस नहस कर देगा.’ तो ली के ही टीम मेट ग्लेन मैग्रा का कहना था कि उन्होंने ‘सहवाग जैसा अप्रत्याशित बल्लेबाज अपने करियर में नहीं देखा.’
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा सहवाग को ‘किंग ऑफ इंटरटेनमेंट’ कहा करते थे. वहीं भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर कहते थे कि मुझे सहवाग से नर्वस 90 में खेलना सीखना होगा. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने सहवाग को दुनिया का सबसे निडर बल्लेबाज बताया था.
पाकिस्तान के वकार यूनिस सहवाग के बारे में कहते थे कि ‘आप 298 पर खेल रहे हो इसके बावजूद छक्के से तिहरा शतक बनाते हैं. यह असंभव सा दिखता है. निश्चित ही आप जीनियस हैं.’ दुनिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न सहवाग को अपनी सर्वकालिक टीम में तो रखना और उनकी बल्लेबाजी को देखना चाहते है लेकिन सहवाग के खिलाफ बॉलिंग करना वॉर्न को पसंद नहीं.
सहवाग ने ट्विटर को बनाया बैटिंग पिच
दूसरी तरफ आज कल बल्ले की जगह अपने ट्वीट से धूम मचा रहे सहवाग ने धोनी और युवी की पारी पर बेहतरीन कमेंट किया. उन्होंने धोनी और युवी की तस्वीर के साथ लिखा कि केवल पुराने नोट ही चलन में नहीं रहे और साथ ही उन्हें इस पारी की बधाई दी.
अब जबकि युवराज सिंह वापसी के बाद अपने शानदार फॉर्म में दिख रहे हैं. कप्तान विराट और पूर्व कप्तान धोनी भी अपने बल्ले से रन बरसा रहे हैं. तो मध्यक्रम तो मजबूत दिख रहा है लेकिन टीम को मैच दर मैच अच्छी ओपनिंग की कमी खल रही है. ऐसे में चार साल पहले पाकिस्तान के खिलाफ ईडन गार्डन्स पर अपना आखिरी वनडे खेलने वाले विस्फोटक बल्लेबाज सहवाग के मन में भी कहीं न कहीं वापसी के विचार जगने लगे होंगे. साथ ही उनके प्रशंसकों के दिमाग में भी यह प्रश्न उठने लगे हैं कि क्या अब सहवाग की भी टीम इंडिया में वापसी होगी. इतना ही नहीं, अगर ऐसा होता है तो यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से उन्हें अपने विस्फोटक अंदाज में संन्यास लेने का बेहतरीन मौका भी होगा.

   

किनके हाथ में होगी BCCI की कमान? SC का फैसला आज

नई दिल्ली,  बीसीसीआई का मैनेजमेंट किनके हाथ में होगा, इसका फैसला शुक्रवार दोपहर हो जाएगा.पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी. संभावना है कि इस समूह में कैग और पूर्व क्रिकेटरों के अलावा न्यायपालिका से जुड़े कुछ प्रमुख सदस्यों को भी इसमें शामिल किया जाएगा. गौरतलब हो कि 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को पद से हटा दिया था.
ये हो सकते हैं पैनल के हिस्सा
जब तक नए सिरे से चुनाव नहीं हो जाता, बीसीसीआई को कौन चलाएगा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. प्रशासकों की नयी टीम की घोषणा की जाएगी. संभावना है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मुकुल मुद्गल, पूर्व शीर्ष ब्यूरोक्रैट गोपाल कृष्ण पिल्लई, पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय और पूर्व भारतीय ऑलराउंडर मोहिंदर अमरनाथ पैनल के हिस्सा होंगे.
लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर अमल
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया था कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिश के आधार किपर ऐसे सी भी शख्स को बीसीसीआई में पद नहीं दिया जा सकता जो 70 साल से ज्यादा हो, कोई भी मंत्री, सरकारी कर्मचारी, दोषी व्यक्ति और यहां तक की 9 साल से ज्यादा क्रिकेट में ही एक पद पर न हों.

   

जीत के बाद बोले विराट कोहली, 'अगर हमें अच्छी शुरूआत मिलती तो सोचिए स्कोर क्या होता'

कटक: इंग्लैंड पर शानदार जीत पर कप्तान विराट कोहली खुश तो नज़र आए मगर संतुष्ट नहीं. उन्होंने कहा कि टीम को सलामी बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर अभी और काम करना होगा. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम अपनी क्षमता का पूरा दोहन नहीं कर पा रही है. बता दें कि गुरुवार को खेल गए मैच में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही. टीम ने महज 25 के स्कोर तक तीन अहम विकेट गंवा दिए. अगर युवराज सिंह (150) और महेंद्र सिंह धोनी (134) ने तूफानी साझेदारी नहीं खेली होती तो टीम की हालत कुछ और ही होती. इस बात को लेकर कप्तान ने अच्छी शुरुआत न दिला पाने के लिए सलामी जोड़ी को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
कोहली ने मैच के बाद कहा, 'यदि शीर्ष क्रम ने भी अच्छा प्रदर्शन किया होता तो हम इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे. मुझे हैरानी इस पर हो रही है कि अगर हमें अच्छी शुरूआत मिलती तो फिर हमारा स्कोर क्या होता.' गेंदबाजी पर भी उन्होंने कहा, 'हम जानते थे कि हमें विकेट लेने होंगे लेकिन हम दिन के सबसे मुश्किल समय में गेंदबाजी कर रहे थे.'
उधर, इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने कहा, "हम फिर से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए. इतना करीब पहुंचकर जीत हासिल नहीं करना निराशाजनक है. धोनी और युवराज के लिए गेंदबाजी करना मुश्किल था. हमने बाद में अच्छी चुनौती पेश की. हमें विश्वास था कि हम लक्ष्य हासिल कर सकते हैं. विश्वास था लेकिन हमारे पास उस के लायक कौशल नहीं था."
इस मैच में युवराज को उनकी जबर्दस्त पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया. उन्होंने कहा कि यह उनकी सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक थी. युवराज ने कहा, 'यह संभवत: मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी है. मैंने निचले क्रम के बल्लेबाज के रूप में शुरूआत की थी लेकिन ऊपरी क्रम में आने पर आपको अधिक गेंदें खेलने को मिलती हैं.' युवराज ने कहा कि जब आप 30 के पार हो जाते हैं तो आपको अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है.

   

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