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...तो बीसीसीआई को चलाएंगे पूर्व दिग्गज इंजीनियर-बेदी

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कोलकाता,  भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी और फारूख इंजीनियर सुप्रीम कोर्ट के उस छह सदस्यीय पैनल के हिस्सा हो सकते हैं, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के दैनिक कार्यों की देखरेख करेंगे. इंडिया टुडे ने इस पैनल में उनके चुने जाने की संभावना जताई है, जिसकी शुक्रवार को घोषणा की जा सकती है.
बिशन सिंह बेदी की आयु 70 वर्ष से ज्यादा है, जबकि इंजीनियर भी 78 वर्ष के हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को कैसे लागू किया जा सकता है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे किसी भी शख्स को बीसीसीआई में पद नहीं दिया जा सकता है, जो 70 साल से ज्यादा के हैं.
विनोद राय और रामचंद्र गुहा के भी नाम
इस छह सदस्यीय पैनल में पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय और इतिहासकार रामचंद्र गुहा के नाम भी शामिल हैं. जबकि पैनल के लिए सुझाये गये तीनों क्रिकेटर 70 की उम्र पार कर चुके हैं. यह भी पता पता चला है कि उन दो वकीलों ने लोढ़ा समिति से परामर्श नहीं किया है, जिन्हें शीर्ष अदालत ने नाम प्रस्तुत करने के लिए कहा था. यदि ऐसा मामला है, तो आने वाले दिनों में और अधिक अराजकता की स्थिति आ सकती है. इससे पहले 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई प्रेसिडेंट और अजय शिर्के को सेक्रेटरी के पद से हटा दिया था. कोर्ट ने माना था कि उसके ऑर्डर के बाद भी बीसीसीआई में लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं करने के लिए ये दोनों जिम्मेदार हैं.कोलकाता, 20 जनवरी 2017, अपडेटेड 13:02 IST
भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी और फारूख इंजीनियर सुप्रीम कोर्ट के उस छह सदस्यीय पैनल के हिस्सा हो सकते हैं, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के दैनिक कार्यों की देखरेख करेंगे. इंडिया टुडे ने इस पैनल में उनके चुने जाने की संभावना जताई है, जिसकी शुक्रवार को घोषणा की जा सकती है.
बिशन सिंह बेदी की आयु 70 वर्ष से ज्यादा है, जबकि इंजीनियर भी 78 वर्ष के हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को कैसे लागू किया जा सकता है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे किसी भी शख्स को बीसीसीआई में पद नहीं दिया जा सकता है, जो 70 साल से ज्यादा के हैं.
विनोद राय और रामचंद्र गुहा के भी नाम
इस छह सदस्यीय पैनल में पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय और इतिहासकार रामचंद्र गुहा के नाम भी शामिल हैं. जबकि पैनल के लिए सुझाये गये तीनों क्रिकेटर 70 की उम्र पार कर चुके हैं. यह भी पता पता चला है कि उन दो वकीलों ने लोढ़ा समिति से परामर्श नहीं किया है, जिन्हें शीर्ष अदालत ने नाम प्रस्तुत करने के लिए कहा था. यदि ऐसा मामला है, तो आने वाले दिनों में और अधिक अराजकता की स्थिति आ सकती है. इससे पहले 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई प्रेसिडेंट और अजय शिर्के को सेक्रेटरी के पद से हटा दिया था. कोर्ट ने माना था कि उसके ऑर्डर के बाद भी बीसीसीआई में लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं करने के लिए ये दोनों जिम्मेदार हैं.

 

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