Saturday, November 28
समाचारहरियाणा

कुलपति, रजिस्ट्रार व डिप्टी रजिस्ट्रार सहित कइयों पर केस दर्ज

सिरसा। चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी, की सहायक प्रोफेसर हिमानी शर्मा को गलत तरीके से नौकरी दिए जाने के मामले में पुलिस ने जगाधरी निवासी डा. संभव गर्ग की सबूतों के साथ की गई शिकायत के आधार पर दर्जनों लोगों के खिलाफ एक अक्तूबर को जागारी थाने में केस दर्ज किया है। जगाारी से केस सिविल लाइन थाना सिरसा में फारवर्ड कर दिया गया है। जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उनमें त कालीन कुलपति डा. केसी भारद्वाज, त कालीन रजिस्ट्रार डा. वजीर सिंह नेहरा, त कालीन डि टी रजिस्ट्रार एनसी जैन, त कालीन सहायक रजिस्ट्रार हवा सिंह, विधि अधिकारी बलजीत कुमार शर्मा तथा बजरंग लाल, केके असीजा व मदन सिंह सहायक और अय अधिकारी शामिल हैं। सहायक प्रोफेसर हिमानी शर्मा, जोकि वर्तमान में हरिया ाा स्कूल ऑफ बिजनेस, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टे नोलॉजी, हिसार में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। डा. गर्ग ने बताया कि हिमानी शर्मा को चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में गैर कानूनी तरीके से आपराधिक साजिश के तहत अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा लोक सेवक के रूप में अपनी स्थिति का पूरी तरह दुरुपयोग करके और आपराधिक जालसाजी और धोखाधड़ी करके गलत दस्तावेज सहित रिकॉर्ड बनाकर नियमित आधार पर लेक्चरार के पद पर नियुक्त कर सरकारी खजाने से वर्षों तक वेतन का भुगतान किया और उसे बाद में इस पद पर अवैध तरीके से समायोजित करते हुए कंफर्म कर दिया गया। उहोंने बताया कि वर्ष 2006 में सीडीएलयू ने व्यवसाय प्रशासन के विषय में नियमित आधार पर लेक्चरार के तीन पद विाापित किए थे और 5 अगस्त 2007 को इस पद के लिए साक्षा कार आयोजित किया गया था और तीन उमीदवारों का विधिवत चयन किया गया था और लेक्चरार के पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती, चयन प्रक्रिया और बनी मेरिट सूची के दौरान नियुक्ति के लिए विाापित पदों की सं या में कोई वृद्धि भी नहीं की गई थी और हिमानी शर्मा वा दो अय उमीदवारों को केवल प्रतीक्षा सूची में ही रखा गया था व उनका चयन नहीं किया गया था। हालांकि बाद में प्रतीक्षा सूची का उपयोग करके सिर्फ हिमानी शर्मा को अवैध तरीके से और विश्वविद्यालय अधिनियम का पूर्ण उल्लंघन करके लेक्चरार का कोई पद मौजूद न होने के बावजूद रीडर के ऐसे पद के विरुद्ध लेक्चरार के पद पर लगा दिया गया, जिसके लिए विाापन तक नहीं दिया गया था और बाद में हिमानी शर्मा की अवैध तरीके से लेक्चरार के पद पर पुष्टि कर दी गई और वर्ष 2007 से 2013 तक लगातार राय के खजाने को लाखों रुपये का विाीय नुकसान पहुंचाकर हिमानी शर्मा को वेतन का भुगतान किया गया। यही नहीं यूनिवर्सिटी के लेखा परीक्षा विभाग द्वारा लगाई गई शर्त को भी दूर नहीं किया गया। वर्ष 2013 में हिमानी शर्मा ने इस यूनिवर्सिटी में अपना पद रिजर्व रखवाते हुए गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टे नोलॉजी, हिसार में सहायक प्रोफेसर के पद पर नौकरी शुरू कर दी। यह भी संदेहजनक है कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों ने कभी हिमानी शर्मा को नियमित आधार पर लेक्चरार के पद पर लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी भी दी थी, योंकि उस कार्यवाही पर स्पष्ट रूप से काटने की लाइन मौजूद है, जिसके आधार पर हिमानी शर्मा को नियुक्ति पा जारी किया गया था।

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