Saturday, November 28
हरियाणा

19 किसान संगठन मिलकर 20 सितंबर को करेंगे प्रदेश को बंद: भारूखेड़ा

पल पल न्यूज: सिरसा, 14 सितंबर। केंद्र सरकार के तीन किसान अध्यादेशों व 10 सितंबर को पिपली में किसानों पर हुए बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को जींद में किसान सम्मेलन में 20 सितंबर को प्रदेश को बंद करने का ऐलान किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के 19 किसान संगठन शामिल होंगे। इससे पूर्व 15 सितंबर से लेकर 19 सितंबर तक सभी जिलों में किसान संगठनों द्वारा धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। सरकार के इशारे पर किसानों पर किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है, जो किसी सूरत में बर्दाश्त के योग्य नहीं है। उक्त बातें हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने स्थानीय जाट धर्मशाला में आयोजित किसानों की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। इसके बाद किसानों ने डीसी को अपनी मांगों संबंधी एक ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर प्रहलाद सिंह ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर पिपली में एकत्रित हुए किसानों पर पुलिस की बर्बरता सरकार का निंदनीय कृत्य है। किसानों पर लाठीचार्ज के दौरान कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्होंने पुलिस की वर्दी नहीं पहनी हुई थी। सरकार को इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच करवानी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सरकार द्वारा लागू किए गए तीन अध्यादेशों से देश का किसान बेबस हो जाएगा और व्यापारिक संगठन उसका शोषण करने के लिए स्वतंत्र हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यदि वास्तव में किसानों की हितैषी है तो ऐसा कानून बनाए कि किसान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे ना बिके। किसान नेता जसवीर सिंह भाटी ने कहा कि वैश्विक महामारी के दौरान किसान ही अकेला ऐसा वर्ग है, जिसने देश की अर्थव्यस्था को गिरने से बचाया है। उनका सभी दुकानदारों से भी आह्वान है कि वे अपनी दुकानें न खोलें और इस आंदोलन में किसानों का साथ दें। तमाम मंडियों के आढ़ती भी इस आंदोलन में किसानों के साथ बढ़ चढ?र भाग लेंगे। इस मौके पर सुरेश पूनियां, गुरदीप सिंह झीड़ी, गुरदास सिंह, राजकुमार शाहपुरिया, जगदीश रूपावास, अमरीक सिंह बिश्रोई, भोला सिंह चोरमार, अरविंद रायपुर सहित अन्य किसान उपस्थित थे।

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