Friday, December 4
राष्ट्रीयसमाचार

कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट करवाने के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनेगी

  • स्टाफ सेलेक्शन कमीशन, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग सर्विस पर्सनल की परीक्षाएं अब कॉमन होंगी
  • जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट को लीज पर देने की मंजूरी
  • स्टाफ सेलेक्शन कमीशन, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग सर्विस पर्सनल की परीक्षाएं अब कॉमन होंगी

केंद्रीय कैबिनेट ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट करवाने के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनाने की मंजूरी दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को हुई कैबिनेट के बाद फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट होने से नौकरी तलाश रहे युवाओं को फायदा होगा। जावडेकर ने बताया कि जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत लीज पर देने की मंजूरी भी दी गई है।
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट होने से क्या फायदा होगा?


केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए अभी अलग-अलग एजेंसियां अलग-अलग परीक्षाएं करवाती हैं। कैंडिडेट्स को बार-बार फीस भरनी होती है। टेस्ट सेंटर तक पहुंचने के लिए साल में कई बार लंबी दूरी का सफर करना पड़ता है। अब इससे छुटकारा मिल जाएगा। स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (एसएससी), रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (आरआरबी) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग सर्विस पर्सनल (आईबीपीएस) की पहले स्टेज की परीक्षाएं अब नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी कॉमन करवाएगी।
कॉमन एंट्रेस टेस्ट की मेरिट लिस्ट 3 साल वैलिड रहेगी


सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार की 20 से ज्यादा रिक्रूटमेंट एजेंसी हैं। इनमें से सिर्फ 3 एजेंसियों के एग्जाम कॉमन करवाए जा रहे हैं। मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कॉमन एंट्रेस टेस्ट की मेरिट लिस्ट 3 साल के लिए वैलिड रहेगी। इस दौरान कैंडिडेट अपनी योग्यता और प्राथमिकता के हिसाब से अलग-अलग सेक्टर में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह एक ऐतिहासिक रिफॉर्म है। इससे भर्तियां, सेलेक्शन और जॉब प्लेसमेंट आसान होगा। समाज के उन तबकों का जीवन आसान होगा जो कम सुविधाओं के साथ रह रहे हैं।


banner

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *