Saturday, November 28
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न मंडी व्यवस्था खत्म होगी और न ही समर्थन मूल्य : सुनीता दुग्गल

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पल पल न्यूज: सिरसा, 2 अक्टूबर। सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में किसानों के हितार्थ जो तीन कानून बनाएं हैं, वो पूरी तरह से किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इन कानूनों से किसान कई बंधनों से मुक्त होकर आर्थिक रूप से आजाद होगा। विपक्ष द्वारा किसानों के नाम पर अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए विरोध किया जा रहा है, जबकि ये तीनों कानून पूरी तरह से किसानों के हित में है। किसान इन कानूनों को एक बार पढ़ व समझ लें, ये तीनों कानून उनके हित में हैं। पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर किसानों को तीनों कृषि कानूनों के बारे में बताएं, ताकि कानून के बारे में जो भ्रम किसानों में विपक्ष द्वारा पैदा किया जा रहा है, वह दूर हो सके।
सांसद शुक्रवार को ओढा में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रही थी। इस दौरान बीजेपी जिला अध्यक्ष आदित्य चौटाला सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। सांसद ने कार्यकर्ताओं को कृषि कानूनों के किसानों के हित में होने की जानकारी घर-घर पहुंचाने बारे दिशा-निर्देश दिए तथा उनकी समस्याएं भी सुनी। इस अवसर पर भाजपा महामंत्री विजय वधवा, मंडल अध्यक्ष सतेंद्र गर्ग ओढ़ां, निगरानी कमेटी चेयरमेन पवन गर्ग, चेयरमेन पंचायत समिति मनोज शर्मा, सुरेश पंवार, चेयरमेन विनोद, लखविंद्र, कपिल सोनी, हरजिंद्र सिंह जंडवाला, नवीन रोड़ी, पृथ्वी चंद गर्ग, वकील नथवान, अटल वीर नैन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। तत्पश्चात सांसद सुनीता दुग्गल ने गोरीवाला ग्राम सचिवालय व डबवाली की पंजाबी धर्मशाला में कार्यकर्ताओं की बैठक ली और उनकी समस्याएं भी सुनी।
सासंद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ऐसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनके बारे में आज तक विपक्ष ने सोचा भी नहीं था। इसी कड़ी में तीन कृषि कानून भी किसान के हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है। भारतीय जनता पार्टी हमेशा से ही किसान हितैषी रही है और किसान व हर वर्ग के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच हमेशा किसानों की भलाई के लिए रही है। इसी सोच के चलते प्रधानमंत्री ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। ये जो तीन कृषि कानून बनाए गए हैं, ये कानून इस लक्ष्य की पूर्ति करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि ये तीनों कृषि कानून किसान के जीवन में आर्थिक रूप से बड़ा बदलाव लाएंगे और किसान की आय में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि देशभर के प्रगतिशील किसान संगठन इन कानूनों का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने व सुविधाओं में वृद्धि के उद्देश्य से बनाए गये ये तीनों कानून पूर्ण रूप से किसानों के हित में है। जो किसान विरोधी हैं, वो ही इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं, इनका किसान हित से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों में भ्रम फैलाया जा रहा है कि इन कानूनों के आने से किसानों अथवा आढ़तियों को नुकसान होगा, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। न तो मंढी व्यवस्था खत्म होगी और न ही आढतियों का नुकसान होगा।

किसानों ने किया विरोध
सांसद आज जब ओढ़ां में आयोजित कार्यक्रम में पहुंची तो उन्हें किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। दुग्गल के ओढ़ंा पहुंचने की पूर्व सूचना पर किसान हाथों में काले झंडे लेकर पहुंच गए। जैसे ही सांसद की गाड़ी वहां पहुंची तो किसानों ने गाड़ी को घेर लिया और काले झंडे दिखाकर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने कृषि बिलों का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जिन कृषि बिलों को पारित किया है, वे किसान हित में नहीं है। इसलिए सरकार इन बिलों को वापस ले। हालांकि सांसद के साथ पुलिस बल ने किसानों को वहां से दूर कर दिया और सांसद को कार्यक्रम स्थल पर लेकर गए।

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