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केंद्रीय मंत्री ने कहा-एसवाईएल सुलझने के करीब, कैप्टन बोले-नहर बनी तो जल उठेगा पंजाब

मामले पर पंजाब एवं हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की आज वार्ता के बावजूद यह मामला गर्माता दिख रहा है। वार्ता की मध्यस्थता करने वाले केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह मसला सुलझने के करीब है और अंतिम दौर में है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोलरलाल ने भी वार्ता को सकारात्मक बताया। इसके उलट वार्ता के बाद पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह आक्रामक तेवर में नजरी आए। कैप्टन ने कहा कि यदि एसवाईएल नहर बनी तो पंजाब में आग लग जाएगी और यह राष्ट्रीय मुद्दा बन जाएगा।
बता दें कि एसवाईएल विवाद मामले पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच आज वार्ता का पहला दौर पूरा हुआ। बातचीत का दूसरा दौर एक सप्ताह बाद होगा। इसकी मध्यस्थता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की। वार्ता के बाद शेखावत ने कहा कि 45 साल पुराना यह विवाद सुलझने ने करीब है। मनोहरलाल ने कहा कि इस मुद्दे को हम सुलझा कर ही दम लेंगे।


एसवाइएल नहर बनी तो पंजाब में भड़की आग बनेगी राष्ट्रीय समस्या:पंजाब
दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चंडीगढ़ में कहा कि हमें इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा के परिपेक्ष्य में देखना चाहिए। यदि हम सतलुज यमुना लिंक नहर के निर्माण को लेकर आगे बढ़े तो पंजाब जल उठेगा और यह राष्ट्रीय समस्या बन जाएगा। इसकी आंच हरियाणा और राजस्थान पर भी पड़़ेगी। उन्होंने कहा कि मैंने हरियाणा के सीएम और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को इस बारे में साफ बता दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पुराने रुख को दोहराया, कहा- पानी में 60-40 का बंटवारा नहीं
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, मैंने आज की वार्ता में हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री को बता दिया कि पंजाब और हरियाणा मेें संसाधनों का बंटवारा 60-40 के अनुपात में हुआ था, लेकिन इसमें नदी जल शामिल नहीं है। वे पानी के बंटवारे को लेकर रावी, ब्यास और सतलुज को तो शामिल करते हैं, लेकिन इसमें यमुना नदी को शामिल नहीं करते।


जल्द खत्म होगा विवाद: केंद्रीय मंत्री
बता दें कि एसवाईएल नहर निर्माण विवाद पर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बीच केंद्र सरकार की मध्यस्थता में आज शाम तीन बजे के बाद बातचीत शुरू हुई। वार्ता का पहला दौर ख़त्म होने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस मामले का हल जल्द होने की उम्मीद जताई। दोनों नेताओं ने बताया कि एक सप्ताह के बाद अगले दौर की बातचीत होगी। इसमें अंतिम निर्णय पर पहुंचा जाएगा। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि दोनों राज्यों में खुले मन से इस 45 साल पुराने विवाद पर बातचीत की है। इस विवाद को सुलझाने के लिए किसी नए फ़ार्मूले के बारे में विचार किए जाने के संदर्भ में शेखावत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सभी फ़ार्मूलों पर पहले ही चर्चा हो चुकी है। अब यह मामला सुलझने के अंतिम दौर में है।


बता दें कि आज की वार्ता सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हरियाणा के पक्ष फैसला दिया था, लेकिन पंजाब ने अपने यहां पानी न होने की बात कह कर इस पर अमल से इन्कार कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह दोनों राज्यों के बीच बातचीत कराकर इस विवाद का निपटारा करवाए।

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