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कैमला की तरफ बढ़े प्रदर्शनकारी किसानों को ग्रामीणों वापिस खदेड़ा

किसानों ने विधायक के आवास के घेराव का किया था ऐलान

पल पल न्यूज: घरौंडा, 8 जनवरी (प्रवीण कुमार )। विधायक आवास के घेराव को छोड़ कैमला में होने वाले प्रदेश मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों में खलल डालने के लिए कैमला की तरफ बढ़े प्रदर्शनकारियों को ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। कैमला के हजारों ग्रामीणों ने प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना तो दूर गांव में ही घुसने नहीं दिया। ग्रामीणों ने किसानों के जत्थे को खदेड़ते हुए गांव की सीमा से बाहर कर दिया। ग्रामीणों ने किसानों को दो टूक कहा कि उनके धार्मिक स्थल पर किसान महापंचायत हो रही है और वे अपने गांव में होने वाले कार्यक्रम में खलल बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई इस तीखी नोंकझोंक के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। करनाल आईजी भारती अरोडा, डीसी निशांत, एसपी गंगाराम पुनिया व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

10 जनवरी को प्रदेश मुख्यमंत्री कैमला गांव में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। बसताड़ा टोल प्लाजा पर कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने इस महापंचायत के विरोध का ऐलान किया है। अपने पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत विधायक हरविंद्र कल्याण के आवास का घेराव करने के लिए भारी संख्या में किसान बसताड़ा टोल प्लाजा पर एकत्रित हुए। किसानों के अल्टीमेटम के बाद विधायक के फार्म हाउस को छावनी में तबदील कर दिया गया था। भारी सं या में पुलिस की गाडिय़ों व पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने विधायक के आवास की बजाए कैमला गांव में सीएम के कार्यक्रम को लेकर चल रही तैयारियों में खलल डालने की मंशा से कैमला गांव की ओर अपना रूख कर लिया। पौने 12 बजे किसानों का जत्था ट्रैक्टर-ट्रालियों, कारों, मोटरसाईकिलों, जीप और कंबाइन मशीनों के साथ कैमला गांव की तरफ बढ़ गए। किसानों को रोकने के लिए गढ़ी मुल्तान गांव के पास पुलिस टीम द्वारा बेरिकेटिंग की हुई थी लेकिन बेरिकेटिंग को तोड़कर किसान आगे बढ़े तो पुलिस ने भारी वाहनों को सड़क के बीचों बीच खड़ा कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपने वाहनों को वहीं पर खड़ा किया और पैदल आगे बढ़े।

भारी पुलिस बल तैनात किया

प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचनें से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने करीब एक किलोमीटर पहले वाटर कैनन व भारी पुलिस बल तैनात किया हुआ था। स्थिति को देखते हुए अनुमान था कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव उत्पन्न हो सकता है लेकिन यहां पहुंचनें से पहले ही प्रदर्शनकारियों का सामना ग्रामीणों से हो गया। ग्रामीणों ने गांव के मेन अड्डे पर ही प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। ग्रामीणों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने किसानों को आगे बढऩे ही नहीं दिया और उन्हें खदेड़ते हुए गांव से करीब एक किलोमीटर दूर तक छोड़कर आए। ग्रामीणों ने कहा कि वे भी किसान है लेकिन इस तरह से किसी कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न कर विरोध करना सही नहीं है। ग्रामीण इसे कतई सहन नहीं करेंगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी बैरंग वापिस लौट गए।

तीनों कृषि कानून किसान हितैषी है: विधायक

विधायक हरविंद्र कल्याण ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो तीन कृषि कानून बनाए है वह किसान हितैषी है। अगर किसानों को किसी तरह की भ्रांति है तो उसके संशोधन को लेकर किसान और सरकार की वार्ता चल रही है और आने वाला समय में इसका हल भी निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि जो कृषि कानून बनाए गए है वह लंबे अर्से के अध्ययन के बाद बनाए गए है। उन्होंने कहा कि जो किसान धरना दे रहे है वे भी भाई है और जो किसान पंचायत कर रहे है वह भी हमारे भाई है। इसी तरह से विरोध करना सही नहीं है।

किसानों के नाम पर अड़चन लगाने वालों पर होगी सख्ताई:एसपी

पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने बताया कि 10 जनवरी को कैमला गांव में मु यमंत्री का कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के लिए कैमला गांव के लोग आयोजक हैं, वह इस कार्यक्रम को भव्य रूप से करवाना चाहते हैं। कार्यक्रम भव्य हो इसके लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं, परंतु किसानों के नाम पर कुछ लोग अड़चन लगाना चाहते हैं, सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जब कैमला व आसपास के लोग मु यमंत्री का कार्यक्रम करवाना चाहते हैं तो दूसरे लोगों को क्या दिक्कत है। अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी, इसके लिए व्यापक पुलिसबल तैनात रहेगा।

सांसद संजय भाटिया ने कैमला गांव में जाकर स्थिति का लिया जायजा

मु यमंत्री मनोहर लाल का 10 जनवरी को कैमला गांव में किसान महापंचायत का कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम को कुछ लोग रद्द करवाना चाहते हैं परंतु कैमला सहित आसपास के किसान मु यमंत्री के इस कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करना चाहते हैं जिसके लिए आज बाहरी लोग कैमला में आकर कार्यक्रम को रद्द करवाने का धक्कामस्ती करने के लिए गांव में आए। गांव के किसानों ने इन बाहरी लोगों को इस बात के लिए वापिस भेज दिया कि हम भी किसान हैं और हम मु यमंत्री के किसान महापंचायत कार्यक्रम को करवाना चाहते हैं। विधायक हरविन्द्र कल्याण इस कार्यक्रम के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं।

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